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Smartphone Radiation Effects: स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक ऐसा हिस्सा बन गया है, जो दिन में दूर होने की तो बात दूर है रात को भी हमसे दूर नहीं होता है। आजकल युवा से लेकर बुजुर्ग तक दिनभर फोन को या तो अपने हाथ में रखते हैं या फिर तकिए के नीचे रख कर सो जाते हैं, लेकिन क्या इस बारे में कभी सोचा है कि मोबाइल भी रेडिएशन छोड़ता है और क्या इसे अपने इतना करीब रखना सही है? अगर इसका एक ही शब्द में जवाब देना हो तो जवाब है नहीं। मोबाइल को अपने इतना करीब रखना बिल्कुल भी सही नहीं है और इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हैं, जिनमें से रेडिएशन भी एक हो सकता है। अब जैसा कि आज के समय में हर किसी के पास फोन है, तो इस बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां होना जरूरी है। मोबाइल कितनी रेडिएशन छोड़ता है, उससे स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आदि के बारे में हम इस लेख में एक्सपर्ट्स की मदद से जानने की कोशिश करेंगे।
मोबाइल फोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बातचीत, इंटरनेट, सोशल मीडिया, कामकाज और मनोरंजन, लगभग हर काम के लिए हम मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या मोबाइल से निकलने वाला रेडिएशन हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।
डॉ. विजय कुमार शर्मा, कंसलटेंट इंटरनल मेडिसिन, रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर
मोबाइल फोन रेडियोफ्रीक्वेंसी (RF) नाम की ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं, जो एक तरह का नॉन-आयोनाइजिंग रेडिएशन होता है। यह एक्स-रे या गामा किरणों जितना शक्तिशाली नहीं होता, इसलिए इसका असर उतना गंभीर नहीं माना जाता। अब तक हुए कई वैज्ञानिक शोधों में यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं हुआ है कि सामान्य तरीके से मोबाइल फोन का उपयोग करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि इस विषय पर अभी भी शोध जारी है।
(और पढ़ें - मोबाइल रेडिएशन से शरीर का कौन सा अंग खराब होता है?)
लंबे समय तक मोबाइल का अधिक उपयोग कुछ छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकता है। कई लोगों को सिरदर्द, आंखों में थकान और नींद की गड़बड़ी जैसी समस्याएं महसूस होती हैं। देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करने से शरीर का स्लीप साइकिल भी प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा लगातार फोन कान से लगाकर बात करने से कुछ लोगों को कान या सिर में गर्माहट महसूस हो सकती है।
बच्चों और किशोरों में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से नुकसानदायक हो सकता है। ज्यादा स्क्रीन टाइम से उनकी आंखों पर असर पड़ता है, नींद प्रभावित होती है और पढ़ाई व शारीरिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
मोबाइल का उपयोग करते समय कुछ आसान आदतें अपनाकर संभावित जोखिम को कम किया जा सकता है। लंबे समय तक फोन कान से लगाकर बात करने के बजाय ईयरफोन, हेडफोन या स्पीकर मोड का इस्तेमाल करना बेहतर होता है। फोन को लंबे समय तक जेब में रखने के बजाय बैग में रखना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। रात में सोते समय मोबाइल को सिर के बहुत पास रखकर सोने से बचना चाहिए। बेहतर होगा कि फोन को तकिए के पास रखने के बजाय थोड़ी दूरी पर रखें। जब सिग्नल कमजोर होता है, तब मोबाइल ज्यादा रेडिएशन उत्सर्जित करता है, इसलिए ऐसे समय में लंबी बातचीत करने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर, मोबाइल फोन हमारे जीवन को आसान बनाते हैं, लेकिन इसका संतुलित और समझदारी से उपयोग करना बहुत जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी और सही आदतें अपनाकर हम मोबाइल के संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।