हर 43 सेकेंड में निमोनिया से मरता है एक बच्चा, जानें क्या कहते हैं UNICEF के आकड़ें

Pneumonia Death: निमोनिया से हर साल लाखों लोगों की जान चली जाती है। इसमें सबसे ज्यादा बच्चों की जान जाती है। छोटे बच्चे और नवजात शिशु निमोनिया से ज्यादा प्रभावित होते हैं।

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Written By: Anju Rawat | Published : November 12, 2025 9:22 AM IST

Pneumonia in Kids: निमोनिया, दुनियाभर में होने वाले बच्चों की मौतों के सबसे बड़े कारणों में से एक है। आपको बता दें कि निमोनिया, फेफड़ों में बैक्टीरिया, वायरस और फफूंद के कारण होने वाला एक संक्रमण है, जो सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को प्रभावित करता है। निमोनिया की वजह से फेफड़ों के ऊतकों में सूजन पैदा होती है, इससे बलगम पैदा होता है। निमोनिया एक या दोनों फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। निमोनिया का इलाज संभव है, लेकिन दुनियाभर में करोड़ों लोग खासकर बच्चे अपनी जान गंवाते हैं। इसलिए लोगों में निमोनिया को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस (World Pneumonia Day) मनाया जाता है। आइए, आज इसी मौके पर UNICEF के आंकड़ों से जानते हैं कि निमोनिया बच्चों में कितना आम और खतरनाक है?

निमोनिया से हर 43 सेकेंड में होती है एक बच्चे की मौत: UNICEF

निमोनिया किसी भी अन्य संक्रामक रोग की तुलना में ज्यादा बच्चों की जान लेता है। UNICEF के आंकड़ों की मानें तो हर साल 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 7 लाख से ज्यादा बच्चों की जान जाती हैं। यानी हर दिन लगभग 2 हजार बच्चे निमोनिया से मरते हैं। इसमें लगभग 1,90,000 नवजात शिशु भी शमिल हैं। आंकड़ों के अनुसार निमोनिया से हर 43 सेकेंड में एक बच्चे की मौत होती है।

5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे होते हैं ज्यादा प्रभावित

निमोनिया 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में काफी आम है। इस बीमारी से छोटे बच्चों की जान ज्यादा जाती है। हालांकि, साल 2000 के बाद से निमोनिया से होने वाली 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मौतों में लगभग 54 फीसदी कमी आई है। इसलिए अगर आपके बच्चे छोटे हैं, तो उनका ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।

निमोनिया के लक्षण

निमोनिया होने पर कुछ लक्षणों का अनुभव होता है। इसमें खांसी, बुखार, ठंड लगना, सांस लेने में तकलीफ और थकान आदि शामिल हैं। निमोनिया की वजह से सीने में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, मतली और उल्टी जैसे लक्षण भी महसूस होते हैं।

Highlights:

  • हर 43 सेकेंड में निमोनिया से एक बच्चे की मौत होती है।
  • 5 साल से छोटे बच्चों को निमोनिया ज्यादा प्रभावित करता है।
  • निमोनिया होने पर बुखार और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

निमोनिया से बचाव कैसे करें?

निमोनिया से बचाव के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है।

निमोनिया के लक्षण क्या होते हैं?

खांसी, बुखार, सीने में दर्द ,मांसपेशियों में दर्द आदि निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं।

निमोनिया ज्यादा किसे होता है?

निमोनिया 5 साल से छोटे बच्चों को ज्यादा प्रभावित करता है। नवजात शिशुओं में भी निमोनिया होने का खतरा ज्यादा रहता है।

निमोनिया क्या होता है?

निमोनिया फेफड़ों में बैक्टीरिया, वायरस और फफूंद के कारण होने वाला एक संक्रमण है, जो सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को प्रभावित करता है।

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