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स्ट्रेस किस तरह से बॉडी में इन्फ्लेमेशन बढ़ाता है और इस से किन बीमारियों का खतरा बढ़ता है?

तनाव एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आप मानसिक रूप से दबाव महसूस करते हैं और रिलैक्स फील नहीं कर पाते हैं। लंबे समय तनाव रहना आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है, क्योंकि क्रोनिक स्ट्रेस से बॉडी में इन्फ्लेमेशन बढ़ सकती है।

Written By Mukesh Sharma
Published : June 4, 2026 6:38 PM IST

chronic stress and body inflammation (Image Credit: chatgpt)

तनाव महसूस होना यानी स्ट्रेस आपको परेशान करने वाली सिर्फ एक बुरी सी भावना नहीं है, बल्कि यह शरीर को अंदर ही अंदर कई अलग-अलग तरीके से डैमेज भी करता है जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अगर लंबे समय से तनाव है और आप उसे संभाल नहीं पा रहे हैं तो इससे आपका मानसिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। डॉ. खुशबू हातेकर, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ न्यूरोलॉजी DPU Super Specialty Hospital, Pimpri, Pune के अनुसार न्यूरोलॉजी विभाग में अक्सर मरीज कई तरह की अलग-अलग बीमारियां लेकर आते हैं जैसे माइग्रेन, गंभीर थकान और याददाश्त से जुड़ी समस्याएं आदि। वे इस उम्मीद में आते हैं कि उन्हें न्यूरोइमेजिंग टेस्ट आदि की मदद से अंदर की जुड़ी समस्याएं जैसे घाव या गांठ आदि का पता चल जाएगा। लेकिन बहुत ही कम मामलों में देखा जाता है, क्योंकि ऐसी स्थितियों में शारीरिक संरचना में बहुत ही कम मामलों में किसी भी प्रकार का बदलाव देखा जाता है।

लंबे समय तक तनाव का असर

अगर कोई मरीज लंबे समय से तनावग्रस्त है, तो ऐसे में उसका न्यूरल सरक्यूट्री सिस्टम ऐसी ही हाइपर-अराउज़ल स्टेट में लॉक हो जाता है। एमिग्डाला (amygdala) जो ब्रेन के बीच में स्थित एक बेहद छोटी सी संरचना होती है, वह भी हाइपरएक्टिव हो जाती है और लगातार हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) को उत्तेजित करती है, जिसके परिणामस्वरूप कोर्टिसोल का लगातार अत्यधिक स्राव होता है। समय के साथ, न्यूरोएंडोड्राइन ग्लैंड सक्रिय होने के कारण भी अन्य कई समस्याएं पैदा होती हैं।

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तनाव से अन्य बीमारियों का खतरा

लंबे समय तक तनाव रहने से शरीर में इन्फ्लेमेशन लगातार बढ़ी रहती है और उसका असर शरीर के अंदरूनी अंगों पर भी पड़ने लगता है। लंबे समय से इन्फ्लेमेशन होने से हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा कई क्रोनिक बीमारियों होने का खतरा भी बढ़ सकता है जैसे डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां भी शामिल हैं हालांकि, यह बात नोट करने की है कि तनाव से सीधे तौर पर ये बीमारी नहीं होती हैं बल्कि सिर्फ कुछ स्थितियों में खतरा बढ़ता है।

तनाव कम कैसे करें

अब शायद आप समझ भी गए होंगे कि मानसिक तनाव बेहद खतरनाक है और इसे कंट्रोल करना बेहद जरूरी भी है। स्ट्रेस को कुछ इस प्रकार से कंट्रोल किया जा सकता है -

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पूरी नींद लें - अगर आप पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं और ऐसा लंबे समय से हो रहा है तो यह मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी पैदा कर सकता है। इसलिए अगर आपकी नींद पूरी नहीं हो रही है या फिर आप गलत समय पर सोते हैं तो यह स्ट्रेस को बढ़ा सकता है।

मेडिटेशन करें - स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए मेडिटेशन करना सबसे पावरफुल तरीकों में से एक है, हो सकता है कि आपको शुरुआत में मेडिटेशन करने में थोड़ी दिक्कत आए। लेकिन कोशिश करते रहने से धीरे फोकस बढ़ने लगता है और आपको उसके फायदे भी दिखने लगते हैं।

सही डाइट लें - आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए डाइट यानी आपका खानपान एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए जितना हो सके घर का हेल्दी खाना ही खाएं और दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं। जंक फूड्स व अन्य बाहर की चीजें न खाएं।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल तनाव से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।