हार्ट वाल्व डिजीज क्या है, जानें इसके कारण, लक्षण व इलाज

What is Heart Valve Disease: हार्ट वाल्व डिजीज एक गंभीर जानलेवा बीमारी है, जिसकी जांच व इलाज समय रहते किए जाना जरूरी होता है, इस लेख में में एक्सपर्ट्स आपको कुछ जरूरी जानकारी देंगे।

हार्ट वाल्व डिजीज क्या है, जानें इसके कारण, लक्षण व इलाज

Written by Mukesh Sharma |Published : August 25, 2025 11:36 AM IST

Heart Valve Disease in Hindi: दिल के वाल्व रोग का मतलब है, दिल के किसी या सभी वाल्वों का ठीक से काम न करना। यदि इसका इलाज न किया जाए, तो यह रक्त प्रवाह को कम कर सकता है और आपके दिल को अधिक मेहनत करने पर मजबूर कर सकता है। यदि बिना इलाज के छोड़ दिया जाए, तो दिल के वाल्व रोग से स्थिति जीवन के लिए खतरे की हो सकती है। आपके दिल में चार वाल्व होते हैं, जो रक्त को एक ही दिशा में प्रवाहित करने में मदद करते हैं। दिल के वाल्व रोग तब होता है। जब आपके दिल के वाल्व में किसी तरह की समस्या है, तो यह आमतौर पर इस प्रकार होती है।

पूरा न खुल पाना - हार्ट वाल्व का किसी कारण से पूरी तरह से न खुल पाना भी एक गंभीर समस्या है, जिसे स्टेनोसिस कहा जाता है। ऐसी स्थिति में हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए सामान्य से ज्यादा जोर लगाना पड़ता है।

पूरी तरह से बंद न हो पाना - इस स्थिति को हार्ट वाल्व रिगर्जिटेशन भी कहा जाता है और आम बोलचाल की भाषा में इसे लीकी हार्ट वाल्व भी कहा जाता है। इसमें वाल्व पूरी तरह से बंद न हो पाने के कारण ब्लड पीछे की तरफ भी लीक करता है और इस कारण से ब्लड पंप ठीक से नहीं हो पाता है।

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हार्ट वाल्व ठीक से न बनना - यह एक जन्मजात बीमारी है, कुछ बच्चों जन्म से ही उन्हें हार्ट वाल्व से जुड़ी किसी तरह की विकृति होती है या उनकी हार्ट वाल्व ठीक से बनी ही नहीं होती है। इस स्थिति में उपरोक्त में से कोई भी स्थिति हो सकती है या फिर दोनों एक साथ भी हो सकती हैं।

(और पढ़ें - हार्ट वाल्व डिजीज के लक्षण)

हार्ट वाल्व के लक्षण

हार्ट वाल्व डिजीज के लक्षण कई अलग-अलग तरह के हो सकती हैं, जो आमतौर पर स्थिति समस्या के कारण हो रही रक्त का प्रवाह की गड़बड़ी पर निर्भर करता है। हार्ट वाल्व डिजीज के कारण दिल को अतिरिक्त काम करना पड़ता है और शरीर के बाकी हिस्सों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता। हालांकि, ऐसा भी देखा गया है कि हार्ट वाल्व डिजीज से ग्रसित कुछ लोगों में किसी भी तरह का लक्षण नहीं देखा जाता है। लेकिन यह भी है कि धीरे-धीरे जब स्थिति बिगड़ती है, तो लक्षण भी बढ़ने लगते हैं। क्योंकि ऐसे में हार्ट ज्यादा मेहनत करने लगता है, ताकि शरीर में रक्त के प्रवाह को पूरा किया जा सके। ऐसे में हार्ट वाल्व डिजीज के कुछ लक्षण देखने को मिल सकते हैं -

  • दिनभर थकान रहने लगना, जो आमतौर पर इस समस्या का पहला लक्षण हो सकता है।
  • थोड़ी सी मेहनत करने पर सांस फूलना या सांस लेने में दिक्कत होना
  • दिल की धड़कन असामान्य होना
  • दिल की धड़कन का असामान्य महसूस होना (धड़कन रुकने या पलटने जैसा अनुभव)
  • सूजन (टखनों, पैरों या पेट में सूजन)
  • दिनभर कमजोरी महसूस होना और चक्कर आना
  • शरीर का वजन बढ़ने लगना

इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं, जैसे खांसने पर सीने में दर्द होना,गहरी सांस लेने पर दर्द होना आदि।

(और पढ़ें - हार्ट अटैक के लक्षण)

डॉक्टर से संपर्क कब करना चाहिए

हार्ट वाल्व डिजीज एक गंभीर और जानलेवा स्थिति हो सकती है और ऐसे में अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई एक भी महसूस हो रहा है, तो ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। कुछ मेडिकल परीक्षण दिल के वाल्व रोग का पता लगाने में मदद कर सकते हैं। इन परीक्षणों को समय-समय पर दोहराना यह दिखा सकता है कि आपकी स्थिति कितनी बिगड़ी है और उपचार के बारे में निर्णय लेने में मदद कर सकता है। हार्ट वाल्व डिजीज का निदान करने के लिए डॉक्टर द्वारा किए जाने वाले परिक्षणों में कुछ इस प्रकार शामिल है -

सीने का एक्स-रे - हार्ट की वाल्व की स्थिति, आकार और आकृति आदि का पता लगाने के लिए

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम - इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG या EKG) दिल के वाल्व की समस्याओं के निदान में एक महत्वपूर्ण, लेकिन अप्रत्यक्ष भूमिका निभाता है।

इकोकार्डियोग्राम - यह दिल का अल्ट्रासाउंड है, जिसमें ध्वनि तरंगों का उपयोग करके आपके दिल की चलती-फिरती तस्वीरें ली जाती हैं। ये ध्वनि तरंगें इतनी तेज होती हैं कि वे मनुष्य को सुनाई नहीं देतीं।

स्ट्रेस इकोकार्डियोग्राम - यह एक ऐसा टेस्ट है जिसमें आपके दिल का इकोकार्डियोग्राम तब किया जाता है जब आपका दिल तनाव (stress) में होता है।

कार्डियक एंजियोग्राम - कार्डियक एंजियोग्राम एक इनवेसिव प्रोसीजर है जिसमें आपके शरीर में एक पतली, लचीली ट्यूब जिसे कैथेटर कहते हैं

यह सभी परीक्षण आपकी स्थिति की गंभीरता का मूल्यांकन करने में मदद करते हैं। अगर आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस हो रहे हों, तो तुरंत अपने डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लें:

  • लक्षण जो बढ़ रहे हों
  • नए लक्षण उत्पन्न हो रहे हों
  • बुखार हो, और इसका कोई स्पष्ट कारण न हो
  • विशेषकर रात को पसीना आना
  • वजन घटना, और इसका कोई स्पष्ट कारण न हो
  • दो से तीन हफ्तों से अस्वस्थ महसूस करना

समय पर इलाज न कराने पर, वाल्व रोग गंभीर दिल की विफलता या अन्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

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अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।