
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr Chandra Mouli S Mantravadi
live without food
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर जीवित रहना अपने आप में किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। 8,848.86 मीटर की ऊंचाई पर न सिर्फ ऑक्सीजन की कमी होती है, बल्कि हड्डियां जमा देने वाली ठंड और खराब मौसम भी होता है, जो कई बार एक्सपीरियंश पर्वतारोहियों को भी मुश्किल में डाल देते हैं। ऐसे में हाल ही में एक नेपाली शेरपा के छह दिन तक लापता रहने और फिर जीवित मिलने की खबर ने लोगों को हैरान कर दिया। इस घटना के बाद सबके मन में एक सवाल फिर से उठ रहा है, क्या कोई इंसान बिना खाना खाए कई दिनों तक जिंदा रह सकता है? इस विषय की जानकारी के लिए हमने यशोदा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट और डिवाइस स्पेशलिस्ट डॉ. चंद्र मौली एस. मंत्रवादी बातचीत की है। आइए जानते हैं कोई व्यक्ति बिना खाए पिए कितने दिनों तक जिंदा मिलता है?
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, नेपाली गाइड दावा शेरपा एवरेस्ट अभियान के दौरान लापता हो गए थे। उन्हें छह दिन बाद बचाव दल ने जीवित पाया। इतनी ऊंचाई पर जहां सामान्य रूप से शरीर को अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है, वहां कई दिनों तक बिना पर्याप्त खाने के जीवित रहना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा। हालांकि, डॉक्टर्स का कहना है कि यह घटना असाधारण जरूर है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से असंभव नहीं है।
डॉक्टर कहते हैं कि जब शरीर को भोजन मिलना बंद हो जाता है, तो वह पहले से शरीर में जमा हुई एनर्जी का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है। शुरुआत में लिवर और मसल्स में जमा ग्लाइकोजन एनर्जी का सोर्स बनता है। यह स्टोर आमतौर पर 24 घंटे के अंदर खत्म होने लगता है।
इसके बाद शरीर फैट को तोड़कर एनर्जी बनाता है। यही कारण है कि कुछ लोग भोजन के बिना भी कई दिनों तक जीवित रह सकते हैं। लंबे समय तक खाना न मिलने पर शरीर मांसपेशियों को भी ऊर्जा के लिए इस्तेमाल करने लगता है, जिससे कमजोरी, थकान और अंगों के काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है।
डॉक्टर कहते हैं कि अगर व्यक्ति को पर्याप्त पानी मिलता रहे तो वह कई सप्ताह तक जिंदा रह सकता है। कुछ मेडिकल रिपोर्ट्स में 30 से 60 दिनों तक जीवित रहने के मामले भी दर्ज किए गए हैं। हालांकि, यह अवधि हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है।
किसी व्यक्ति की उम्र, वजन, स्वास्थ्य, शरीर में फैट की मात्रा, मौसम और शारीरिक एक्टिविटी यह तय करती हैं कि वह बिना भोजन के कितने समय तक जीवित रह पाएगा।
जिंदा रहने के लिए भोजन से ज्यादा जरूरी पानी माना जाता है। शरीर में पानी की कमी होने पर डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर गिर सकता है, किडनी प्रभावित हो सकती है और कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं।
आमतौर पर बिना पानी के इंसान सिर्फ कुछ दिनों तक ही जिंदा रह पाता है, जबकि पानी होने पर खाने के बिना भी व्यक्ति अधिक समय तक जिंदा रह सकता है।
डॉक्टर कहते हैं कि एवरेस्ट पर परिस्थितियां सामान्य नहीं होती हैं। वहां ऑक्सीजन का लेवल समुद्र तल की तुलना में काफी कम होता है। ज्यादा ठंड की वजह से शरीर को लगातार अधिक एनर्जी खर्च करनी पड़ती है। तेज हवाएं और बर्फबारी शरीर के तापमान को खतरनाक स्तर तक गिरा सकती हैं।
ऐसे माहौल में कई दिनों तक जीवित रहना सिर्फ भोजन की कमी का सवाल नहीं होता, बल्कि ऑक्सीजन, तापमान और मानसिक मजबूती भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नहीं, हर व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक क्षमता अलग होती है। कुछ लोग कम समय में ही गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं, जबकि कुछ लोग अधिक समय तक जिंदा रह सकते हैं। इसलिए किसी एक घटना को एक नियम या पूरी तरह से सही मान लेना सही नहीं होता है।
डॉक्टर का कहना है कि लंबे समय तक भूखे रहने की कोशिश करना शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
Disclaimer : ध्यान रखें कि हर व्यक्ति लंबे समय तक भूखा रहतक जिंदा नहीं कर सकता है। हर किसी के शरीर की स्थिति अलग होती है। इसलिए किसी एक व्यक्ति का उदाहरण देखकर उसे हर एक व्यक्ति पर लागू करना सही नहीं होता है।