सीएम योगी ने कहा, यूपी में इंसेफेलाइटिस रोकने के लिए बड़े स्तर पर हो रहा है काम, जानिए क्या है यह रोग

2016 और 2017 में उप्र में सिर्फ इंसेफेलाइटिस यानी मस्तिष्क में सूजन (Encephalitis in UP) से प्रतिवर्ष 600 से ज्यादा मौतें होती थीं। बाद के वर्षों के आकड़ों में गिरावट आई है। वर्ष 2019 तक यह घटकर 126 तक आ गई थी। सीएम योगी ने कहा कि जिस प्रकार से इस वर्ष कोरोना काल में स्वच्छता और सैनिटाइजेशन का अभियान चला है, उससे इन मौतों में और कमी आएगी।

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Written By: Anshumala | Updated : July 7, 2020 8:49 PM IST

Encephalitis: बारिश के मौसम में कई तरह की जलजनित बीमारियों के होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसके लिए जन-जागरूकता अभियान जरूरी है। यह बात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। उन्होंने कहा कि कोरोना की तरह के संचारी रोगों से भी डटकर मुकाबला करना होगा। इसके लिए उन्होंने एक 'संचारी रोग नियंत्रण अभियान' (Communicable Disease Control Campaign) की शुरुआत की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोई भी अनलॉक को हल्के में ना ले, क्योंकि जरा सी लापरवाही से करोना का प्रसार तेजी से होने लगेगा। कोविड-19 को नियंत्रित करने में स्वच्छता की भी बड़ी भूमिका बताई।

इंसेफेलाइटिस से प्रत्येक वर्ष 600 मौतें

2016 और 2017 में उप्र में सिर्फ इंसेफेलाइटिस यानी मस्तिष्क में सूजन (Encephalitis in UP) से प्रतिवर्ष 600 से ज्यादा मौतें होती थीं। बाद के वर्षों के आकड़ों में गिरावट आई है। वर्ष 2019 तक यह घटकर 126 तक आ गई थी। सीएम योगी ने कहा कि जिस प्रकार से इस वर्ष कोरोना काल में स्वच्छता और सैनिटाइजेशन का अभियान चला है, उससे इन मौतों में और कमी आएगी। जिस बीमारी ने पिछले चालीस वर्षों में हजारों बच्चों को निगल लिया हो, उस बीमारी को 60 फीसदी तक कम कर लिया जाए, तो यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि को हासिल करने में प्रधानमंत्री के 'स्वच्छ भारत मिशन' की बड़ी भूमिका है।

इंसेफेलाइटिस की रोकथाम (Encephalitis prevention)

योगी ने कहा कि प्रदेश के अंदर इंसेफेलाइटिस को रोकने (Encephalitis in hindi) का काम बड़े स्तर पर किया गया है। अब मलेरिया, डेंगू और संचारी रोगों को रोकने के लिए फिर से अभियान चलाया जा रहा है। विभागों के समन्वय के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को उल्टी, दस्त जेई व एईएस आदि संचारी रोग से बचाने के लिए जागरूक किया जाएगा। यह अभियान 31 जुलाई तक चलेगा।

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