
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Vaibhav Mishra
Cardiothoracic surgery (AI generated)
मेडिकल साइंस लगातार नई-नई तकनीकें लेकर आ रहा है और पहले से मौजूद तकनीकों में सुधार कर रहा है। कार्डियोथोरेसिक सर्जरी जिसमें सबसे जटिल सर्जिकल प्रोसीजर्स में से एक माना जाता था आज के समय में पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित हो चुकी है। इसमें कोई शक नहीं है कि मेडिकल साइंस ने इस तरह की सर्जिकल प्रोसीजर को पहले की तुलना में काफी आसान बना दिया है और इससे होने वाली जटिलताएं भी पहले से काफी कम हो गई हैं। लेकिन फिर भी ऑपरेशन के बाद मरीज की देखभाल उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितना कि सर्जिकल प्रोसीजर। कई बार मरीज अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद खुद को बेहतर महसूस करने लगते हैं और जरूरी सावधानियों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे रिकवरी तो प्रभावित होती ही है कई बार स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ जटिलताएं होने का खतरा भी बढ़ जाता है। पटपड़गंज स्थित मैक्स हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर कार्डियक साइंसेस के डॉ. वैभव मिश्रा ने इस बारे में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां।
कई बार मरीज सर्जरी के कुछ दिन बाद बेहतर महसूस करने पर यह सोचने लग जाते हैं कि शायद अब उन्हें दवाओ की जरूरत नहीं है। लेकिन डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का कोर्स पूरा करना होता है और समय पर दवाएं लेना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि ये दवाएं सर्जरी के बाद इन्फेक्शन से बचाने, दर्द कम करने और रिकवरी तेज करने के लिए दी जाती हैं। बिना सलाह के कोई भी दवा बंद करना या उसकी मात्रा बदलना नुकसानदायक हो सकता है।
सर्जरी के बाद मरीज जब कुछ समय बाद अच्छा महसूस करने लग जाते हैं, तो वे अपनी सामान्य दिनचर्या के काम करना शुरू कर देते हैं। ऐसा करना सही है, लेकिन उससे पहले डॉक्टर से सलाह लेना भी जरूरी है और जितने दिन तक डॉक्टर ने आराम करने को कहा है उतने दिन तक शरीर को आराम जरूर देना चाहिए। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आप पूरा दिन बिस्तर पर ही रहें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार धीरे-धीरे चलना शुरू करें। रोजाना हल्की वॉक फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर करती है, रक्त संचार बढ़ाती है और शरीर को जल्दी सामान्य स्थिति में आने में मदद करती है।
कार्डियोथोरेसिक सर्जरी के दौरान यदि छाती की हड्डी खोली गई है, तो शुरुआती 6 से 8 सप्ताह तक भारी वजन उठाने, जोर लगाने या अचानक झटके वाले काम करने से बचना चाहिए। क्योंकि छाती की हड्डी पूरी तरह से रिकवर नहीं हुई होती और ऐसे में हड्डी से जुड़ी कोई समस्या भी हो सकती है।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद ऐसा न समझें कि आपको अब दोबारा अस्पताल जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि डॉक्टर ने जिसदिन आपको बुलाया है उस दिन अस्पताल जरूर जाएं। घर पर भी घाव की नियमित जांच करते रहें। यदि टांके वाली जगह पर लालिमा, सूजन, पस, बदबू या लगातार बुखार आए तो इसे सामान्य न समझें और तुरंत अपने सर्जन से संपर्क करें। साथ ही ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल आदि को नियंत्रित जरूर रखें।
सर्जरी के बाद आपके लिए खानपान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है और इसलिए अपने आहार में ताजी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन के अच्छे स्रोत वाले फूड्स शामिल करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपके खाने में नमक बहुत कम मात्रा में है। आप अपने आहार को जितना संतुलित और हेल्द रखेंगे आपके शरीर को रिकवर होने में उतनी ही मदद मिलेगी।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल कार्डियोथोरेसिक सर्जरी के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आदि के बारे में जानकारी देना है। इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।