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High Triglycerides Effects on Kidney: हार्ट को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टर अक्सर हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसी समस्याओं को कंट्रोल रखने की सलाह देते हैं। वहीं ट्राइग्लिसराइड का बढ़ा हुआ स्तर भी हार्ट को नुकसान पहुंचाता है और इसलिए डॉक्टर हार्ट के मरीजों को खासतौर पर अपने ट्राइग्लिसराइड लेवल पर नजर रखने की सलाह देते हैं। आज के समय में गलत खानपान, ज्यादा तला-भुना खाना, मीठा और कम चलना-फिरना शरीर में ट्राइग्लिसराइड बढ़ने की बड़ी वजह बन गया है। आमतौर पर लोग मानते हैं कि हाई ट्राइग्लिसराइड्स सिर्फ दिल की बीमारी से जुड़ा होता है, लेकिन इसका असर किडनी पर भी पड़ता है। डॉ. शिल्पी तिवारी सीनियर कंसल्टेंट यूरोलॉजी, शारदा केयर हेल्थसिटी ने ट्राइग्लिसराइड के बढ़ते लेवल से किडनी पर पड़ने वाले असर के बारे में कुछ खास जानकारियां दी। इस लेख में हम आपको इसी बारे में कुछ खास जानकारियां देने वाले हैं।
जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया है कि हाई ट्राइग्लिसराइड न सिर्फ हार्ट को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि साथ ही साथ किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुंचाता है। जब ट्राइग्लिसराइड्स लेवल लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो खून की नलियां सख्त व संकुचित होने लगती हैं। इस कारण कारण से किडनी को पर्याप्त मात्रा में खून नहीं मिल पाता है और इससे किडनी के काम करने की क्षमता कम हो जाती है। नलियां खराब होने से किडनी तक सही मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता, जिससे किडनी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।

अगर लंबे से किसी व्यक्ति के शरीर में ट्राइग्लिसराइड का लेवल बढ़ा हुआ है, तो इससे हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी क्रोनिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ये क्रोनिक बीमारियां अगर विकसित हो जाएं तो उनका सीधा असर भी किडनी के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
जिन लोगों को पहले से ही ट्राइग्लिसराइड की समस्या है और अक्सर उनका ट्राइग्लिसराइड लेवल ज्यादा बढ़ जाता है। उनके लिए किडनी का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। इसलिए अगर आपके परिवार में किसी का ट्राइग्लिसराइड बार-बार बढ़ रहा है, तो इसका लेवल को कम करने के लिए खास जीवनशैली में बदलाव करने चाहिए और सही डाइट लेते रहना चाहिए। इसके साथ-साथ किडनी की सुरक्षा को बढ़ाए रखने के लिए भी कुछ तरीके अपनाए जा सकते हैं, जिनके बारे में आप इस लेख में जानेंगे -
पर्याप्त पानी पीते रहे - किडनी को अंदर से साफ रखने और उसमें टॉक्सिन जमा होने से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना बेहद जरूरी होता है।
नियमित रूप से एक्सरसाइज - सेडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण किडनी काफी ज्यादा प्रभावित होती है, इसलिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करते रहना चाहिए।
संतुलित भोजन - सही समय पर संतुलित भोजन करना भी किडनी को हेल्दी रखने में मदद करता है, क्योंकि इससे किडनी को समय-समय पर पोषक तत्व मिलते रहते हैं।
धूम्रपान व शराब से दूर रहें - शराब व धूम्रपान ये दोनों ही न सिर्फ लिवर के दुश्मन हैं, बल्कि किडनी को भी अंदर से नुकसान पहुंचाते हैं। अगर शराब पीते हैं या फिर धूम्रपान करते हैं, तो आज ही इन आदतों को छोड़ दें।
पेन किलर डॉक्टर की सलाह से ही लें - आजकल थोड़ी सी समस्या होते ही हम बिना डॉक्टर से पूछे खुद ही पेनकिलर लेने लग जाते हैं, जबकि यह प्रैक्टिस गलत है और इससे किडनी प्रभावित हो सकती है।
नियमित रूप से चेकअप कराते रहें - किडनी की भी समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए, इसलिए किसी अच्छे यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें।
हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि बढ़ा हुआ ट्राइग्लिसराइड लेवल सिर्फ किडनी को ही प्रभावित करे, इससे शरीर के किसी अन्य अंग को भी नुकसान पहुंचा सकता है। खासतौर पर अगर ट्राइग्लिसराइड का लेवल लंबे समय से बढ़ा हुआ है, तो इससे स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं और इसलिए इसे इग्नोर करना अच्छा विकल्प नहीं माना जाएगा।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।