जानें क्या होता है साइलेंट हेपेटाइटिस, जो बिना किसी लक्षण के भी लिवर को पहुंचा सकता है नुकसान

क्या आप जानते हैं कि बिना किसी बीमारी के लक्षण दिखे भी आपका लिवर अंदर ही अंदर डैमेज हो सकता है? इसे कहते हैं साइलेंट हेपेटाइटिस। एक्सपर्ट्स से साइलेंट हेपेटाइटिस से बचने का तरीका और इससे लिए जरूरी जांच के बारे में जानें।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Updated : July 28, 2026 8:12 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Amey Sonavane

वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे मनाने का मुख्य उद्देश्य हेपेटाइटिस रोग के बारे में लोगों को जरूरी जानकारी देना यानी जागरूक करना होता है। हेपेटाइटिस के बारे में तो लोगों को अक्सर जानकारी होती है, लेकिन बहुत ही कम लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि हेपेटाइटिस आमतौर पर 5 प्रकार का होता है, जिन्हें हेपेटाइटिस A, हेपेटाइटिस B, हेपेटाइटिस C, हेपेटाइटिस D और हेपेटाइटिस E के नाम से जाना जाता है। डॉ. अमेय सोनावणे लीड कंसल्टेंट हेपटोलॉजिस्ट,अपोलो हॉस्पिटल नवी मुंबई ने के अनुसार हेपेटाइटिस B और C को समझने में सबसे जरूरी बात यह है कि बीमारी की गंभीरता हमेशा उसके लक्षणों से पता नहीं चलती। कई लोगों में संक्रमण होने के बाद वर्षों तक भी किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं होती है और व्यक्ति सामान्य जीवन जी रहा होता है। वह अपनी दिनचर्या के काम सामान्य रूप से कर रहा होता है और उसे अंदाजा भी नहीं होता कि वायरस धीरे-धीरे उसके लिवर (Liver) को नुकसान पहुंचा रहा है।

हेपेटाइटिस का कौन सा प्रकार सबसे खतरनाक?

हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C को इन सब में सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है, क्योंकि ये दोनों लिवर में होने वाले वायरल संक्रमण हैं यानी मुख्य रूप से लिवर को ही प्रभावित करते हैं। इनके शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं, जिनमें आमतौर पर थकान, भूख कम लगना, उल्टी जैसा मन रहना और पेट में दिक्कत रहना आदि शामिल है, स्थिति धीरे-धीरे जब बढ़ने लगती है तो पीलिया जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं। हालांकि, यह भी देखा गया है कि शुरुआत में कुछ लोगों में कोई खास लक्षण देखने को नहीं मिलता है। यही कारण है कि क्रॉनिक हेपेटाइटिस कई बार लंबे समय तक पहचान में नहीं आता।

समय के साथ-साथ लिवर सिरोसिस बन जाना

हेपेटाइटिस की समय पर जांच इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि यह लिवर सिरोसिस के सबसे प्रमुख कारणों में से एक है। लिवर सिरोसिस आमतौर पर लिवर में स्कार टिश्यू बनना होता है। स्कार टिश्यू या स्कारिंग को आप इस तरीके से समझ सकते हैं, जैसे हमारी त्वचा पर कई बार चोट लगने के बाद जो परमानेंट निशान बन जाता है, वही स्कारिंग होता है क्योंकि वहां पर स्कार टिश्यू विकसित हो जाते हैं।

ठीक इसी प्रकार समय के साथ लगातार सूजन लिवर में स्कारिंग यानी फाइब्रोसिस का कारण बन सकती है। कुछ लोगों में यह आगे चलकर लिवर सिरोसिस की समस्या विकसित हो जाती है, जो लिवर की कार्यक्षमता कम होने के साथ-साथ लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को भी बढ़ा सकती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि संक्रमण का पता चलना किसी गंभीर परिणाम की शुरुआत है। समय पर जांच होने से डॉक्टर लिवर की स्थिति समझ सकते हैं और जरूरत के अनुसार निगरानी तथा उपचार शुरू कर सकते हैं।

हेपेटाइटिस की जांच बेहद जरूरी

इसलिए स्क्रीनिंग यानी हेपेटाइटिस के लिए उचित जांच बेहद जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जिनमें संक्रमण का जोखिम अधिक हो जैसे -

  • यदि कभी असुरक्षित या बिना जांच वाला रक्त चढ़ा हो
  • संक्रमित रक्त के संपर्क की आशंका रही हो
  • पहले से इस्तेमाल की गई सुई या इंजेक्शन लगा हो
  • असुरक्षित यौन संबंध बनाया गया हो
  • बिना पर्याप्त स्टरलाइजेशन के टैटू या पियर्सिंग कराया गया हो

अगर आपको उपरोक्त में से किसी की भी आशंका है, तो ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए और उनके द्वारा दिए गए सभी दिशा निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करना चाहिए।

हेपेटाइटिस की रोकथाम बेहद महत्वपूर्ण

हेपेटाइटिस की रोकथाम की जा सकती है और अगर सभी बातों का ध्यान पूर्वक पालन किया जाए तो इसकी रोकथाम के तरीके काफी प्रभावी हो सकते हैं। हेपेटाइटिस B से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है और टीकाकरण संक्रमण से सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। हेपेटाइटिस C के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है और इसलिए समय पर जांच और संक्रमण के जोखिम को कम करना विशेष रूप से जरूरी है। हालांकि, हेपेटाइटिस के लिए प्रभावी इलाज उपलब्ध है और जिसकी मदद से दवाओं से ही अधिकांश लोगों में हेपेटाइटिस सी का इलाज सफलतापूर्वक किया जा सकता है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल हेपेटाइटिस रोग से जुड़ी जरूरी जानकारियां देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल हेपेटाइटिस या अन्य किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। Thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।