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बच्चों की किडनी पर रंग-बिरंगे और चीनी वाले पेय पदार्थों का क्या असर पड़ता है?

रंग-बिरंगे कोल्ड ड्रिंक्स, पैक्ड जूस और अत्यधिक चीनी वाले पेय पदार्थ बच्चों की सेहत के दुश्मन बन रहे हैं। इनका लगातार सेवन बच्चों की कोमल किडनी पर भारी दबाव डालता है, जिससे उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 16, 2026 7:08 AM IST

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बच्चों की किडनी अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए मार्केट में मिलने वाले रंग-बिरंगे ड्रिंक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स, सोडा और पैकेज्ड फ्रूट जूस बच्चों के लिए अच्छे नहीं होते हैं और ये किडनी के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकते हैं। इनमें अत्यधिक मात्रा में चीनी, फॉस्फोरिक एसिड, सोडियम और कृत्रिम रंग (फूड डाई) होते हैं, जो किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। ऐसे पेय पदार्थों का नियमित सेवन शरीर में पानी और खनिजों (मिनरल्स) का संतुलन बिगाड़ देता है। इससे बचपन में ही किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है और लंबे समय में किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। जानें मानें पीडियाट्रीशनपीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. संजीव बगाई (पद्मश्री) ने इस बारे में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

नाजुक होती है बच्चों की किडनी

जिस प्रकार एक व्यस्क व्यक्ति चीनी, नमक व अन्य तत्वों को प्रोसेस कर पाती है, उस तरीके से बच्चों की किडनी काम नहीं कर पाती है। ऐसे में यदि बच्चे लगातार अधिक चीनी या नमक वाले पेय पदार्थ पीते हैं तो उससे कुछ ही सप्ताह में किडनी की फिल्टर करने की क्षमता जिसे ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट (GFR) कहा जाता है वह प्रभावित हो सकता है। कई मामलों में स्थिति इतनी जल्दी खराब हो सकती है, कि एक्यूट किडनी इंजरी (AKI) भी विकसित हो सकता है। यहां तक कि सीरम क्रिएटिनिन में 0.1–0.2 mg/dL की वृद्धि होना भी किडनी को हो रहे शुरुआती नुकसान का संकेत हो सकती है।

बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचाने वाली चीजें

छोटे बच्चों का शरीर विकसित हो रहा होता है और इसलिए उनकी किडनी भी ठीक से विकसित नहीं हो पाती है और काम करना सीख रही होती है। ऐसे में कुछ तत्व हैं, जो किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं जैसे -

  • हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप और अत्यधिक चीनी - पैकेज्ड जूस और सॉफ्ट ड्रिंक्स में अत्यधिक मात्रा में चीनी मिलाई जाती है। यह शरीर के अंदर जाकर ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाती है और लंबे समय तक ऐसा होना इंसुलिन रेजिस्टेंस और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या विकसित कर सकता है। ये दोनों स्थितियां आगे चलकर क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का जोखिम बढ़ाती हैं।
  • फॉस्फोरिक एसिड - कार्बोनेटेड और गहरे रंग के पेय पदार्थों में स्वाद बढ़ाने के लिए फॉस्फोरिक एसिड मिलाया जाता है। यह यूरिन की रासायनिक संरचना को बदल देता है, जिससे शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट का संतुलन बिगड़ता है और किडनी स्टोन बनने की संभावना बढ़ जाती है।
  • आर्टिफिशियल फूड डाई - पैकेजिंग वाले फूड्स को कलर देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली फूड डाई जैसे टार्ट्राजीन, कार्मोइसिन और रेड-40 आदि शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा कर सकती हैं। इससे बनने वाले फ्री रेडिकल्स लिवर और किडनी की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • अत्यधिक सोडियम और इलेक्ट्रोलाइट्स - स्पोर्ट्स ड्रिंक्स और कई रंगीन पेय पदार्थों में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। इससे रक्तचाप बढ़ता है और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।

ज्यादा चीनी का स्वास्थ्य पर प्रभाव

चीनी यानी शुगर स्वास्थ्य के लिए एक सीमित मात्रा में ही सही माना जाता है और अगर लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में चीनी खाई जा रही है, तो इसका यह स्वास्थ्य पर कई नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है जैसे -

  • ब्लड शुगर का बढ़ना
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ना
  • वजन बढ़ना यानी मोटापा बढ़ना
  • शरीर में सूजन बढ़ना
  • हाई ब्लड प्रेशर होना

स्वास्थ्य से जुड़ी ये समस्याएं शरीर को कई अलग-अलग तरीके से प्रभावित करने लगते हैं, जिसमें किडनी पर ज्यादा प्रभाव पड़ना भी एक है।

चीनी के सेवन से क्रोनिक किडनी डिजीज का खतरा

कई रिसर्च बताती हैं कि चीनी का सेवन करना हमारी किडनी हेल्थ को भी प्रभावित करता है, क्योंकि अधिक चीनी खाने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। लगातार हाई ब्लड शुगर किडनी की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं (Glomeruli) को नुकसान पहुंचाती है। इससे किडनी के फिल्टर कमजोर हो जाते हैं और पेशाब में प्रोटीन आने लगता है, जिसे प्रोटीन्यूरिया (Proteinuria) कहा जाता है। यह किडनी खराब होने का शुरुआती संकेत है। डायबिटीज को किडनी खराब करने वाली बीमारी के रूप में भी जाना जाता है।

इसके अलावा चीनी का ज्यादा सेवन हाई ब्लड प्रेशर का कारण भी बन सकता है क्योंकि इससे शरीर का वजन बढ़ता है जिसका सीधा संबंध हाई ब्लड प्रेशर से होता है। लगातार हाई ब्लड प्रेशर रहने से किडनी को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे उसकी फिल्टर करने की क्षमता धीरे-धीरे कम होती जाती है। इसके अलावा चीनी यानी रिफाइंड शुगर शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाती है, जो किडनी को नुकसान पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज कर देती है।

सिर्फ मिठाइयों में ही नहीं होती चीनी

चीनी आपके स्वास्थ्य को कैसे नुकसान पहुंचाती है यह जानने के साथ-साथ यह पता होना भी जरूरी है कि हम चीनी का सेवन किन-किन चीजों में कर रहे हैं, क्योंकि चीनी केवल मिठाइयों में ही नहीं, बल्कि इन खाद्य पदार्थों में भी अधिक मात्रा में होती है -

  • सॉफ्ट ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स
  • पैकेज्ड फ्रूट जूस
  • ब्रेकफास्ट सीरियल्स
  • फ्लेवर्ड योगर्ट
  • सॉस और सलाद ड्रेसिंग
  • प्रोसेस्ड स्नैक्स

अगर आप इनमें से किसी भी फूड का ज्यादा मात्रा में या लंबे समय से सेवन कर रहे हैं, तो इसका मतलब आपके शरीर में अभी भी रिफाइन्ड शुगर जा रहा है और आपको पता भी नहीं है।

किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत

जब किडनी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं, तो शरीर में उसके कुछ लक्षण देखे जा सकते हैं जिन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए -

  • झागदार पेशाब
  • बार-बार पेशाब आना
  • लगातार थकान
  • हाथों या पैरों में सूजन
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • ब्लड शुगर नियंत्रित न रहना

अगर आपको उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दिख रहा है, तो ऐसे में आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और अपने अच्छे से अपने स्वास्थ्य की जांच करा लेनी चाहिए। डॉक्टर आपको ट्रीटमेंट के साथ-साथ कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह भी देंगे, जिनका ध्यानपूर्वक पालन करना चाहिए।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल चीनी का सेवन करने से किडनी और अन्य स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बारे में बताना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।