
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 11, 2025 12:54 PM IST
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम या आईबीएस (IBS) डाइजेस्टिव हेल्थ से जुड़ी एक प्रॉब्लम है और भारत में लोगों में यह काफी कॉमन होती है। इस बीमारी से लाखो लोग परेशान हैं। यह एक ऐसी समस्या है जो शारीरिक और मानसिक स्तर पर आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। वहीं, अब यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। एक और बात जो ध्यान देने लायक है वह यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में आईबीएस की समस्या अधिक देखी जाती है। मुंबई के सैफी हॉस्पिटल और अपोलो हॉस्पिटल की कंसल्टेंट बैरिएट्रिक और लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अपर्णा गोविल भास्कर(Dr. Aparna Govil Bhasker, Bariatric Surgeon, Laparoscopic Surgeon,General Surgeon, Saifee Hospital, Mumbai and Apollo Hospitals, Navi Mumbai) कहती हैं कि मॉडर्न लाइफस्टाइल में लोग बढ़ते तनाव और अनहेल्दी इटिंग हैबिट्स से खुद को बचा नहीं पाते। वहीं, फिजिकल एक्टिविटीज की कमी वाली दिनचर्या के कारण आईबीएस जैसी समस्याओं का रिस्क बढ़ जाता है। आईबीएस जैसी समस्याओं से बचने और लोगों की क्वालिटी ऑफ लाइफ सुधारने के लिए इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के बारे में लोगों की जानकारी बढ़ाना महत्वपूर्ण है। डॉ. अपर्णा बता रही हैं कि आईबीएस आपकी ओवरऑल हेल्थ को कैसे प्रभावित करती है और इससे बचाव के उपाय क्या हैं।
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम आंतों से जुड़ा हुआ एक प्रकार का विकार है जिसमें आंतों के कार्य में होनेवाले बदलावों के कारण पेट में दर्द होने लगता है। इससे लोगों के डेली रूटीन पर असर पड़ सकता है और उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ में भी गिरावट आ सकती है। आईबीएस में मरीजों को एसिडिटी, एसिड रिफ्लक्स और अल्सरेटिव कोलाइटिस और क्रोहन डिजिज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, डाइजेशन से जुड़ी ये परेशानियां भी बार-बार हो सकती हैं-
आंतों और ब्रेन के बीच एक कनेक्शन होता है। बहुत अधिक तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन आंत के कार्यों को बाधित कर सकते हैं। इससे आईबीएस के लक्षण ट्रिगर हो जाते हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल की भागदौड़ अक्सर क्रोनिक तनाव का कारण बनती है।
सही आहार आंत के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रोसेस्ड फूड्स,बहुत अधिक मीठी चीजों का सेवन, कैफीन वाले ड्रिंक्स जैसे चाय और कॉफी का सेवन, डाइट में कम फाइबर की मात्रा और अनहेल्दी कार्ब्स का सेवन अधिक मात्रा में करने से डाइजेस्टिव सिस्टम पर नेगेटिव असर पड़ता है। इसी तक अनियमित समय पर भोजन करना और फास्ट फूड का अधिक सेवन भी आईबीएस के मामलों में बढ़ोतरी का कारण बना है।
आपकी आंत की हेल्थ संतुलित माइक्रोबायोम पर भी निर्भर करता है। एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक उपयोग, बार-बार संक्रमण और डाइट के कारण बैक्टीरिया के कार्य में अड़चन आती है। इससे आईबीएस का खतरा बढ़ जाता है।
शारीरिक गतिविधि की कमी पाचन शक्ति को स्लो बना देता है। इससे, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के लक्षण बढ़ सकते हैं। इससे बचने के लिए फिजिकली एक्टिव रहने और पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए कोशिश करनी चाहिए।
आजकल ज़्यादातर लोगों को किसी ना किसी प्रकार की फूड सेंसिटिविटी होती है। डेयरी प्रॉडक्ट्स से एलर्जी, फ्रुक्टोज़ और ग्लूटेन इनटॉलरेंस जैसी समस्याएं आजकल लोगों में कॉमन हो चली हैं। फूड सेंसिटिविटी (Food sensitivity) के कारण थकान, चिंता और नींद से जुड़ी गड़बड़ियां भी होती है। ये सभी IBS की समस्या को और भी गंभीर बना सकती हैं।
फलों, सब्जियों और साबुत अनाज के माध्यम से अपनी डाइट में फाइबर (Fiber rich foods) की मात्रा बढ़ाएं। हेल्दी गट के लिए गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देने के लिए प्रोबायोटिक्स शामिल करें। समय पर भोजन करें। पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए ढेर सारा पानी पिएं। मसालेदार, फैटी और प्रोसेस्ड फूड्स खाने से ये समस्याएं ट्रिगर हो सकती हैं। इसीलिए, इनके सेवन से बचें।
योग, ध्यान और प्राणयाम या डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज जैसी रिलैक्सिंग टेक्निक्स का अभ्यास करें। पर्याप्त नींद लें और मेंटल हेल्थ को बढ़ाने के लिए अलग-अलग एक्टिविटीज में हिस्सा लें।
पाचन शक्ति बढ़ाने और ओवरऑल हेल्थ को सुधारने के लिए रेग्यूलर एक्सरसाइज करें। वॉक पर जाएं, रस्सी कूदने और साइकलिंग या स्वीमिंग जैसी एक्टिवटीज भी ओवरऑल हेल्थ के लिए अच्छी एक्सरसाइज हैं। साथ ही ये बाउल मूवमेंट बढ़ाती हैं और आईबीएस के लक्षण कम करते हैं।
आप उन फूड्स का सेवन करने से बचें जिनसे आपके आईबीएस के लक्षण ट्रिगर होते हैं।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।