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Written By: Anshumala | Published : December 22, 2019 10:11 AM IST
जमीला जमील ने 'ईटिंग डिसऑर्डर' के बारे में खुलकर बात की, जानें क्यों होता है ईटिंग डिसऑर्डर? © instagramjameelajamil
ब्रिटिश अभिनेत्री जमीला जमील (jameela jamil) ने हाल ही में अपनी 10 साल पुरानी एक तस्वीर साझा की। सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करने के साथ उन्होंने लिखा, "यह 10 साल पहले एक दुखद दिन था। मैं कार्यक्रम में नहीं जाना चाहती थी, क्योंकि मैं खुद को 'बहुत मोटी' मानती थी और यह सोचा कि अगले दिन मैं सार्वजनिक रूप से शर्मिदा महसूस करूंगी। मैं बहुत कमजोर थी। मैं वहां केवल 10 मिनट तक ही रुकी। ईटिंग डिसऑर्डर (Eating Disorders)/डिस्मॉर्फिया बहुत गंभीर समस्या है। मैंने अपनी किशोरावस्था/उम्र के दूसरे दशक में जिंदगी का उतना लुत्फ नहीं उठाया।"
तस्वीर में वह फॉर्म फिटिंग काले रंग की ड्रेस और हील्स में पोज देती नजर आ रही हैं। 'ईऑनलाइन डॉट कॉम' के मुताबिक, जमीला किशोरावस्था के अपने ईटिंग डिसऑर्डर (Causes of Eating Disorders) समस्या, अधिक खाने और मोटापे को लेकर लोगों पर समाज के प्रभाव को लेकर अक्सर सार्वजनिक रूप से बात करती आई हैं।
पसंदीदा खाना देखा नहीं कि मुंह में पानी आ गया और फिर पेट भर कर उसे खा लिया। क्या आपके साथ भी ऐसा ही होता है कि आप अपना फेवरेट फूड देखते ही उस पर टूट पड़ते हैं? यदि हां, तो बार-बार ऐसा करने से ''ईटिंग डिसऑर्डर'' से आप ग्रस्त हो सकते हैं। ईटिंग डिसऑर्डर (Eating Disorder) में एक व्यक्ति अपनी नॉर्मल डाइट से बहुत ज्यादा या बहुत कम खाता है। ईटिंग डिसऑर्डर (Types of Eating Disorder) तीन प्रकार जैसे एनोरेक्सिया नर्वोसा (anorexia nervosa), बुलीमिया नर्वोसा (Bulimia nervosa) और बिन्ज ईटिंग डिसऑर्डर (Binge eating disorder) की होती है। ईटिंग डिसऑर्डर एक साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें आपको शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह की समस्याएं हो सकती हैं।
बहुत कम या बहुत ज्यादा खाना ”ईटिंग डिसऑर्डर” है वजह, जानें इसके बारे में सबकुछ
कई बार यह (causes of eating disorder) मानसिक और सामाजिक कारणों से भी होती है। इसके अलावा, डिप्रेशन, तनाव, अकेलापन आदि भी इसके होने की मुख्य वजहें होती हैं। वजन अधिक होने से कुछ लोग बिल्कुल खाना-पीना छोड़ देते हैं, ताकि वजन कम हो सके। यह भी एक तरह का ईटिंग डिसऑर्डर ही है। कई बार ईटिंग डिसऑर्डर की समस्या अनुवांशिक कारणों से भी हो जाती है।
1 ईटिंग डिसऑर्डर (Side Effects of eating disorder) में आप कुछ भी और हद से ज्यादा या कम खाने लगते हैं, जिसका असर दिल पर नकारात्मक रूप से पड़ता है। उल्टा-सीधा खाने से शरीर में वसा, कैलोरी चली जाती है, जिससे वजन तो बढ़ता ही है, साथ ही कोलेस्ट्रॉल लेवल भी हाई हो जाता है। यह दिल के लिए सही नहीं है। बुलीमिया नर्वोसा से पीड़ित व्यक्ति हद से ज्यादा खाता है, जिससे दिल की धड़कनें असामान्य हो जाती हैं।
2 वजन बढ़ने से शरीर बैडौल हो जाता है। इससे आत्मविश्वास में कमी आने लगती है। ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रस्त व्यक्ति हीन भावना का शिकार हो जाता है। खाने की आदतों पर कंट्रोल ना कर पाने के कारण वजन बढ़ता है, जिससे आत्मविश्वास में कमी आने लगती है। इससे वे जल्द ही तनाव और अवसाद के शिकार हो जाते हैं।
3 यह समस्या महिलाओं के लिए अधिक हानिकारक होती है। इससे पीरियड्स भी अनियमित हो जाती है और पीरियड्स वाले दिन पेट और कमर दर्द भी काफी तेज होता है।
इनपुट : (आईएएनएस हिंदी)