
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : April 22, 2026 7:48 PM IST
Medically Verified By: Dr. Ankit Bansal Bansal
Water Scarcity in Hindi: सीधा नल से आने वाला पानी जो पीने में इस्तेमाल होता है, वह कितना सुरक्षित है। इस बात की क्या गारंटी है, कि जो पेयजल आपके घर आ रहा है वह साफ और शुद्ध है और किसी तरह के सीवेज या अन्य गंदा पानी उसमें नहीं मिला है। आप सोच रहे होंगे कि हम ये कैसी उटपटांग बातें कर रहे हैं, लेकिन आपको बता दें कि भारत के कुछ शहरों में स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वहां रहने वाले लोगों घरों में पीने के पानी में भी गंदा पानी मिक्स होकर आ रहा है। 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस (Earth Day) मनाया जा रहा है और इस मौके पर इस वाटर क्राइसिस के बारे में बात करना जरूरी है। इस लेख में हम जानेंगे कि भारत में पीने के पानी की कमी क्यों होती जा रही है और साथ ही में हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानेंगे कि गंदा पानी पीने से कौन सी बीमारियां होने का खतरा बढ़ता है।
भारत में पेयजल की कमी होने के पीछे कई अलग-अलग कारण हैं, लेकिन जो प्रमुख बातें हैं जैसे भारत भूजल का उपयोग करने वाला सबसे बड़ा देश है और भारत के पास धरती पर पीने के कुल पानी का सिर्फ 4 प्रतिशत भाग ही है, जबकि भारत की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। भारत में हो रही पानी की कमी और इससे आगे आने वाले समय में होने वाली इमरजेंसी का अंदाजा इन दो-तीन बातों से ही लगाया जा सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य बड़े कारण भी हैं, जो भारत में पेयजल की कमी का कारण बन रहे हैं जैसे -
भारत के कई बड़े शहर भी हैं, जो पानी से जुड़ी समस्या से जूझ रहे हैं जिनमें से कुछ शहरों में लोगों तक पर्याप्त पीने का पानी नहीं पहुंच पा रहा है तो वहीं कुछ शहरों में पीने वाले पानी गंदा और यहां तक की सीवेज का पानी मिक्स होने की खबर आ रही हैं जिनमें इंदौर, गांधीनगर, हैदराबाद, ग्रेटर नोएडा, रोहतक और भोपाल जैसे देश के बड़े शहरों के नाम हैं।
दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड इन्फेक्शन डिजीज एक्सपर्ट डॉ. अंकित बंसल के अनुसार पानी जीवन के लिए सबसे जरूरी संसाधन है, लेकिन जब इसकी कमी हो या उपलब्ध पानी दूषित हो, तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। खासकर गर्मियों में पानी की किल्लत और गंदा पानी पीने से स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। दूषित पानी पीने से सबसे आम बीमारियां डायरिया, उल्टी-दस्त और पेट में संक्रमण आदि होती हैं। इसके अलावा हैजा (कॉलेरा), टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियां भी तेजी से फैलती हैं।
ये बीमारियां बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों के कारण होती हैं, जो गंदे पानी में पनपते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक होती है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। पानी की कमी भी शरीर के लिए नुकसानदेह है। पर्याप्त पानी न पीने से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, थकान, और किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक पानी की कमी रहने पर शरीर के अंगों पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए साफ और सुरक्षित पानी का उपयोग करना बेहद जरूरी है। पानी को उबालकर या फिल्टर करके पीना चाहिए। साथ ही, पानी को साफ बर्तन में ढककर रखना और आसपास की स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है। समय रहते सावधानी बरतकर इन बीमारियों से बचा जा सकता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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