Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Mobile Use And Sleep Problems: लोगों का लाइफस्टाइल अब तेजी से प्रभावित होता जा रहा है और उसके पीछे का सबसे प्रमुख कारण है खुद के स्वास्थ्य की देखभाल न रखना। जब हम लाइफस्टाइल को सही से मेंटेन नहीं रख पाते हैं, तभी से शरीर में हेल्थ प्रॉब्लम होना शुरू हो जाती है। लाइफस्टाइल की कुछ आदतें, जिन्हें आसानी से अपनाया जा सकता है उन्हें भी हम अच्छे से मेंटेन नहीं कर पा रहे हैं। इनमें से एक है रात को देर से सोने की और ऐसा आमतौर पर हमारे द्वारा रात को देर-देर तक सोने की आदत से हो रहा है।
“आज के समय में नींद न आना एक आम समस्या बन चुकी है। बहुत से लोग कहते हैं कि वे थके हुए होते हैं, बिस्तर पर समय से चले जाते हैं, लेकिन फिर भी घंटों नींद नहीं आती। इसका सबसे बड़ा कारण फोन व अन्य डिजिटल स्क्रीन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल, वह भी खासतौर पर रात के समय”
हमारे शरीर की अपनी एक खुद की प्राकृतिक घड़ी होती है, जिसे बॉडी क्लॉक या सर्कैडियन रिदम कहा जाता है। यह घड़ी तय करती है कि हमें कब जागना है, कब सोना है और कब हार्मोन रिलीज होने हैं। इस सिस्टम में सबसे अहम भूमिका निभाता है मेलाटोनिन, जिसे स्लीप हार्मोन कहा जाता है। जब अंधेरा होता है, तो शरीर मेलाटोनिन बनाना शुरू करता है और हमें नींद आने लगती है। लेकिन जब हम रात में मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट की तेज रोशनी देखते हैं, तो यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है।”
मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी यानी ब्लू लाइट सबसे ज्यादा नुकसानदायक होती है। यह रोशनी दिमाग को यह भ्रम देती है कि अभी दिन का समय है। नतीजा यह होता है कि मेलाटोनिन का स्राव कम हो जाता है या देर से शुरू होता है। जब आपके शरीर में मेलाटोनिन कम बनने लगता है, तो उससे शरीर में निम्न लक्षण देखने को मिलते हैं -
आपने भी कई बार सुना होगा कि लोग अक्सर कहते हैं कि पूरी नींद लेने के बाद भी उन्हें थकान जैसा महसूस होता है। दरअसल इसके पीछे मेलाटोनिन कम बनना और उससे शरीर में होने वाले प्रभाव शामिल हैं।
रात के समय फोन देखने से जुड़ी कुछ खराब आदतें, जो आपकी नींद के सामान्य चक्र को प्रभावित कर रही हैं। ये आदतें लगभग हर घर में दिख जाती हैं -
ये सभी आदतें दिमाग को लगातार एक्टिव रखती हैं। दिमाग को आराम मिलने के बजाय उसे नया कंटेंट, नई जानकारी और तेज रोशनी मिलती रहती है। ऐसे में नींद कैसे आए?” वहीं जब आप पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं, तो उसका असर भी शरीर में दिखने लगता है। “नींद की कमी को लोग अक्सर हल्के में लेते हैं, लेकिन इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जानें नींद की कमी से शरीर पर क्या असर पड़ता है -
लगातार नींद पूरी न होने से शरीर को ठीक होने और खुद को रिपेयर करने का मौका नहीं मिलता। वहीं बच्चों और युवाओं पर स्क्रीन का ज्यादा असर क्यों पड़ता है, इस बारे में जानना भी जरूरी है।
बच्चों और किशोरों में दिमाग और हार्मोनल सिस्टम अभी विकसित हो रहा होता है। ऐसे में देर रात मोबाइल का इस्तेमाल उनके लिए और भी ज्यादा नुकसानदेह है। उनके स्वास्थ्य पर इससे पड़ने वाला असर कुछ इस प्रकार है -
आज कई बच्चे देर रात तक मोबाइल चलाते हैं और सुबह स्कूल में थके हुए रहते हैं। यह आदत उनके भविष्य की सेहत पर असर डाल सकती है।” लेकिन यहां पर सिर्फ मोबाइल को ही मुख्य कारण मान लेना काफी नहीं है, क्योंकि इसके अलावा भी कई अन्य कारण है जैसे -
लेकिन इन सब में मोबाइल सबसे बड़ा ट्रिगर बन चुका है, क्योंकि यह हमारे हाथ में हर समय रहता है।”
नाइट मोड और ब्लू लाइट फिल्टर कुछ हद तक मदद कर सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह समाधान नहीं हैं। स्क्रीन की रोशनी कम जरूरत होती है, लेकिन दिमाग फिर भी एक्टिव रहता है। नाइट मोड फायदेमंद है लेकिन लेकिन फोन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करना ज्यादा फायदेमंद है। ऐसा इसलिए क्योंकि समस्या सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि कंटेंट और लगातार उत्तेजना भी है, जो माइंड को रिलैक्स नहीं होने देता।
अब बात करते हैं कि आखिर इन सभी हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचने के लिए अच्छी नींद कैसे लें। आपको लगता होगा कि जब आप बिस्तर पर लेट जाते हैं तो आपको नींद नहीं आती है और इस कारण से आपको फोन इस्तेमाल करना पड़ता है। दरअसल, आपको सिर्फ रात को जल्दी सोने की कोशिश करने की बजाय दिन में भी कुछ आदतों को अपनाना होगा जैसे -
अगर आपको लगता है कि ये सभी चीजें आपको जल्दी नींद लाने के लिए ही है, तो पूरी तरह से यह बात सच नहीं है। दरअसल, जीवनशैली में ये सभी बदलाव आपके बॉडी क्लॉक को ठीक करने में मदद करेंगे, जिससे आपको अपने आप नींद आने लगेगी।
“अगर हफ्तों तक नींद की समस्या बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह किसी अंदरूनी बीमारी या हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। ऐसे में अगर आपको निम्न में से कोई भी लक्षण दिख रहा है, तो आप जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं -
“आज के दौर में लोग नींद को समय की बर्बादी समझने लगे हैं, जबकि हकीकत यह है कि नींद शरीर की सबसे बुनियादी ज़रूरत है। अच्छी नींद से:
मोबाइल और तकनीक ज़रूरी हैं, लेकिन उनका सही इस्तेमाल और सही समय बेहद अहम है।”
डॉ. नीरज कहते हैं कि
“अगर आपको रात को नींद नहीं आती, तो सबसे पहले अपनी स्क्रीन आदतों पर ध्यान दें। फोन को कंट्रोल करना मुश्किल लग सकता है, लेकिन यही छोटा कदम आपकी नींद, सेहत और जीवन—तीनों को बेहतर बना सकता है। याद रखें, अच्छी नींद आज नहीं तो कल बड़ी बीमारियों से बचा सकती है।”
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।