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डायबिटीज के मरीजों में किडनी खराब होने का खतरा क्यों? डायलिसिस की नौबत ला देंगी ये गलतियां

World Kidney Day 2026: बहुत ही कम लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि अगर डायबिटीज के किसी मरीज का लंबे समय से ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं है, तो इससे उनकी किडनी पर क्या असर पड़ रहा है।

डायबिटीज के मरीजों में किडनी खराब होने का खतरा क्यों? डायलिसिस की नौबत ला देंगी ये गलतियां
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Anil Sharma

Written by Mukesh Sharma |Updated : March 11, 2026 5:34 PM IST

Diabetes Effects on Kidney: डायबिटीज आज दुनिया भर में तेजी से बढ़ने वाली बीमारियों में से एक है। लंबे समय तक अनियंत्रित शुगर लेवल शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिनमें सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला अंग किडनी है। मेडिकल भाषा में इसे Diabetic Nephropathy कहा जाता है। यह स्थिति धीरे-धीरे विकसित होती है और अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो किडनी फेलियर तक की स्थिति पैदा हो सकती है। किडनी का मुख्य काम शरीर से विषैले पदार्थों और अतिरिक्त तरल को छानकर बाहर निकालना होता है। लेकिन जब लंबे समय तक खून में शुगर का स्तर ज्यादा रहता है, तो किडनी की छोटी-छोटी फिल्टर करने वाली रक्त वाहिकाएं (ग्लोमेरुली) धीरे-धीरे कमजोर और क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। इससे किडनी की छानने की क्षमता कम हो जाती है और शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लगते हैं। शारदा केयर-हेल्थसिटी के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर और किडनी ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट डॉ. अनिल शर्मा ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके बारे में हम इस लेख में आगे जानेंगे।

किडनी को कैसे नुकसान पहुंचाता है डायबिटीज

डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि अगर आपको भी नहीं पता कि डायबिटीज का किडनी पर क्या असर पड़ता है?, तो जान लें कि जब खून में शुगर लंबे समय तक अधिक रहती है, तो यह किडनी की नाजुक रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। इससे किडनी में सूजन, प्रोटीन का लीक होना और धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता कम होना शुरू हो जाता है। शुरुआत में इसके लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते, इसलिए कई बार मरीजों को देर से पता चलता है।

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किडनी को कैसे नुकसान पहुंचाता है डायबिटीज?

ज्यादातर लोगों को लगता है कि डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ाता है, लेकिन इस बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी है कि लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल ऑर्गन फेलियर के प्रमुख कारणों में से एक हो सकता है। अगर डायबिटीज के किसी मरीज का लंबे समय से ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है या ठीक से कंट्रोल नहीं हो रहा है, यह किडनी को इस प्रकार के नुकसान पहुंचा सकता है -

  • छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान - लगातार हाई ब्लड शुगर किडनी की फिल्टरिंग यूनिट को कमजोर कर देती है, जिससे किडनी सही तरीके से खून को साफ नहीं कर पाती।
  • यूरीन में प्रोटीन का जाना - डायबिटीज के कारण किडनी प्रभावी रूप से अपना फिल्टरिंग का काम नहीं कर पाती है और इस कारण से कई बार प्रोटीन मूत्र के जरिए बाहर निकलने लगता है, जिसे एल्ब्यूमिनूरिया कहा जाता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर का प्रभाव - डायबिटीज के साथ अक्सर हाई ब्लड प्रेशर भी होता है, जो किडनी को और अधिक नुकसान पहुंचा सकता है।

शुरुआती लक्षणों की पहचान क्यों जरूरी?

किडनी की बीमारी अक्सर शुरुआती चरण में बिना किसी लक्षण के हो सकती है या फिर लक्षण इतनी मामूली होते हैं कि व्यक्ति उन्हें आम समझकर इग्नोर कर देता है। कई बार मरीज को तब तक कोई परेशानी महसूस नहीं होती जब तक किडनी की कार्यक्षमता काफी कम न हो जाए। इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए नियमित जांच कराना बहुत जरूरी होता है और साथ ही किडनी खराब होने से जुड़े कुछ लक्षण हैं, जिनकी समय रहते पहचान कर लेनी चाहिए -

  • पैरों व टखनों में सूजन
  • बार-बार पेशाब आना
  • पेशाब में झाग आना
  • अत्यधिक थकान महसूस होना
  • कमजोरी महसूस होना

ऊपर बताए गए लक्षण किडनी की बीमारी के संकेत हो सकते हैं और इसलिए इन्हें गलती से भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। अगर शुरुआत में इन लक्षणों को इग्नोर कर दिया जाता है, तो बाद में स्थिति गंभीर हो सकती है और यहां तक कि किडनी डायलिसिस की नौबत भी आ सकती है।

किडनी को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

डायबिटीज के मरीज कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं। समय पर जांच और सही जीवनशैली इस जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है। नीचे बताए गए कुछ उपाय अपनाकर किडनी को सुरक्षित रखा जा सकता है -

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  • ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें - नियमित दवा, संतुलित आहार और डॉक्टर की सलाह का पालन करना जरूरी है।
  • नियमित किडनी जांच कराएं - यूरिन टेस्ट और किडनी फंक्शन टेस्ट से शुरुआती बदलावों का पता लगाया जा सकता है।
  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं - कम नमक वाला आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी और धूम्रपान से दूरी किडनी को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।

डायबिटीज के मरीजों को अपनी किडनी की सेहत को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। समय पर जांच, संतुलित आहार और सही इलाज के जरिए किडनी को होने वाले गंभीर नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सकता है।

Anil Sharma, Director – Kidney Transplant (Urology), ShardaCare – Healthcity

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।