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पोलियो के शुरुआती लक्षण जो अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं

Polio Ke Symptoms: कई लोग शरीर में दिखने वाले पोलियो के शुरुआती और आम दिखने वाले लक्षणों को अनदेखा कर देते हैं। कैसे लक्षण? आइए डॉक्टर से जानते हैं आपको किन सिम्पटम्स को इग्नोर नहीं करना चाहिए।

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Written By: Vidya Sharma | Published : October 24, 2025 5:09 PM IST

Polio Ke Aam Lakshan kaun se Hain: भारत में पोलियो को 2014 में समाप्त घोषित किया गया, लेकिन टीकाकरण अब भी बेहद महत्वपूर्ण है। पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अब भी पोलियो के मामले आते रहते हैं, इसलिए सतर्कता और बच्चों का समय पर टीकाकरण आवश्यक है। पोलियो (Poliomyelitis) एक संक्रामक रोग है जो पोलियो वायरस से होता है।

जब हमने इस विषय पर नारायणा हॉस्पिटल, गुड़गांव के पीडियाट्रिक इंटेंसिविस्ट और सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर बिलाल खान से बात की तो उन्होंने बताया कि 'यह वायरस मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है, लेकिन यदि समय पर पहचान और इलाज न हो तो यह स्थायी रूप से पैरालिसिस(लकवा) तक का कारण बन सकता है। इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान बेहद जरूरी है। खासकर वे जो अक्सर मामूली बीमारी समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।' आइए आपको हम विस्तार से बताते हैं डॉक्टर ने पोलियो के कौन से शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने से मना किया है।

हल्का बुखार और थकान

पोलियो संक्रमण के शुरुआती दिनों में मरीज को हल्का बुखार महसूस होता है। कई बार यह सामान्य वायरल फीवर जैसा लगता है, जिससे लोग इसे मामूली सर्दी-जुकाम या मौसमी बुखार समझकर ध्यान नहीं देते। इसके साथ शरीर में थकान, कमजोरी और काम करने में अनिच्छा भी महसूस होती है।

सिरदर्द और गले में दर्द

शुरुआत में सिरदर्द, गले में खराश या दर्द भी हो सकता है। बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं और खाना-पीना कम कर देते हैं। ये लक्षण सामान्य सर्दी या वायरल संक्रमण जैसे लगते हैं, लेकिन अगर 2–3 दिन में राहत न मिले तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

मांसपेशियों में दर्द और अकड़न

यह लक्षण पोलियो की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। शुरुआती चरण में बच्चे की टांगों या पीठ की मांसपेशियों में हल्का दर्द, झनझनाहट या अकड़न महसूस हो सकती है। कई बार बच्चा पैरों को मोड़ने या चलने में परेशानी बताता है, लेकिन माता-पिता इसे “खेलने से लगी चोट” या “सर्दी से अकड़न” समझ कर अनदेखा कर देते हैं।

गर्दन और पीठ में जकड़न

कुछ मामलों में गर्दन या पीठ को हिलाने में कठिनाई होती है। बच्चा गर्दन झुकाने में दर्दमहसूस करता है या सिर सीधा नहीं रख पाता। यह वायरस के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) को प्रभावित करने का शुरुआती संकेत हो सकता है।

भूख न लगना, उल्टी या पेट दर्द

पोलियो वायरस आंतों के जरिए शरीर में प्रवेश करता है, इसलिए कई बार पाचन संबंधी समस्याएंजैसे भूख कम लगना, मतली, पेट में हल्का दर्द या उल्टी जैसी शिकायतें भी देखी जाती हैं। ये लक्षण अक्सर डाइजेशन की सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

अचानक कमजोरी या चलने में कठिनाई

अगर बच्चा अचानक चलते समय लंगड़ाने लगे, बार-बार गिरने लगे या पैर में कमजोरी महसूस करे, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। यही वह समय होता है जब वायरस मांसपेशियों को प्रभावित करना शुरू करता है। और यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो लकवे का खतरा बढ़ जाता है।

सतर्कता ही सुरक्षा

पोलियो से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। पोलियो ड्रॉप्स (ओरल पोलियो वैक्सीन) हर बच्चे को जन्म के बाद निर्धारित अंतराल पर अवश्य दी जानी चाहिए। भारत सरकार का पल्स पोलियो अभियान (2 बूंद जिन्दगी की) एक अत्यंत ही उपयोगी प्रोग्राम रहा है। साथ ही, IPV (इंजेक्टेबल पोलियो वैक्सीन) सभी बच्चों को लगातार अंतराल पर देना अनिवार्य है। टीकाकरण के साथ, अगर ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण का संदेह हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना चाहिए।

भारत ने पोलियो को समाप्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन यह जीत तभी स्थायी रह सकती है जब हर माता-पिता सतर्क रहें और शुरुआती संकेतों को हल्के में न लें। समय पर पहचान और टीकाकरण से ही हम अपने बच्चों को इस खतरनाक वायरस से पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।

Highlights

  • वर्ल्ड पोलियो डे 24 अक्टूबर को मनाया जाता है।
  • पोलियो में सिरदर्द और गले में दर्द, भूख न लगना, उल्टी या पेट दर्द आदि जैसे लक्षण दिखते हैं।
  • पोलियो से बचाव के लिए टीकाकरण जरूर करें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

पोलियो से शरीर का कौन सा अंग प्रभावित होता है?

पोलियो मुख्य रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) को प्रभावित करता है।

पोलियो क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?

पोलियो नसों को प्रभावित करता है और स्थायी मांसपेशियों में कमज़ोरी, लकवा और अन्य लक्षण पैदा कर सकता है।

पोलियो मुक्त भारत कब हुआ था?

भारत को आधिकारिक तौर पर 27 मार्च 2014 को पोलियो मुक्त घोषित किया गया था।

विश्व पोलियो दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व पोलियो दिवस हर साल 24 अक्टूबर को मनाया जाता है।