International Women's Day : हर महिला को करवाने चाहिए ये 5 मेडिकल टेस्ट, बीमारियों से होगा बचाव
International Women's Day : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं, उन मेडिकल टेस्ट के बारे में, जिन्हें महिलाओं को 30 से 50 साल की उम्र में जरूर करवाना चाहिए।
Written by Ashu Kumar Das|Published : March 8, 2026 11:43 AM IST
International Women's Day 2026: 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिला दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन महिला के मान-सम्मान, आत्मविश्वास, गौरव के साथ-साथ महिलाओं की सेहत के प्रति जागरूकता लाने का खास मौका है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं, उन मेडिकल टेस्ट के बारे में, जिन्हें महिलाओं को 30 से 50 सालकी उम्र में जरूर करवाना चाहिए। इस विषय पर अधिक जानाकरी दे रहे हैं दिल्ली के एलांटिक हेल्थ केयर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता।
30 के बाद क्यों जरूरी हैं मेडिकल टेस्ट
डॉ. मनन गुप्ता के अनुसार, 30 से 50 साल की उम्र महिलाओं के लिए जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण होता है। इस दौरान शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं, जो पूरी सेहत को प्रभावित करते हैं। इस उम्र में कई महिलाएं करियर, परिवार और जिम्मेदारियों के बीच अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं, जिसकी वजह से कई बीमारियां देर से पता चलती हैं। ऐसे में नियमित हेल्थ चेकअप कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में पहचानने में मदद करता है।
ब्लड प्रेशर टेस्ट (Blood Pressure Test)- वर्क प्रेशर, लाइफस्टाइल खराब होने के कारण महिलाओं में ब्लड प्रेशर की समस्या आजकल तेजी से बढ़ रही है। हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होते। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ का कहना है कि 30 साल के बाद महिलाओं को कम से कम साल में एक बार ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करानी चाहिए। अगर लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर को इग्नोर किया जाए, तो इससे हृदय रोग स्ट्रोक और किडनी की बीमारी हो सकती है।
ब्लड शुगर टेस्ट (Blood Sugar Test)- इन दनों डायबिटीज की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है और महिलाएं भी इससे अछूती नहीं हैं। डॉक्टर के अनुसार, 30 साल के बाद फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c टेस्ट करवाना जरूरी होता है। अगर किसी महिला के परिवार में डायबिटीज का इतिहास रहा है, तो उनके लिए ब्लड शुगर टेस्ट और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है।
थायराइड टेस्ट (Thyroid Test)- भारत में थायराइड की समस्या महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक देखी जाती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च बताती है कि थायराइड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म, वजन, एनर्जी और हार्मोनल संतुलन को कंट्रोल करने में मदद करता है। थायराइड हार्मोन के असंतुलन के कारण वजन बढ़ना या घटना, बाल झड़ना, शारीरिक थकान की परेशानी होती है। इसलिए 30 साल के बाद TSH टेस्ट करवाना जरूरी माना जाता है।
ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग (Breast Cancer Screening)- भारत में पिछले 1 दशक में ब्रेस्ट कैंसर के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। डॉ. मनन सलाह देते हैं कि 30 साल के बाद हर महिलाओं को नियमित रूप से ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन करना चाहिए। 40 साल की उम्र के बाद ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए साल में एक बार मैमोग्राफी (Mammography) जरूर करवानी चाहिए। मैमोग्राफी से ब्रेस्ट कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है।
हीमोग्लोबिन टेस्ट (Hemoglobin Test)- भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर छपी एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में महिलाओ में एनीमिया की समस्या बहुत ही आम है। एनीमिया के कारण महिलाओं को शारीरिक कमजोरी, चक्कर आना, थकान और सांस फूलने जैसी कई परेशानियां होती हैं। इसलिए समय-समय पर महिलाओं के लिए हीमोग्लोबिन टेस्ट बहुत जरूरी हो जाता है।
महिलाओं के लिए नियमित हेल्थ चेकअप क्यों जरूरी है?
डॉ. मनन गुप्ता बताते हैं कि महिलाएं 30 साल की उम्र के बाद नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं, तो इससे बीमारियों का पता शुरुआती चरण में चल जाए तो उनका इलाज आसान हो जाता है। महिलाओं को नियमित हेल्थ चेकअप करवाने से विभिन्न प्रकार के फायदे मिलते हैं।
बीमारियों की जल्दी पहचान
सही समय पर इलाज
गंभीर बीमारियों को जोखिम कम होता है
कैंसर का पता जल्दी चलता है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां को निभाते हुए सिर्फ साल में 2 बार नियमित रूप से मेडिकल टेस्ट करवा लें, तो इससे न सिर्फ बीमारियों का खतरा कम होता है, बल्कि समाज को भी मजबूती मिलती है। इस महिला दिवस दहेल्थसाइट अपनी सभी महिला पाठकों से अनुरोध करता है, तो कि वो नियमित रूप से मेडिकल टेस्ट जरूर करवाएं।
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Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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