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Written By: Jitendra Gupta | Published : February 11, 2023 1:56 PM IST
सर्द-गर्म से बच्चे को खांसी और सीने में जकड़न? 8 घरेलू नुस्खों से दिलाएं बच्चों को फौरी राहत url-easy and effective home remedies for kids to get rid of congestion in hindi
Cough remedies for Kids : देश के अलग-अलग हिस्सों में सर्दी कभी भी एक समान नहीं रहती। कुछ हिस्सों में ज्यादा ठंड तो कुछ में सर्द दिन कम ही होते हैं। हालांकि दक्षिण भारत के मुकाबले उत्तर भारत में सर्दी के महीने में ठंड़े दिन ज्यादा होते हैं और देश के दक्षिणी हिस्से के तापमान में ज्यादा कुछ अंतर देखने को नहीं मिलता है। अब-जब मौसम बदल रहा है तो हालात भी बदल रहे हैं और सर्द दिनों की वजह से देश का कोई भी हिस्सा अछूता नहीं है। बदलता मौसम कहीं आपके शरीर के लिए परेशानी का सबब न बन जाए इसके लिए आपको अभी से कुछ घरेलू नुस्खे आजमाने शुरू कर देने चाहिए। आइए जानते हैं सर्दी दूर करने के कुछ घरेलू नुस्खे।
1-गरारे करें
गले में दर्द और आवाज में कर्कश को गूर करने के लिए आपको गर्म पानी में नमक, हल्दी या फिर त्रिफला चूर्ण डालकर गरारे करने की जरूरत है, जो कि आपको आराम पहुंचाने का काम करेगी।
6 महीने से कम उम्र के बच्चों को दवा न देने की सलाह दी जाती है लेकिन आप ब्रेस्ट मिल्क की माध्यम से उन्हें दवा दे सकते हैं। इसका सही तरीका है मां को दवा देना क्योंकि ज्यादातर मामलों में मां भी उन्हीं लक्षणों से पीड़ित होती है।
बच्चों की इम्यूनिटी, पाचन और याददाश्त को बेहतर बनाने में एक असरदारी जड़ी-बूटी वास्तव में काफी फायदेमंद साबित हो सकती है और ये नवजात शिशुओं को भी दी जाती है, जिसे वच कहते हैं। इस सूखी हुई जड़ी-बूटी की बहुत कम मात्रा को किसी ठोस सतह पर अच्छी तरह से रगड़ लें और इस पेस्ट को घी में मिलाकर बच्चे को दिया जा सकता है।
सूखी अदरक सर्दी और बलगम की स्थितिको ठीक करने में बहुत ही प्रभावी औषधि की तरह काम करती है। इसे आप मसाला चाय में इंग्रीडियंट्स के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर पानी में उबालकर बहुत थोड़ी मात्रा में बच्चे और बड़ों को भी दे सकते हैं।
बच्चों और बड़ों को सर्दी, बुखार और सीने में जकड़न को दूर करने के लिए एक और औषधि आपके बड़े काम आ सकती है, जिसे प्रणयवाणी (संस्कृत), पानीकूरका (मल्यालम), करपूरावाली (तमिल), डोडापत्री (कन्नड), पत्तरचूर (हिंदी) कहते हैं। इस पौधे की पत्तियां गर्म होती हैं और इसे पीसने पर इसका पानी निकलता है। इसके रस को शहद के साथ दिया जाता है। इसकी पत्तियों को पीने के पानी में डालकर भी प्रयोग किया जा सकता है।
सर्दी की इन सभी बीमारियों के लक्षणों को दूर करने का सबसे असरदार नुस्खा है तुलसी। गुनगुने पानी में तुलसी का इस्तेमाल करने से बुखार, सर्दी, जकड़न और इम्यूनिटी को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। तुलसी की पत्तियां आप धोकर सीधे भी खा सकते हैं।
त्रिकट्टू तीन सूखे मसालों का एक मिश्रण है, जिसे आमतौर पर बीमारी में दिया जाता है, खासकर सर्दी के दिनों में। त्रिकट्टू में सूखी अदरक, सूखी काली मिर्च और सूखी पिप्पली होती है, जिन्हें पीसकर मिक्स किया जाता है। इस मिश्रण को आयुर्वेद में कई बीमारियों के इस्तेमाल में फायदेमंद बताया गया है। ये दशमूलाकातुतर्या कश्या का एक बड़ा घटक है, जो कि विशेषतौर पर सर्दी, खांसी और सीने में जकड़न को दूर करने के लिए दिया जाता है।
बंद नाक को खोलने और सीने में जकड़न को दूर करने के लिए सबसे प्रभावी तरीका है भाप लेना। भाप लेने की प्रक्रिया और भाप लेने से निकलने वाले पसीने को सुडेशनल (sudation) कहते हैं। छोती को खोलकर भाप ली जा सकती है और चेहरा गर्म पानी से निकलने वाली भाप के संपर्क में आना चाहिए। आप भाप लेने वाले पानी को और बेहतर बनाने के लिए तुलसी और प्रणायावी को भी पानी में मिला सकते हैं।