
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
इस समस्या के कारण महिलाओ को असहनीय दर्द होता है।
Endometriosis treatment in adolescent girls: एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis), एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भाशय के बाहर सेल्स का अनियंत्रित तरीके से विकास होने लगता है। ये एन्डोमेट्रियल सेल्स गर्भाशय की भीतरी परत की तरह ही निर्माण करते हैं और गर्भाशय बाहर होने के कारण इनका विस्तार धीरे-धीरे अन्य अंगों तक भी होने लगते हैं। यह दुनियाभर की महिलाओं में तेजी से फैलने वाली एक समस्या है जो उनकी प्रजनन प्रक्रिया को प्रभावित करती है।
डॉ.विद्या भट्ट (Dr. Vidya V Bhat, Medical Director, RadhaKrishna Multispeciality Hospital, Bengaluru) का कहना है कि एंडोमेट्रियोसिस आमतौर पर जहां महिलाओं की एक समस्या मानी जाती थी वहीं अब नौजवान लड़कियों में भी एंडोमेट्रियोसिस के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन, कम उम्र की लड़कियों में एंडोमेट्रियोसिस का पता लगाना थोड़ा मुश्किल है और इसके कई कारण हैं।
इस आर्टिकल में डॉ. विद्या भट्ट द्वारा बतायी गयीं ऐसी ही जानकारियां आप पढ़ सकेंगे जो कम उम्र की लड़कियों में एंडोमेट्रियोसिस के लक्षणों को समझने और उनके इलाज में आपके काम आ सकेंगे।
एंडोमेट्रियोसिस के जो प्रमुख लक्षण(symptoms of endometriosis) हैं उनमें पेल्विक एरिया में दर्द, पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग और थकान जैसी समस्याएं होती हैं। ये प्रॉब्लम्स आमतौर पर पीरियड्स के दौरान लड़कियों को महसूस होती ही हैं इसीलिए, वे अक्सर इन्हें साधारण समझकर इन्हें नजरअंदाज ही करती हैँ। लक्षणों की इस तरह अनदेखी करने से उनकी बीमारी का पता लगने में अक्सर देर हो जाती है।
लड़कियों को पीरियड्स, मेंस्ट्रुएशन से जुड़ी समस्याएं-बीमारियों के बारे में सही जानकारी ना होने के कारण लड़कियों के लिए एंडोमेट्रियोसिस के खतरे को समझ पाने में समस्या हो सकती है।
एंडोमेट्रियोसिस की बीमारी के कारण महिलाओं के भावनात्वक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। अगर बीमारी का समय पर पता ना चले तो इससे उन्हें लम्बे समय तक दर्द, चिड़चिड़ापन और थकान महसूस हो सकती है। इसी तरह स्कूल या कॉलेज ना जाने पाने के कारण उनमें पढ़ाई को लेकर चिंता और एंग्जायटी हो सकती है।
किशोरावस्था के बाद जब लड़कियों को पीरियड्स और फर्टिलिटी से जुड़े विषयों पर धीरे-धीरे जानकारी होने लगती है तब उनमें एंडोमेट्रियोसिस का पता लगने से कुछ समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। जैसे उन्हें भविष्य में फर्टिलिटी और गर्भधारण ना कर पाने जैसी बातों की चिंता सता सकती है।
डॉ. विद्या भट्ट कहती हैं कि लड़कियों में एंडोमेट्रियोसिस के इलाज के लिए गायनोकलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, पेन स्पेशलिस्ट और मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स की मदद बहुत महत्वपूर्ण है। इन सभी की मदद और गाइडेंस से ना केवल इलाज के सेफ और फास्ट तरीके तय करने में मदद होती है बल्कि लड़कियों को मेंटली और फिजिकली हेल्दी रखने के लिए मोटिवेट भी किया जा सकता है।
ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स (oral contraceptives), प्रोजेस्टिन्स ( progestins, or GnRH agonists) की मदद से लड़कियों में एंडोमेट्रियोसिस के इलाज में सहायता हो सकती है। इन दवाओं की मदद से सूजन कम करने, दर्द कम करने और बीमारी को बढ़ने से रोकना मुख्य उद्देश्य होता है।
जिन मामलों में दवाएं और थेरेपी काम नहीं आ पातीं वहां सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है। गांठ हटाने के लिए लैप्रोस्कोपिक सर्जरी (Laparoscopic surgery) की मदद ली जा सकती है। इससे लक्षणों से राहत मिलती है और आगे चलकर फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं से बचने में भी मदद होती है।