बाहर से फिट दिख रहे लेकिन अंदर बढ़ रहा फैट, विसरल फैट के बारे में जानना हर किसी के लिए जरूरी
बाहर से फिट दिखने का मतलब यह नहीं कि आप पूरी तरह स्वस्थ हैं। शरीर के अंदरूनी अंगों के आसपास जमा होने वाला 'विसरल फैट' साइलेंट किलर की तरह काम करता है। जानिए क्या है विसरल फैट, यह क्यों खतरनाक है और सही डाइट व लाइफस्टाइल से इसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है।
शरीर को इर्द-गिर्द जरूरत से ज्यादा चर्बी लटकना मोटापा है, लेकिन अगर आप पतले और फिट हैं और आपको लगता है कि आपके शरीर में एक्स्ट्रा फैट नहीं है। लेकिन हर बार यह जरूरी नहीं होता कि अगर आप बाहर से फिट हैं तो इसका मतलब यह है कि आप अंदर से भी फिट एंड फाइन हैं, बल्कि कई फैट शरीर के अंदर भी होता है जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी होती है। शरीर के बाहर वाली चर्बी के बारे में तो शायद आप भी अच्छे से जानते हैं, लेकिन शरीर के अंदर वाली चर्बी जिसे विसरल फैट कहा जाता है उसके बारे में आज हम डॉ. करुणा चतुर्वेदी, हेड - क्लिनिकल न्यूट्रिशन, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा से जानेंगे कि आखिर क्या है ये शरीर के अंदर जमा होने वाली चर्बी जिसे विसरल फैट कहा जाता है।
शरीर के अंदर वाला जिद्दी फैट
विसरल फैट वह जिद्दी चर्बी है जो हमारे पेट के अंदर गहराई में, लिवर, पैंक्रियाज, आंतों और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों के चारों तरफ जमा होती है। हमारी त्वचा के ठीक नीचे वाली चर्बी, जिसे हम उंगलियों से पकड़ सकते हैं उसके भी पीछे जो फैट छिपा होता है वह विसरल फैट है। बाहरी फैट तो हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता ही है, उसी तरह विसरल फैट भी हमारी सेहत के लिए कहीं ज्यादा खतरनाक होता है। हालांकि, अंदरूनी अंगों की सुरक्षा के लिए इसकी बहुत थोड़ी सी मात्रा तो जरूरी है, लेकिन इसका ज्यादा होना कई पुरानी और गंभीर बीमारियों को बुलावा देता है।
विसरल फैट से क्रोनिक इन्फ्लेमेशन बढ़ना
यह फैट शरीर में चुपचाप नहीं बैठा रहता, बल्कि यह लगातार हमारे खून में ऐसे रसायन, फैटी एसिड और हार्मोन छोड़ता है जो अंगों के सामान्य काम में रुकावट डालते हैं और शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ाते हैं। खराब खान-पान, शारीरिक मेहनत न करना, लगातार तनाव में रहना, नींद की कमी, धूम्रपान, ज्यादा शराब पीना और बढ़ती उम्र इसके बढ़ने के मुख्य कारण हैं। डॉ. करुणा ने बताया कि जरूरत से ज्यादा विसरल फैट होने के आपके स्वास्थ्य के लिए परिणाम बहुत गंभीर होते हैं।
विसरल फैट से कई क्रोनिक बीमारियों का खतरा
यह 'इंसुलिन रेजिस्टेंस' पैदा करता है यानी शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर हाई रहने लगता है और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा काफी बढ़ जाता है। साथ ही, इससे ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बनता है। इसके अलावा, विसरल फैट की वजह से नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर (NAFLD) का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। यह शरीर में ऐसी सूजन पैदा करता है जो आगे चलकर कुछ तरह के कैंसर, स्लीप एपनिया (सोते समय दम घुटना), महिलाओं में पीसीओएस (PCOS) और दिमाग या याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याओं का कारण बनती है।
कई बार मैं ऐसे मरीज भी देखती हूं जिनका वजन तो बिल्कुल सामान्य होता है, लेकिन उनके पेट के हिस्से में बहुत चर्बी होती है (इसे 'नॉर्मल-वेट ओबेसिटी' कहते हैं)। इसीलिए सेहत का सही खतरा नापने के लिए बीएमआई (BMI) के साथ-साथ कमर के घेरे को नापना बहुत जरूरी है। लेकिन आपके लिए अच्छी खबर यह है कि विसरल फैट जीवनशैली में बदलाव करने से बहुत जल्दी कम भी होता है। मेरी आपको यही सलाह है कि अपनी डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, अच्छा प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल करें। इसके साथ ही, रोजाना व्यायाम करें, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें, पूरी नींद लें और तनाव को मैनेज करें। मीठे ड्रिंक्स, पैकेटबंद या प्रोसेस्ड फूड, धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूर रहें। याद रखें, अपनी कमर के घेरे को सही रखना सिर्फ अच्छी पर्सनैलिटी या दिखने के लिए ही नहीं, बल्कि एक लंबी, स्वस्थ और बीमारियों से मुक्त जिंदगी जीने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है।Dr. Karuna Chaturvedi, Head - Clinical Nutrition, Max Super Speciality Hospital, Noida
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल विसरल फैट के बारे में सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है। इसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।