प्रोबायोटिक्स का संभलकर करें इस्तेमाल, हो सकते हैं मानसिक रोग के शिकार

यदि आप प्रोबायोटिक्स के सेवन पर अधिक जोर देते हैं, तो संभल जाएं, इससे कई तरह की मानसिक बीमारियां भी हो सकती हैं।

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Written By: Anshumala | Published : August 10, 2018 9:15 AM IST

यदि आप प्रोबायोटिक्स का अधिक इस्तेमाल करते हैं, तो संभल जाएं। अधिक इस्तेमाल से अस्पष्टता और आत्मविस्मृति जैसी कई मानसिक बीमारियों का यह कारण बन सकता है। इसके साथ ही ये तेजी से पेट को फुला देता है। ऐसे में हाल ही में हुए एक शोध में इसके कम इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। भारतीय मूल के वैज्ञानिक सहित कुछ वैज्ञानिकों ने बिना डॉक्टर के परामर्श के प्रोबायोटिक का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है।

क्या होते हैं प्रोबायोटिक्स

प्रोबायोटिक अच्छे बैक्टीरिया और यीस्ट होते हैं, जो आपके पाचन में सहायक होते हैं। आमतौर पर लोग बैक्टीरिया नाम से बीमारी फैलाने वाले जिवाणु समझते हैं, लेकिन हमारे शरीर में अच्छे और बुरे दोनों तरह के जिवाणु होते हैं। आजकल प्रोबायोटिक सप्लीमेंट भी बाजार में उपलब्ध हैं।

ऑगस्टा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह शोध 30 मरीजों पर किया। इसमें उन्होंने पाया कि 22 मरीजों में भ्रम की स्थिति और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी समस्या थी। इसके साथ ही प्रोबायोटिक ले रहे सभी लोगों में गैस और पेट फूलने की समस्या भी पाई गई।

प्रमुख शोधकर्ता भारतीय मूल के सतीश एस सी राव का कहना है कि हमें मरीज की छोटी आंत में बैक्टीरिया का एक बड़ा समूह देखने को मिला।

शोधकर्ता राव आगे कहते हैं कि प्रोबायोटिक बैक्टीरिया कुछेक मामलों में फायदेमंद होते हैं। जैसे ये एंटिबायोटिक लेने के बाद मरीज की आहारनलिका में बैक्टीरिया को पुन: स्थापित करने में मददगार होते हैं। हालांकि, इसके अधिक उपयोग में शोधकर्ताओं ने सावधानी बरतने की सलाह भी दी है।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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