Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

बच्चों को निमोनिया का ज्यादा खतरा क्यों रहता है, जानें इसके लक्षण कारण और इलाज के बारे में

Pneumonia symptoms in children: निमोनिया सीने में होने वाला एक गंभीर संक्रमण है जो गंभीर हो सकता है और बच्चों में इसका खतरा काफी ज्यादा देखा जा सकता है। जानें बच्चों में निमोनिया की स्थिति के बारे में।

बच्चों को निमोनिया का ज्यादा खतरा क्यों रहता है, जानें इसके लक्षण कारण और इलाज के बारे में
It relies on physical exams, medical history, and specific health tests. The chest X-ray is often the first and most accessible imaging test for diagnosing pneumonia. This imaging test helps visualize lung inflammation and identify areas affected by infection, distinguishing pneumonia from other respiratory conditions. However, while a chest X-ray provides a quick assessment, it cannot always determine the exact cause.

Written by Mukesh Sharma |Updated : January 14, 2024 1:46 PM IST

निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक ऐसा संक्रमण है, जिसके लक्षण कई बार साधारण से लेकर गंभीर भी हो सकते हैं। फेफड़ों में होने वाला यह संक्रमण बैक्टीरिया, वायरस या फंगी किसी भी कारण हो सकता है। जॉन हॉपकिन्स की वेबसाइट पर पब्लिश की गई रिपोर्ट के अनुसार निमोनिया लगभग 30 अलग-अलग कारणों से हो सकता है। वैसे तो यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन खासतौर पर छोटे बच्चों या वृद्ध लोगों में इसके लक्षण ज्यादा पाए जाते हैं। बच्चों में निमोनिया गंभीर हो सकता है, जिसका जल्द से जल्द इलाज करना बेहद जरूरी होता है और ऐसा न होने पर कई जानलेवा स्थितियां पैदा हो सकती हैं। इस लेख में हम आपको बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ने के कारण व इस स्थिति का इलाज करने के तरीकों के बारे में बताने वाले हैं। बच्चों में निमोनिया का खतरा क्यों ज्यादा होता है।

बच्चों में निमोनिया का खतरा

वयस्क लोगों की तुलना में छोटे बच्चों में निमोनिया होने का खतरा ज्यादा रहता है, ऐसा इसलिए है क्योंकि बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, जो बैक्टीरिया, वायरस या फंगी आदि कि चपेट में जल्दी आ जाती है। इसके अलावा छोटे बच्चे कई बार अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते हैं और कई बार किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के कारण भी उन्हें निमोनिया हो सकता है।

बच्चों में निमोनिया के लक्षण

निमोनिया एक प्रकार का संक्रमण है और इसलिए इसके दौरान बुखार, खांसी, थकान व छाती में दर्द जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं। हालांकि, कई बार बच्चा अपने लक्षणों के बारे में खुलकर नहीं बता पाता है और इस कारण से कई बार शुरुआत में निमोनिया के लक्षणों को इग्नोर कर दिया जाता है। अगर आपके बच्चे को किसी भी प्रकार का लक्षण महसूस हो रहा है, जो निमोनिया या फिर किसी और संक्रमण का संकेत करता है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से इस बारे में संपर्क करें।

Also Read

More News

बच्चों में निमोनिया का इलाज

निमोनिया एक लंग इन्फेक्शन है और इसके कारण के अनुसार ही इस बीमारी का इलाज किया जाता है। उदाहरण के लिए अगर निमोनिया बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, तो एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती है। वहीं वायरस के कारण अगर संक्रमण हुआ है, तो एंटीवायरल दवाएं और फंगी के केस में एंटीफंगल दवाएं दी जाती हैं। इसके अलावा मरीज को जिस भी प्रकार के लक्षण महसूस हो रहे होते हैं, उनके अनुसार ही उसे दवाएं भी दे दी जाती हैं जैसे सूजन व दर्द को कम करने वाली पेनकिलर आदि।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

बच्चों को निमोनिया से कैसे बचाएं

बच्चों का निमोनिया से खास बचाव करना बेहद जरूरी है। बच्चों को बार-बार हाथ धोने व अन्य साफ-सफाई रखना सिखाएं। बच्चे को अच्छी डाइट व उसका लाइफस्टाइल हेल्दी रखने की कोशिश करें। साथ ही वैक्सीनेशन आदि कराते रहें और किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में बच्चे को न आने दें। अगर बच्चे को किसी अन्य प्रकार की कोई समस्या है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से इस बारे में संपर्क करें।