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Written By: Editorial Team | Published : August 9, 2018 7:31 PM IST
आजकल कोई भी बीमारी हुआ नहीं कि डॉक्टर ढेर सारी एंटीबायोटिक्स लिख देते हैं पर अधिक दिनों तक एंटीबायोटिक्स का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। कई अध्ययनों में भी यह कहा गया है कि इसके अधिक सेवन से सेहत पर कई तरह के दुष्प्रभाव होते हैं। हाल ही में हुए एक नए अध्ययन में कुछ और ही नई बात सामने आई है। इसमें कहा गया है कि एंटीबायोटिक्स का साइड एफेक्ट दिमाग पर भी बहुत होता है।
यह अध्ययन जर्नल सेल रिपोर्ट्स में प्रकाशित हो चुकी है। इस शोध में पता चला है कि लंबे समय से एंटीबायोटिक्स खा रहे लोगों के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। बर्लिन में मैक्स डेलब्रक सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर मेडिसिन में इस रिसर्च को किया गया है। रिसर्च में बताया गया कि ऐसी स्थिति में बाद में दिमाग को तेज रखने के लिए आंत में हैल्दी बैक्टीरिया की जरूरत पड़ती है।
दरअसल एक विशेष प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिका बेक्टीरिया और दिमाग के बीच मध्यस्थता का कार्य करती है। आंत और ब्रेन से निकलने वाले हार्मोन सीधा तंत्रिका संपर्क की मदद से एक-दूसरे के साथ संवाद करते हैं।
इस शोध में शामिल शोधकर्ताओं ने एंटीबायोटिक के सहारे चूहे की आंत के माइक्रोबायोम (आंतों में मौजूद जीवाणु) को खत्म कर दिया। एंटीबायोटिक इलाज न दिए गए चूहों की तुलना में इलाज पाने वाले चूहों के दिमाग के हिप्पोकैंपस में बेहद कम संख्या में नई मस्तिष्क कोशिकाओं (मेमोरी के लिए महत्वपूर्ण) का निर्माण हुआ।
कम कोशिकाओं के निर्माण से इन चूहों की मेमोरी डिफेक्ट पाया गया। साथ ही रिसर्चर्स ने इन चूहों में विशेष प्रतिरक्षा कोशिकाओं एलवाई6सी (एचआई) मोनोसाइट की संख्या में भी कमी दर्ज की।
चित्रस्रोत: Shutterstock.