क्या मानसून में बढ़ जाती है अस्थमा की परेशानी? जानिए बचाव के आसान तरीके

Can Mansoon trigger asthma : मानसून में अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं। इस लेख में इसके प्रमुख कारणों और उचार के विषम में विस्तार से चर्चा किया गया है।

क्या मानसून में बढ़ जाती है अस्थमा की परेशानी? जानिए बचाव के आसान तरीके

Written by Kishori Mishra |Updated : September 12, 2024 3:19 PM IST

Can Mansoon trigger asthma : मानसून अपने साथ में कई बीमारियां लेकर आती है। सर्दी-खांसी जोड़ों में दर्द और त्वचा से संबंधित समस्याओं की तरह ही मानसून में श्वसन संबंधी संमस्याएं बढ़ जाती हैं। बरसात में ठंडी हवाएं एवं रिमझिम बारिश से गर्मी से राहत तो मिलती है। लेकिन इसके कई साइड इफेक्ट भी हैं। इस लिए बारिश के समय में अस्थमा मरीजों को सावधान रहने की जरूरत होती है। हवा में अधिक नमी, मोल्ड, धूल के कण जैसे कई कारक है, जो अस्थमा के मरीजों की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसमें सांस फूलना, खांसी और घबराहट जैसे लक्षण अनुभव हो सकते हैं। इस लेख में अस्थमा को नियंत्रित करने के लिए कुछ खास सुझाओं पर विस्तार से बताया गया है

मानसून में क्यों बढ़ जाती है अस्थमा की परेशानी?- Why does The Problem Of Asthma Increase In Monsoon?

बरसात के मौसम में एटमोस्फीयर में पराग कणों (Pollen grain) की संख्या बढ़ जाती है, जिससे अस्थमा का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। ये पराग कण अधिकतर नमी वाले एरिया में फैलते हैं। अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जिसमें श्वसन नली में सूजन आ जाती है, जिससे सांस लेने में समस्या होती है। मानसून का मौसम इस समस्या को और अधिक बढ़ा देता है। इसके अलावा बरसात में कम धूप होने की वजह से विटामिन डी की कमी और ठंडा वातावरण भी इस समस्या को बढ़ाने में मदद करता है।

अस्थमा को नियंत्रित करने के लिए आसान सुझाव - Easy Tips to Control Asthma

बरसात के दौरान अस्थमा का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे बचे रहने के लिए कुछ आसान सुझाव नीचे दिए गए हैं-

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बरसात के दौरान खिड़कियां और दरवाजे बंदे रखें - Keep windows and doors closed during rains

यदि आप के घर में कोई अस्थमा मरीज है तो बारिश के दौरान घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद करके रखें। जिससे कमरे में नमी कम होगी। इसके साथ ही पेशेंट को फफूंद, धूल के कणों और पालतू जानवरों के बालों से बाचाएं। अस्थमा ट्रिगर्स को कंट्रोल करने के लिए मास्क लगाएं। घर में नमी से बचने के लिए किचन, बाथरूम और बेडरूम को सूखा रखें।

कमरे में ताजी हवा और सूरज की रोशनी आनी चाहिए - There should be fresh air and sunlight in the room

अस्थमा मरीज जिस कमरे में रहते हैं, उसमें ताजी हवा और सूरज की रोसनी आनी चाहिए। इसके साथ ही एसी और पंखे को साफ रखें। यदि आप ऑफिस जेते हैं तो ऐसी जगह पर बैठें जहां ताजी हवा मिल सके।

बाथरूम, कालीन और बेड शीट को अच्छे से धुलकर सुखाएं - Wash and dry bathroom, carpet and bed sheets thoroughly

बाथरूम को नियमित रूप से एंटी बैक्टीरियल से साफ करें। इससे इनफेक्शन का खतरा कम हो जाता है। इसके साथ ही अस्थमा पेशेंट द्वारा प्रयोग में लाये जाने वाले चादरों, कालीन और तकिए के कवर को गर्म पानी से धुलकर अच्छे से सुखाएं। इसके बाद इसका प्रयोग करें।

घर से निकलने से पहले नाक और मुंह को अच्छे से कवर करें - Cover your nose and mouth properly before leaving the house

घर से निकलने से पहले अस्थमा मरीज मास्क या स्कार्फ का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस बात का विशेष ध्यान दें कि जो मास्क आप यूज कर रहे हैं वह पूरी तरह साफ और ड्राई होना चाहिए।

घर में कोई पालतू जानवर न रखें - Do Not Keep Any Pets In The House

यिद आप के घर में कोई अस्थमा का मरीज है, तो कोई पालतू जानवर न रखें। क्योंकि पालतू जानवरों के बालो से अस्थमा की समस्या बढ़ सकती है।

बाहर से आने के बाद तुरंत कपड़े बदलें- Change Clothes Immediately After Coming From Outside

अस्थमा के मरीजों को बाहर से आने के बाद तुरंत अपने कपड़ों को बदलना चाहिए। क्योंकि कपड़ों पर जमें धूल और धूएं के कण फेफड़ों के लिए समस्या पैदा कर सकती है।

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धूम्रपान से बचें- Avoid Smoking

अस्थमा मरीजों को धूम्रपान से बचना चाहिए। धूम्रपान करने वाले लोगों के आसपास रहने से भी बचना चाहिए। क्योंकि इससे अस्थमा को बढ़ावा मिलता है।