
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 15, 2020 5:34 PM IST
Excessive Sweating: बहुत अधिक पसीना हो सकता है हार्ट अटैक का संकेत, जानें एक्सेसिव स्वेटिंग की बड़ी वजहें
Excessive Sweating Causes: पसीना आना एक बहुत ही सामान्य स्थिति है और यह सेहत के लिए फायदेमंद भी होता है। दरअसल पसीना बॉडी डिटॉक्स और वेट लॉस के लिए मददगार प्रक्रिया है। लेकिन, जब पसीना बहुत अधिक या अकारण ही आने लगें तो, यह चिंता की बात हो सकती है। इस समस्या को साधारण मानकर इसे नज़रअंदाज़ करना ठीक नहीं। क्योंकि, बहुत अधिक पसीना आना हार्ट अटैक का एक पूर्व संकेत भी हो सकता है। जी हां, शरीर से बहुत अधिक पसीना आना कई गम्भीर बीमारियों का एक लक्षण भी हो सकता है। आइए जानते हैं क्यों होता है पसीना? (Excessive Sweating Causes in hindi)
अत्यधिक पसीना होने की एक वजह बैक्टेरियल इंफेक्शन भी हो सकता है। एचआईवी इंफेक्शन से लेकर हड्डियों में होने वाले इंफेक्शन की स्थिति में बहुत अधिक पसीना आ सकता है। इसी तरह दिल के वॉल्व में इंफ्लेमेशन की समस्या होने पर भी अत्यधिक पसीना आ सकता है। इसीलिए जब ऐसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। ताकि समय पर इस समस्या का इलाज किया जा सके। (Excessive Sweating Causes and reasons)
डॉक्टर्स के अनुसार जब हार्ट अटैक आने वाला हो तो शरीर संकेत के तौर पर बहुत अधिक पसीने का उत्पादन करता है। दरअसल, दिल से जुड़ी बीमारियों का एक महत्वपूर्ण संकेत अत्यधिक पसीना आना भी है। जब रक्त धमनियों में ब्लॉकेज हो जाती है तो, दिल खून का पम्प करने के लिए बहुत अधिक मेहनत करता है। ऐसे में दिल पर अतिरिक्त दबाव बनता है। जिसके चलते बॉडी टेम्परेचर को सही रखने के लिए शरीर से बहुत अधिक पसीना निकलता है।
मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं के कारण भी शरीर से अत्यधिक पसीना निकलता है। जी हां, स्वेटिंग की प्रक्रिया केवल फिजिकल ही नहीं मेंटल हेल्थ के बारे में भी संकेत देता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार एंग्जायटी, स्ट्रेस, टेंशन और डर जैसी भावनाओं के कारण भी शरीर से बहुत अधिक पसीना बहता है।
पसीने का बहुत अधिक निर्माण शरीर में हार्मोन्स के असंतुलन की वजह से भी हो सकता है। खासकर, पबर्टी के आसपास के समय में बॉडी हार्मोन्स के स्तर में बहुत अधिक बदलाव आते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार शरीर में मौजूद 30 लाख स्वेट ग्लैंड्स एक्टिव हो जाती हैं। ऐसे लोगों को दूसरों की तुलना में ज़्यादा पसीना हो सकता है।