Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
2023 के आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बड़ी घोषणाएं की। बजट के दौरान सिकल सेल एनीमिया बीमारी का भी जिक्र करते हुए इसे 2047 तक जड़ से खत्म करने का लक्ष्य (Eliminate Sickle Cell Anemia By 2047) रखा गया है। बजट के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया से 0 से 40 वर्ष तक के लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं। इससे निपटने के लिए 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। आपको बता दें कि सिकल सेल एनीमिया से आदिवासी क्षेत्र में रहने वाले अधिकांश लोग इससे पीड़ित हैं।
मायो क्लिनिक के अनुसार,सिकल सेल एनीमिया अनुवांशिक बीमारियों का एक समूह है, जिसे सिकल सेल रोग कहा जाता है। यह मुख्य रूप से रेड ब्लड सेल्स के आकार को प्रभावित करता है, जो कि शरीर के सभी भागों में ऑक्सीजन ले जाने का काम करता है। सिकल सेल एनीमिया रोग में लाल रक्त कोशिकाओं का आकार गोलाकार से अर्धचंद्राकार हो जाता है जोकि बहुत कठोर और चिपचिपे होते हैं जिसके कारण नसों में रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है या रुक जाता है।
सिकल सेल एनीमिया के लक्षण मुख्य रूप से 6 महीने की उम्र के दौरान दिखाई देते हैं। इसके लक्षण हर रोगी में अलग-अलग हो सकते हैं:
सिकल सेल एनीमिया के चलते पीड़ित व्यक्ति में कई तरह के कॉम्प्लिकेशंस भी देखने को मिलते हैं। खासकर स्ट्रोक, एक्यूट चेस्ट सिंड्रोम, पलमोनरी हाइपरटेंशन, ऑर्गन डैमेज, पैरों में अल्सर, अंधापन, डीप वेन थ्रांबोसिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सिकल सेल एनीमिया वाले अधिकांश लोगों का कोई उपचार नहीं है। हालांकि उपचार दर्द से राहत दे सकते हैं और बीमारी से जुड़े खतरों को कम कर सकते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो इसका उपचार बोन मैरो ट्रांसप्लांट के माध्यम से किया जा सकता है।
सिकल सेल एनीमिया से बचाव के लिए जेनेटिक काउंसलर की मदद ली जा सकती है खासकर प्रेगनेंसी के दौरान या गर्भधारण से पहले जेनेटिक काउंसलर या डॉक्टर सही सलाह दे सकते हैं। ताकि होने वाले बच्चे को इस बीमारी का शिकार ना होना पड़े। रिपोर्ट की माने तो केंद्र सरकार भी सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने के लिए पीड़ित लोगों की जेनेटिक कुंडली तैयार करने पर विचार कर रही है। जिससे इस बीमारी को रोका जा सके। केंद्र सरकार देश को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाएगी इस पर नए अपडेट आना बाकी है।