
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : December 15, 2023 12:49 PM IST
हमारे शरीर में कुछ ऐसे अंग भी होते हैं, जिनके स्वास्थ्य की ओर हम ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। हम अपने हार्ट, किडनी, लिवर और लंग्स जैसे अंगों को हेल्दी रखे के लिए अलग-अलग बातों का ध्यान तो जरूर रखते हैं। लेकिन पित्ताशय जैसे अंगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना अक्सर भूल जाते हैं। पित्ताशय हमारे पेट के ऊपर दाहिने तरफ लिवर के नीचे स्थित एक थैली होती है, जिसका काम पित्त रस को जमा करना और उसे आंतों तक पहुंचाना होता है। लेकिन खराब जीवनशैली और अनहेल्दी डाइट आदि के कारण पित्त की थैली में पथरी बनने लगती है। पित्त की थैली में पथरी के कुछ सामान्य लक्षण हैं, जिनका पता लगाकर पथरी के बढ़ने से पहले ही उसे निकाला जा सकता है। इस लेख में हम आपको पित्त की थैली यानी में पथरी के कारण होने वाले लक्षणों के बारे में आपको बताने वाले हैं।
पित्त की थैली में पथरी बनने पर हल्का दर्द महसूस हो सकता है और पथरी का आकार जितना बढ़ता है दर्द उतना ही ज्यादा महसूस होने लगता है। अगर आपको पेट के दाहिने हिस्से या फिर पेट के बीच में हल्का या तेज दर्द होता हो रहा है और कई घंटे रहता है, तो यह पित्त की पथरी का संकेत हो सकता है।
पित्त की थैली में पथरी बनने पर आपका पित्ताशय ठीक से काम करना बंद कर देता है और इस कारण से पाचन क्रिया आदि खराब होने लगती है। अगर किसी व्यक्ति को अचानक से जी मिचलाना या उल्टी आना जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो यह भी पित्त की थैली में पथरी का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिन्हें गलती से भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।
शुरुआत में पित्त की पथरी का आकार छोटा होता है, जो कई बार पित्त रस के साथ पित्त नलिकाओं में जाकर फंस जाता है। पथरी फंसने के कारण पित्त नलिका बंद हो जाती है और पित्तरस यानी बाइल का स्राव नहीं हो पाता है। इस कारण से स्किन व आंख का सफेद वाला हिस्सा पीला पड़ने लगता है, जिसे पीलिया भी कहा जाता है। अगर आपको पीलिया के लक्षण हो रहे हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
पित्ताशय की पथरी का आकार छोटा होने के कारण यह पित्त रस के साथ पित्त की थैली से निकल जाती है, लेकिन पित्त नलिकाओं में जाकर फंस जाती है और पित्त रस के बहाव को रोक देती है। इस कारण से पित्त रस ब्लड में मिलने लगता है और फिल्टर होकर किडनी के माध्यम से पेशाब में जाने लगता है। इस कारण से पेशाब का रंग डार्क ब्राउन हो सकता है।
मल के रंग में बदलाव होना भी आपकी पित्ताशय से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है। अगर आपको लगता है कि आपके मल का रंग हल्का हो गया है या फिर मिट्टी जैसा रंग आने लगा है, तो यह भी पित्ताशय में पथरी का एक संकेत हो सकता है, जिसके लिए आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
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