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किस उम्र के बाद तनाव और खराब जीवनशैली आपकी फर्टिलिटी को प्रभावित करने लगते हैं

उम्र के बाद तनाव, बिगड़ा खान-पान और खराब दिनचर्या आपकी फर्टिलिटी का सबसे बड़ा दुश्मन बन जाते हैं। इस लेख में जानेंगे किस प्रकार बढ़ती उम्र के साथ-साथ जीवनशैली भी आपकी हेल्थ को प्रभावित कर रही होती है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : July 30, 2026 11:10 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Unnati Mamtora

एक महिला की फर्टिलिटी कुछ स्थितियों के प्रति बहुत संवेदनशील हो सकती है और उनसे प्रभावित हो सकती है जिसमें मुख्य रूप से महिला की फर्टिलिटी पर उम्र, ओव्यूलेशन, पहले से मौजूद मेडिकल कंडीशन और रोजमर्रा की लाइफस्टाइल आदि और यहां तक कि पुरुष की स्पर्म क्वालिटी का असर भी कहीं न कहीं महिला की फर्टिलिटी को प्रभावित करता है। Aksigen IVF की फर्टिलिटी चीफ डॉ. उन्नति ममतोरा के अनुसार रोजाना के जीवन में होने वाली कठिनाइयां भी कहीं न कहीं महिला की फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं जैसे क्रोनिक स्ट्रेस, सही नींद न लेना, दिन का ज्यादातर समय बैठ कर बिताना और मेटाबॉलिक हेल्थ जुड़ी समस्याएं आदि। इसके अलावा आजकल कुछ महिलाएं करियर के चक्कर में पेरेंट्स बनने का फैसला देर से करती हैं, जिसका असर भी कहीं न कहीं महिला की फर्टिलिटी हेल्थ पर जरूर पड़ता है। हालांकि, अब मेडिकल साइंस फर्टिलिटी को प्रभावित करने वाले इन आम जीवन के फैक्टर्स को समझ रहा है।

उम्र के साथ-साथ एग क्वालिटी पर असर

महिलाओं में उम्र के साथ-साथ अंडों की संख्या तो कम होती ही है साथ-साथ उनकी क्वालिटी भी धीरे-धीरे कम होने लगती है और यह प्रोसेस पूरी तरह से नेचुरल है। महिलाओं में उम्र के साथ-साथ फर्टिलिटी कमजोर होने के पीछे एक यह भी कारण हो सकता है, क्योंकि अंडों की गुणवत्ता गर्भधारण की प्राकृतिक क्षमता और प्रजनन क्षमता दोनों को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी होता है।

प्रजनन क्षमता उम्र पर कितनी निर्भर

जिस प्रकार उम्र के साथ-साथ हमारे शरीर के सभी अंग बूढ़े होकर कमजोर पड़ने लग जाते हैं और हमारी शरीर की सभी प्रक्रियाएं जैसे इम्यून सिस्टम, डाइजेशन सिस्टम और मेटाबॉलिज्म आदि भी धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगते हैं उसी प्रकार फर्टिलिटी पर भी इसका असर पड़ता है। भारत में आज कई कपल्स अपने करियर, स्टडी या किसी अन्य कारण से गर्भधारण करने में देरी कर देते हैं। ऐसे में कई बार उम्र के साथ-साथ फर्टिलिटी कमजोर होने पर बाद में गर्भधारण करने में दिक्कत आने लगती है।

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32 के बाद फर्टिलिटी पर असर

PubMed की पर पब्लिश की गई एक रिसर्च के अनुसार महिलाओं की प्रजनन क्षमता लगभग 32 की उम्र के बाद धीरे-धीरे कम होने लग जाती है और 37 की उम्र के बाद प्रजनन क्षमता और तेजी से कमजोर पड़ने लग जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि समय के साथ एग्स की संख्या और उनकी गुणवत्ता, दोनों स्वाभाविक रूप से कम होने लगती हैं। 32 की उम्र के बाद सिर्फ फर्टिलिटी ही कमजोर नहीं होती बल्कि मिसकैरेज जैसी समस्याओं का खतरा भी काफी हद तक बढ़ जाता है।

क्या है इसका ट्रीटमेंट

फर्टिलिटी का सही समय तो सबसे जरूरी है, हालांकि, अगर किसी कारण से कोई महिला 32 की उम्र के बाद गर्भधारण करने की कोशिश कर ही है और हो नहीं पा रहा है तो उसके लिए भी कुछ ट्रीटमेंट विकल्प मौजूद हो सकते हैं। असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) इसमें से एक है। हालांकि, जिन महिलाओं की उम्र अभी सही है, लेकिन उन्हें पैरंटहुड को कुछ समय के लिए टालना है, तो उनके लिए एग फ्रीजिंग या एंब्रियो फ्रीजिंग विकल्प काफी फायदेमंद हो सकते हैं।

fertility and stress fertility and stress

फर्टिलिटी का इमोशनल हेल्थ से कनेक्शन

जिस प्रकार इनफर्टिलिटी किसी महिला या पुरुष के लिए सिर्फ एक शारीरिक स्वास्थ्य समस्या न रहकर उसके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का हिस्सा भी बन जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनफर्टिलिटी के कारण कई निराशा और समाज के दबाव में आ जाते हैं।

PLOS One में प्रकाशित एक स्टडी, जिसमें उत्तर भारत की इनफर्टिलिटी से जूझ रही महिलाओं को शामिल किया गया था, बताती है कि उनमें सामान्य महिलाओं की तुलना में स्ट्रेस, एंग्जायटी और डिप्रेशन का स्तर काफी अधिक पाया गया। इसकी वजह केवल गर्भधारण में कठिनाई नहीं, बल्कि उससे जुड़ा सामाजिक और सांस्कृतिक दबाव भी है।

स्ट्रेस का आईवीएफ पर असर

हालांकि, मौजूदा वैज्ञानिक प्रमाण यह नहीं बताते कि सिर्फ स्ट्रेस ही इनफर्टिलिटी या IVF फेल्योर का कारण है। लेकिन फिर भी, इमोशनल हेल्थ पूरी फर्टिलिटी जर्नी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और लगातार रहने वाला स्ट्रेस व्यक्ति की क्वालिटी ऑफ लाइफ, रिश्ते, नींद और ओवरऑल हेल्थ को प्रभावित कर सकता है।

डिसक्लेमर: इनफर्टिलिटी के पीछे बहुत से अलग-अलग कारण हो सकते हैं और इस लेख का उद्देश्य सामान्य लाइफस्टाइल का फर्टिलिटी हेल्थ पर पड़ने वाले असर के बारे में बताना है। हालांकि, इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।