World Blood Cancer Day 2021: ब्लड कैंसर के 7 शुरुआती लक्षण हो सकती हैं ये समस्याएं, एक्सपर्ट्स से समझें इनकी गम्भीरता !
हीमेटोलॉजिस्ट डॉ. अभय भावे ब्लड कैंसर के कुछ शुरुआती लक्षणों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। (World Blood Cancer Day 2021)
World Blood Cancer Day 2021: रक्त के कैंसर या ब्लड कैंसर (blood cancer) को अक्सर डेथ वारंट के तौर पर देखा जाता है। लेकिन स्टडीज से पता चलता है कि कैंसर का शीघ्र पता लगाने से जान बचने की संभावना तीन गुनी बढ़ जाती है। जल्द से जल्द निदान का मतलब यह हो सकता है कि समस्या की शुरुआत से ही इसके इलाज की तैयारियां की जा सकें। इसके अलावा, यदि रोग के लक्षण देखे जाते हैं और उपचार जल्दी शुरू हो जाता है, तो रोगियों को कैंसर के उपचार के कुछ सबसे खराब दुष्प्रभावों को सहन नहीं करना पड़ता है। यह रोगी के समग्र स्वास्थ्य उपचार में भी योगदान देता है इसलिए उपचार और रिकवरी के दृष्टिकोण से, ब्लड कैंसर के कुछ पहले लक्षणों की पहचान करना महत्वपूर्ण है। बांद्रा पश्चिम, मुंबई के लीलावती अस्पताल और रिसर्च सेंटर में हीमेटोलॉजिस्ट डॉ. अभय भावे हमें ब्लड कैंसर के कुछ शुरुआती लक्षणों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। (Blood cancer early symptoms Hindi)
डॉ. भावे कहते हैं, "जब ये क्रोनिक मायलोयॉइड ल्यूकेमिया (chronic myeloid leukemia-CML) और अक्यूट मायलोयॉइड ल्यूकेमिया (acute myeloid leukemia-AML) का मामला हो तो, लक्षण हमेशा नहीं दिखाई पड़ते। यह आम तौर पर तब दिखायी पड़ता है, जब रोगी को रूटिन ब्लड टेस्ट या शारीरिक जांच से गुज़रना पड़ता है। दूसरी ओर, अक्यूट मायलोयॉइड ल्यूकेमिया के कुछ लक्षण सुनाई पड़ते हैं।"
ब्लड कैंसर के प्रारंभिक लक्षण क्या हैॆं?
बुखार- डॉ. दवे कहते हैं, "बुखार ल्यूकेमिया के शुरुआती लक्षणों में से एक है।", शरीर का अधिक तापमान संक्रमण से लड़ रहे शरीर की एक प्रतिक्रिया है। जब शरीर ल्यूकेमिया से प्रभावित होता है, तो कोशिकाओं की संक्रमण से लड़ने की क्षमताएं गंभीर रूप से कम हो जाती हैं।
अकारण खून बहना- डॉ. भावे कहते हैं, "मुंह, नाक, मलाशय या मूत्रमार्ग जैसे शरीर के किसी भी हिस्से से अकारण खून बहने पर जल्द से जल्द जांच की जानी चाहिए।" (Blood cancer early symptoms)
शरीर पर रैशेज़, स्पॉट या पर्पुरा- ल्यूकेमिया के लक्षणों में से एक, प्लेटलेट की कम संख्या है। जब शरीर में इन खून के थक्कों की पर्याप्त कोशिकाएं नहीं होती हैं, तो चोट लगना और खून बहना एक सामान्य बात हो जाती है। जब प्लेटलेट्स की कम संख्या के कारण त्वचा के नीचे छोटी रक्त वाहिकाएं टूट जाती हैं, तो त्वचा पर सुगंधित झिल्ली का एक बैंगनी विवर्तन बन जाता है, जिसे पुरपुरा कहते हैं।
सोते समय पसीना-रात में नींद में पसीना आने लगता हैं, और व्यक्ति गहरी नींद से अचानक उठ जाता है। ऐसा तब भी हो सकता है जब आपका कमरा अच्छी तरह खुला हुआ, हवादार हो। यह ल्यूकेमिया के सबसे आम लक्षणों में से एक है, हालांकि किसी को पता नहीं है कि यह कैसा होता है।
थकावट- डॉ. भावे कहते हैं, "जब कोई व्यक्ति ल्यूकेमिया से पीड़ित हो तो उसके शरीर में हिमोग्लोबिन की संख्य़ा तेज़ी से गिर जाती है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं का एक घटक है, जो ऑक्सीजन के परिवहन में मददगार होता है। इसलिए जब इन कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है, तो व्यक्ति ज़्यादा थका हुआ और उसकी सांसें ज्यादा फूलती हुई महसूस होती हैं। "
सीने में दर्द, पैरों की सूजन - पैरों में लगातार सूजन और छाती में दर्द सूजन आमतौर पर ल्यूकेमिया के रोगियों में देखा जाता है। साथ ही उन्हें रक्तस्राव और खून के थक्के बनने जैसी परेशानियां भी होती हैं।
बार-बार होनेवाला इंफेक्शन- डॉ. भावे कहते हैं कि, "कम सफेद रक्त कोशिकाओं के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है। इस वजह से संक्रमण से बचा नहीं जा पाता। इससे मरीज़ संक्रमण के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील रोगी हो जाता है।"
जो लोग पहले से ही डरे हुए हैं, डॉ. भावे के पास उन्हें कुछ सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। "हर तीसरे व्यक्ति में इनमें से कुछ लक्षण दिखायी पड़ सकते हैं। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उन्हें ल्यूकेमिया ही है। इन समस्याओं को लेकर चिंता तभी करनी चाहिए जब ये लक्षण अस्पष्ट हों और इलाज के बावजूद ठीक न हों।"
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