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कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर घर में ही शुरू कर दें ये 3 वर्कआउट! तेजी से लक्षणों को दबाने में मिलेगी मददः शोध
मौजूदा वक्त में कोरोना पॉजिटिव होने पर ज्यादातर लोगों को ऐसा कहा जाता है कि उन्हें किसी प्रकार की हड़बड़ी नहीं दिखानी चाहिए और संयम से काम लेना चाहिए। और देखा जाए तो ऐसा कौन सोचता होगा कि लक्षणों के दिखाई देने पर वर्कआउट शुरू करना कितना फायदेमंद हो सकता है और आप बाद में होने वाली परेशानी से बच सकते हैं। आपको यकीन नहीं होगा कि कुछ अध्ययन बताते हैं, कोरोना से जल्दी रिकवर होने के लिए आप कुछ हल्के वर्कआउट का प्रयोग कर सकते हैं। हम आपको ऐसे तीन प्रकार के वर्कआउट के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आपको COVID-19 से उबरने में मदद मिल सकती है। इन वर्कआउट को हाल ही में हुए एक अध्ययन में फायदेमंद बताया गया है लेकिन इन वर्कआउट को करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
इन एक्सरसाइज में COVID-19 से जल्द से जल्द ठीक होने के लिए एरोबिक को शामिल है, जो सीधे फेफड़ों को प्रभावित करती है।
वॉकिंग को बरसों से सबसे अच्छी और सबसे आरामदायक एक्सरासइज माना जाता है, जिसे आप रोजाना बिना किसी मेहनत के कर सकते हैं। हालांकि लॉकडाउन में वॉक के लिए घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। आप अपने घर, घर की छत, बगीचे या फिर ट्रेडमिल पर वॉक कर सकते हैं। बता दें कि सिर्फ एक घंटा पैदल चलने से आप बड़ी आसानी से 200-350 कैलोरी बर्न कर सकते हैं।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग ऑफ आर्म्स का मतलब है कि अपनी बाजुओं को मजबूत बनाने के लिए वेट लिफ्टिंग जैसी एक्सरसाइज करना। घबराइए नहीं इसके लिए आपको जिम जाने या फिर भारी-भरकम वजन उठाने की जरूरत नहीं है। आप घर में 1-2 किलो के रखे समान को आसानी से उठा सकते हैं। बाजुओ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए आप रोजाना कम से कम 5 मिनट आर्म-वर्कआउट को जरूर दीजिए।
स्क्वाट्स और लंज्स दो सबसे अच्छी एक्सरसाइज हैं, जिनसे आप अपने पैरों को काफी मजबूत बना सकते हैं। अपने एक्सरसाइज रूटीन में एक दिन कम से कम पैरों के लिए निकालें। आधे घंटे की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आपको 90 कैलोरी बर्न करने में मदद कर सकती है।
लीसेस्टर विश्वविद्यालय ने हाल ही में एक अध्ययन किया है, जिसमें उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया कि COVID-19 लक्षणों वाले रोगियों ने जब इस तरह की एक्सरसाइज में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया तो उनके श्वसन संबंधी लक्षणों, याददाश्त और थकान संबंधी लक्षणों में सुधार देखा गया। यह उन रोगियों के लिए है जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण थे और उन्होंने करीब 6 सप्ताह पूरे कर लिए थे। ये कार्यक्रम करीब ढाई महीने तक चला, जिसमें सप्ताह में दो बार इन गतिविधियों को किया गया।