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इन 5 कारणों से लिम्फ़ नॉड्स के बढ़ते आकार को न करें नज़रअंदाज़

क्या आपको पता है कि त्वचा में इन्फेक्शन लिम्फ़ नॉड् के कारण भी होता है?

इन 5 कारणों से लिम्फ़ नॉड्स के बढ़ते आकार को न करें नज़रअंदाज़

Written by Editorial Team |Updated : January 4, 2017 7:39 PM IST

शरीर में दिखने वाला एक बड़ा हुआ लिम्फ़ नॉड कैंसर का लक्षण हो सकता है लेकिन कई बार कुछ और कारणों से भी लिम्फ़ नॉड सूज जाते हैं। इस आर्टिकल में हम न सिर्फ इन अन्य कारणों के बारे में जानकारी देंगे बल्कि ये भी बताएंगे कि इन सूजे हुए लिम्फ़ नॉड को लेकर आपको कब गंभीर होना चाहिए।

क्या होते हैं लिम्फ़ नॉड्स?

लिम्फ़ को लसीका भी कहा जाता है। लिम्फ़ नॉड्स शरीर के कई हिस्सों जैसे गले, बगल, कमर, सीने और पेट के अंदर समूह के रूप में पाए जाते हैं। इनका आकार बीन के जैसा होता है। इनकी मदद से लिम्फ़ फ्लूड जिनमें फोरेन पार्टिकल्स और वायरस व बैक्टीरिया जैसे इंफेक्शन फैलाने वाले तत्वों का फिल्टरेशन होता है। लिम्फ़ नॉड्स में इन नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों का सामना करने के लिए इम्यून सेल भी मौजूद होते हैं।

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जब लिम्फ़ इंफेक्शन फैलाने वाले तत्वों से भरा हुआ होता है और एक्टिव इम्यून सेल्स उनका सामना कर रहे होते हैं तो वो सूज जाते हैं और उनमें काफी दर्द भी होता है। वो आकार में भी बड़े हो जाते हैं। हालांकि एक दो दिन में बिना किसी ट्रीटमेंट के दर्द ठीक हो जाता है लेकिन उसका आकार सामान्य होने में कुछ हफ्तों का वक्त लग सकता है।

लिम्फ़ नॉड्स में सूजन आने के सामान्य कारण

लिम्फ़ नॉड्स में सूजन नीचे बताए गए इंफेक्शन के कारण हो सकती है-

• कोल्ड एंड फ्लू

• दांत में पस

• मसूड़ों की समस्याएं और मुंह के छाले

• कान का इंफेक्शन

• त्वचा का इंफेक्शन

• यौन संचारित रोग (एसटीडीज़)

टोन्सिल्स व सॉफ्ट ग्लैंड्स की सूजन लिम्फ़ नॉड्स के जैसी ही होती है, जिससे आपको आइडिया लग सकता है कि इंफेक्शन के कारण लिम्फ़ नॉड्स का आकार बढ़ जाता है। हालांकि, कभी-कभी ये सूजे हुए लिम्फ़ नॉड्स किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा भी करते हैं। हम यहां आपको ऐसे ही कुछ कारण बता रहे हैं जिनकी वजह से आपको लिम्फ़ नॉड्स के आकार बढ़ने को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

1) एचआईवी इंफेक्शन

एचआईवी वायरस धीरे धीरे इम्यून सिस्टम को नष्ट कर देता है जिससे कि शरीर के लिए इंफेक्शन से लड़ना मुश्किल हो जाता है। यह बीमारी यौन संपर्क, ब्लड ट्रांसफ्यूजन्स, सुई शेयर करने और गर्भवती महिला से उसके भ्रूण को हो सकती है।

लक्षण – लिम्फ़ ग्लैंड्स में सूजन के अलावा, सिरदर्द, मुंह के छाले, मांसपेशियों में अकड़न या दर्द, अलग-अलग तरह के रैशेज़ और गले में दर्द इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं।

उपचार – एचआईवी एक गंभीर बीमारी है जिसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता लेकिन इसका इलाज किया जा सकता है। इसमें एंटी-वायरल ड्रग्स का कॉम्बिनेशन दिया जाता है।

2) टीबी

ट्यूबरक्लॉसिस (टीबी) एक संक्रामक बैक्टीरिया माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस के संक्रमण से होता है। यह फेफड़ों को संक्रमित करता है। यह अन्य अंगों तक भी पहुंच जाता है।

लक्षण – फेफड़ों के ट्यूबरक्लॉसिस का एक लक्षण गले या दूसरे स्थानों पर सूजे हुए लिम्फ़ नॉड्स की उपस्थिति होना भी है। हालांकि शुरू में इसके कोई लक्षण नहीं दिखते लेकिन बाद में बलगम वाली खांसी, रात में बहुत पसीना आना, थकान, बुखार और वजन घटने जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

उपचार – इस बीमारी के उपचार में बहुत सारे ड्रग्स के कॉम्बिनेशन (आमतौर पर चार) का इस्तेमाल किया जाता है। सारी दवाइयों का तब तक इस्तेमाल किया जाता है, जब तक लैब टेस्ट ये न बता दें कि कौन सी दवाईयां बेहतर काम कर रही हैं। मरीज़ को घर पर रहने या दो तीन दिन के लिए अस्पताल में एडमिड रहने की सलाह दी जाती है, ताकि उससे दूसरे लोगों में संक्रमण न फैले।

3) लिम्फ़ नॉड ट्यूबरक्लॉसिस - लिम्फ़ नॉड ट्यूबरक्लॉसिस, जिसे ट्यूबरक्यूलस लिम्फेडेनीटिस (tuberculous lymphadenitis) भी कहते हैं, में आमतौर पर गले के नॉड्स प्रभावित बोते हैं। वो सूज जाते हैं। वैसे, सूजन शरीर के बाकी अंगों में मौजूद नॉड्स पर भी हो सकती है। कुछ वक्त के बाद ये सूजे हुए नॉड्स त्वचा के माध्यम से तरल पदार्थ रिलीज करने लगते हैं।

लक्षण – इस बीमारी के मरीज को एक या दो से अधिक लिम्फ़ हो सकते हैं, जो कि हफ्तों से लेकर महीनों तक रह सकते हैं। इनमें सूजन होती है लेकिन दर्द नहीं। जिन मरीज़ों को ये बीमारी बहुत अधिक है उनके लक्षण बुखार, वजन घटना, थकान और रात को पसीने आदि हो सकते हैं।

उपचार – उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज किस प्रकार के बैक्टीरियल संक्रमण से पीड़ित है। कुछ संक्रमण में सर्जिकल ट्रीटमेंट भी देना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, नॉनट्यूबरक्लॉस माइकोबैक्टीरियम (एनटीएम) में सर्जरी करने से सही परणाम मिल जाते हैं लेकिन माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस में एंटीबायोटिक्स से उपचार किया जाता है।

4) मोनोनूक्लेओसिस

मोनोनूक्लेओसिस (Mononucleosis) एक वायरल इंफेक्शन है। ये युवाओं को अधिक निशाना बनाता है।

लक्षण – गले में दर्द और थकान के साथ साथ कमजोरी, अलग-अलग तरह के दर्द, बेहोशी, गले में सूजे हुए लिम्फ़ आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं।

उपचार – मोनोनूक्लेओसिस संक्रमण का उपचार करने के लिए कोई विशेष थेरेपी नहीं है। इस तरह के वायरल इंफेक्शन में एंटी बायोटिक्स काम नहीं करती। इसलिए इसको ठीक करने के लिए, मायो क्लिनिक एक्सपर्ट, बेडरेस्ट और बहुत अधिक फ्लूड लेने की सलाह देते हैं। दूसरे इंफेक्शन जैसे कि स्ट्रेप इंफेक्शन या टोनसिस्ल को एंटीबायोटिक्स से ठीक किया जा सकता है।

5) होग्किंन्स लिंफोमा

जब लिम्फ़ नॉड्स, स्प्लीन, लीवर, बोन मैरो आदि के लिम्फ़ टिशू का कैंसर होता है तो उसे होग्किंन्स लिंफोमा (Hodgkin’s lymphoma) कहते हैं। अगर इसका पता लगा लिया जाए तो इस कैंसर का इलाज आसान हो जाता है।

लक्षण – बिना किसी कारण के गले, बगल या कमर के लिम्फ़ नॉड्स में बेकारण दर्दरहित सूजन हो जाए, जिसका कारण समझ न आए, तो वह होग्किंन्स लिंफोमा का पहला लक्षण होता है। ये बीमारी लिम्फ़ नॉड्स के आसपास फैल जाती है। बाद में स्प्लीन, लीवर, बोन मैरो या अन्य अंगों में भी ये बीमारी फैल सकती है। दूसरे लक्षणों में थकान, बुखार और बार बार ठंड लगना, शरीर में खुजली होना जिसका कारण न मालूम चले, भूख कम होना, रात में पसीने आना और वजन घटना शामिल हैं।

उपचार – इसका उपचार कीमोथेरेपी या रेडियोथेरी या फिर दोनों से किया जाता है। कुछ मामलों में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट भी किया जाता है।

लिम्फ़ नॉड्स का आकार बढ़ने का अर्थ

ऊपर बताई गई स्थितियों से ये साफ हो जाता है कि लिम्फ़ नॉड्स के आकार और उसकी सूजन को समझकर कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, कैंसर में, लिम्फ़ नॉड्स से कैंसर की स्टेज का मालूम चलता है, जिससे कि उपचार किया जाता है।

कब जाएं डॉक्टर के पास

अगर आपके लिम्फ़ नॉड्स में निम्न परिवर्तन दिखे, तो डॉक्टर से संपर्क करें –

• कई हफ्तों में भी छोटे न हो बल्कि आकार में बढ़ते जाएं।

• लाल और संवेदनशील होना।

• कठोर, अनियमित या किसी एक जगह पर बने रहें।

• सूजन हो, साथ में बुखार, रात में पसीना और वजन कम होना।

अगर आपके बच्चे के लिम्फ़ नॉड्स का आकार डायमीटर में एक सेंटीमीटर से अधिक होता है तो उसे डॉक्टर के पास ले जाएं। अगर आपको बच्चे में सांस लेने या निगलने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत उपचार कराएं।

संदर्भ

http://www.nlm.nih.gov/medlineplus/ency/article/003097.htm

http://www.lungindia.com/article.asp?issn=0970-2113;year=2004;volume=21;issue=4;spage=50;epage=53;aulast=Gupta

http://www.bmj.com/content/340/bmj.c63

मूल स्रोत : 8 reasons for constant bruises on your body

अनुवादक – Shabnam Khan

चित्र स्रोत – Getty Images

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