लंबे समय तक भूखे रहने के कारण पित्ताशय में पथरी का खतरा क्यों बनता है?

Gallstone Risk Factors: पित्त में पथरी बनने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिनमें से एक है लंबे समय तक भूखे रहना या खाली पेट रहना। इस लेख में एक्सपर्ट से जानेंगे कि लंबे समय तक भूखे रहने से कैसे खाली पेट पथरी बन सकती है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : April 17, 2026 5:33 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Tarun Singh

Khali Pet Rahne ke Nuksan: आजकल पित्त की थैली में पथरी यानी गॉलस्टोन के मामले काफी ज्यादा देखे जा रहे हैं, जिसके अंदरूनी कारण कई अलग-अलग हो सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स अक्सर इसे खराब जीवनशैली व खानपान से भी जोड़ते हैं और कई बार जेनेटिक कंडीशन्स से भी जोड़ते हैं। शारदाकेयर-हेल्थसिटी के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तरुण सिंह ने आजकल कई लोग वजन कम करने या व्यस्त दिनचर्या के कारण लंबे समय तक खाना नहीं खाते। लेकिन यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। हमारे शरीर में पित्ताशय (गॉलब्लैडर) एक छोटा सा अंग होता है, जो पित्त (Bile) को जमा करके रखता है। यह पित्त खाने को पचाने में मदद करता है, खासकर तेल और वसा वाले भोजन को। जब हम समय पर खाना खाते हैं, तो पित्ताशय सिकुड़ता है और पित्त को बाहर निकालता है। लेकिन जब हम लंबे समय तक भूखे रहते हैं, तो यह प्रक्रिया सही से नहीं हो पाती और पित्ताशय में पित्त जमा होता रहता है।

पित्ताशय में पथरी कैसे बनती है?

जब पित्त लंबे समय तक पित्ताशय में जमा रहता है, तो वह गाढ़ा होने लगता है। इसमें मौजूद कोलेस्ट्रॉल और अन्य तत्व छोटे-छोटे कणों में बदल जाते हैं, जो धीरे-धीरे पथरी का रूप ले लेते हैं और इससे पित्त की थैली में पथरी बन जाती है। लंबे समय तक भूखे रहना, क्रैश डाइटिंग करना, बहुत कम कैलोरी लेना या अचानक वजन कम करना ये सभी कारण पित्ताशय की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं। सके अलावा भी कुछ कारण हो सकते हैं, जिनसे पित्त में पथरी बन सकती है जैसे -

  • अनियमित खानपान
  • ज्यादा तला-भुना खाना
  • मोटापे की समस्या
  • कम पानी पीना

खासकर वे लोग जो दिन में एक या दो बार ही खाना खाते हैं या लंबे गैप रखते हैं, उनमें यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।

पित्त में पथरी के लक्षण

पित्ताशय में पथरी होने पर पेट के दाईं तरफ तेज दर्द हो सकता है और ऐसा आमतौर पर खाना खाने के बाद ज्यादा देखा जाता है। बाईं तरफ दर्द होने के साथ-साथ मतली, उल्टी, पेट फूलना, अपच और भारीपन महसूस होने जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। कई बार पथरी लंबे समय तक बिना किसी लक्षण के भी रह सकती है, इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है। इसके अलावा कुछ लोगों कुछ अलग लक्षण भी साथ में देखे जा सकते हैं, जो आमतौर पर स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

बचाव कैसे करें?

पित्त में पथरी बनने से बचाव करने के लिए यह भी बहुत जरूरी है कि आप हेल्दी और बैलेस्ड डाइट लें और सही समय पर खाना खाएं। लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें और दिन में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई बार खाना खाएं। ज्यादा तला-भुना और फैटी खाना कम करें, फाइबर युक्त आहार लें और रोज पर्याप्त पानी पिएं। नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली भी पित्ताशय को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

यह समझना बहुत जरूरी है कि लंबे समय तक भूखा रहना या बहुत कम खाना हमेशा हेल्दी नहीं होता। सही समय पर सही मात्रा में भोजन करना ही शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है। छोटी-छोटी गलत आदतें आगे चलकर बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं, इसलिए समय रहते अपनी जीवनशैली में सुधार करना बेहद जरूरी है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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