10 वार्निंग साइन जो चुपके से बताते हैं सर्वाइकल कैंसर आ रहा है! शुरुआती लक्षण इग्नोर न करें

Cervical cancer ke Suruati lakshan kya hai: महिलाओं के शरीर में कई ऐसे लक्षण नजर आते हैं, जिन्हें समय पर पहचान लिया जाए, तो सर्वाइकल कैंसर का पता लगाना आसान हो जाता है। आइए डॉ. मनदीप सिंह से जानते हैं इसके बारे में-

10 वार्निंग साइन जो चुपके से बताते हैं सर्वाइकल कैंसर आ रहा है! शुरुआती लक्षण इग्नोर न करें
VerifiedVERIFIED By: Dr. Mandeep Singh

Written by Ashu Kumar Das |Published : January 9, 2026 8:47 AM IST

Early Signs of Cervical Cancer: सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ के खास मौके पर चलाई जा रही है सीरीज के तीसरे एपिसोड में हम आपको बताने जा रहे हैं, सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षणों के बारे में। ये लक्षण हर महिला को अपने शरीर में तलाशने चाहिए और नजर (Cervical Cancer ke Shuruati Lakshan) आते हैं, तो इस बारे में डॉक्टर से बात करके इलाज करवाना चाहिए। इस विषय पर अधिक जानकारी दे रहे हैं, नई दिल्ली के ऑर्ट ऑफ हेल्थ कैंसर सेंटर के चीफ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनदीप सिंह (Dr. Mandeep Singh, Chief Oncologist, Art of Health Cancer Centre, Delhi)। 

सर्वाइकल कैंसर क्या है?

डॉ. मनदीप सिंह के अनुसार, महिला के गर्भाशय (Uterus) का निचला हिस्सा, जो योनि (Vagina) से जुड़ा होता है, उसे सर्विक्स (Cervix) कहते हैं। महिलाओं के शरीर के इस हिस्से पर जब कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं, तो इसे सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। किसी भी महिला को सर्वाइकल कैंसर अचानक नहीं होता है। ये कैंसर पहले प्री-कैंसरस बदलाव और फिर धीरे-धीरे कैंसर में बदलता है। सर्वाइकल कैंसर की प्रक्रिया के सामने आने में कई सालों का समय लग सकता है।

सर्वाइकल कैंसर की सबसे बड़ी वजह क्या है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में सर्वाइकल कैंसर के मुख्य वजह HPV (Human Papillomavirus) संक्रमण है। HPV वायरस मुख्य रूप से यौन संपर्क के जरिए महिलाओं में फैलता है। पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाने के कुछ समय के बाद ये वायरस खुद ही खत्म हो जाता है। लेकिन कुछ मामलों में HPV वायरस महिलाओं के शरीर में लंबे समय तक रह सकता और कैंसर का कारण बन सकता है।

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सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण

डॉ. मनदीप सिंह कहते हैं कि सर्वाइकल के शुरुआती लक्षण महिलाओं में इतने बेसिक होते हैं कि ज्यादातर महिलाएं इन्हें समझ ही नहीं पाती हैं। अगर सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों का पता समय से पहले चल जाए, तो इससे 90 प्रतिशत तक बचा जा सकता है। आइए आगे जानते हैं सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षणों (Cervical Cancer ke Shuruati Lakshan) के बारे में।

1. असामान्य योनि से रक्तस्राव (Abnormal Vaginal Bleeding)- 10 में से 8 महिलाओं को लगता है कि पीरियड्स के बीच में खून आना क्या ही बड़ी बात है। लेकिन योनि से बिना किसी कारण ब्लीडिंग होना सर्वाइकल कैंसर का पहला लक्षण हो सकता है। पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग, सेक्स के बाद ब्लीडिंग, मेनोपॉज के बाद खून आना या पीरियड का अचानक से बहुत ज्यादा लंबा हो जाने जैसी समस्या नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से बात करनी जरूरी है।

2. योनि से असामान्य डिस्चार्ज - सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती स्टेज में योनि से निकलने वाले डिस्चार्ज का रंग और बदबू बदल जाती है। अगर आपकी योनि से निकलने वाला डिस्चार्ज अचानक से बदबूदार, पीला, हरा, भूरे रंग का या पानी जैसा नजर आता है, तो ये सर्वाइकल कैंसर का लक्षण है।

3. सेक्स के दौरान दर्द और जलन- पार्टनर के साथ इंटरकोर्स के दौरान आपको अचानक से ब्लीडिंग या बहुत तेज दर्द होता है, तो ये सर्विक्स में हो रहे बदलावों का मुख्य संकेत है।

4. पीरियड्स में बदलाव- पीरियड बहुत ज्यादा भारी होना, 5 से ज्यादा दिनों तक पीरियड्स चलना और बहुत जल्दी-जल्दी पीरियड्स आना भी सर्वाइकल कैंसर का पहला संकेत होता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर किसी महिला के पीरियड्स में 2 से 3 महीनों तक लगातार पीरियड्स में बदलाव आता है, तो उसे पैप टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।

5. पेल्विक में दर्द रहना- शुरुआती स्टेज में पेल्विक और पेट के निचले हिस्से में दर्द हल्का रह सकता है। इसे अक्सर महिलाएं नॉर्मल गैस, पीरियड पेन और शारीरिक थकान समझकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन समय के साथ ये दर्द बढ़ता है, तो ये सर्वाइकल कैंसर हो सकता है।

6. शारीरिक थकान व कमजोरी- बिना भारी काम किए भी शारीरिक थकान, एनर्जी का कम महसूस होना और बार- बार चक्कर आना इस बात का संकेत देता है कि आपको किसी प्रकार की गंभीर अंदरूनी बीमारी है।

7. बिना किसी कारण वेट लॉस-  किसी प्रकार की एक्सरसाइज, खानपान में बदलाव किए बिना अगर वजन कम हो रहा है, तो ये कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। यहां बात सिर्फ सर्वाइकल कैंसर की नहीं, बल्कि ब्रेस्ट, लंग्स कैंसर की भी है।

8. पेशाब करते समय दर्द- सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती स्टेज में यूटीआई की समस्या भी कई महिलाओं को देखी जाती है। बार-बार पेशाब आना, पेशाब करते समय जलन, तेज दर्द होना। अगर किसी महिला में ये समस्या 2 सप्ताह से ज्यादा समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से बात करके इलाज करवाना जरूरी है।

9. पीठ और कमर दर्द- पीरियड्स में पीठ और कमर में दर्द होना आम बात है। लेकिन सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती स्टेज में पीठ और कमर दर्द होना थोड़ा अलग होता है। सर्वाइकल कैंसर के कारण होने वाले पीठ और कमर दर्द सिर्फ दवाओं से ठीक नहीं होता है। इस स्थिति में डॉक्टर को बताना चाहिए।

10. एनीमिया - भारत में ज्यादातर महिलाओं में खून की कमी है। इसे एनीमिया कहा जाता है। सर्वाइकल कैंसर के कारण होने वाली बार-बार ब्लीडिंग की वजह से महिलाओं का हीमोग्लोबिन कम होने लगता है। इसकी वजह से चेहरे का पीला पड़ना, सांस का फूलना और शारीरिक कमजोरी की समस्या देखी जाती है।

सर्वाइकल कैंसर से किन्हें रहना चाहिए सतर्क

डॉक्टर बताते हैं कि कुछ महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

वो महिलाएं जिनकी उम्र 30 साल से ज्यादा हो चुकी है।

कम उम्र में सेक्स लाइफ शुरू करने वाली महिलाओं को।

जिनका सेक्स पार्टनर 1 से ज्यादा हो

बार-बार इन्फेक्शन की समस्या

धूम्रपान करने वाली महिलाएं

अगर आपको स्वयं में ये लक्षण 2 सप्ताह से ज्यादा नजर आते हैं, तो इस विषय पर डॉक्टर को बताएं और जल्द से जल्द इलाज शुरू करवाएं। डॉ. मनदीप सिंह का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर का पता जितनी जल्दी चलता है, उसका इलाज उतना ही आसान और दर्दरहित हो जाता है।

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Highlights

  • सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता की जरूरत है।
  • पीरियड्स में बदलाव सर्वाइकल कैंसर का संकेत है।
  • सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पैप टेस्ट करवाएं।