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पीरियड्स जल्दी आना क्या है किसी बीमारी का संकेत? जानें एक्सपर्ट्स की राय

एक नयी स्टडी के अनुसार अर्ली मेंस्ट्रुएशन्स से मेनोपॉज़ के दौरान हॉट फ्लशेज़ और सोते समय पसीना आने जैसी परेशानियां मेनोपॉज़ के दौरान हो सकती हैं। यह वेसोमोटर मेनोपॉज़ल सिम्पट्स का ख़तरा भी बढ़ा देता है।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : July 23, 2020 4:55 PM IST

Early Menstruation Risk: क्वीन्सलैंड यूनिवर्सिटी (University of Queensland) की एक नयी स्टडी में शोधकर्ताओं ने कहा है कि, मेन्स्ट्रुएशन के जल्दी आने से मेनोपॉज़ (menopause) मुश्किल हो सकता है। इस स्टडी के अनुसार अर्ली मेंस्ट्रुएशन्स से मेनोपॉज़ के दौरान हॉट फ्लशेज़ और सोते समय पसीना आने जैसी परेशानियां मेनोपॉज़ के दौरान हो सकती हैं। यह वेसोमोटर मेनोपॉज़ल सिम्पट्स का ख़तरा भी बढ़ा देता है। (Early Menstruation Risk in hindi)

पीरियड्स जल्दी आने से मेनोपॉज़ हो सकता है कठिन :

यह नयी रिसर्च इंटरनेशनल जर्नल ऑफ अब्स्टिट्रिक्स एंड गायनोकोलॉजी (International Journal of Obstetrics & Gynaecology) में प्रकाशित की गयी। इस रिसर्च के दौरान 6 अलग-अलग स्टडीज़ के निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए अध्ययन किय गया। इस रिसर्च में पीरियड्स शुरु होने की उम्र और वीएमएस के बीच का संबंध पता करने की कोशिश की गयी। रिसर्चर्स ने इस बात का पता लगाने की भी कोशिश की कि, क्या 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) इसमें किसी तरह के बदलाव की वजह बन सकता है।

स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने यूके, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की 1800 ऐसी महिलाओं को इस रिसर्च में शामिल किया जिनकी, उम्र 35-45 के बीच की थी।

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इस स्टडी में पाया गया कि, जिन महिलाओं का मेंस्ट्रुएशन 11 साल की उम्र से पहले शुरु हो गए। उनमें से 50 प्रतिशत महिलाओं को हाट फ्ल्शेज़ और नाइट स्वेट की समस्या का ख़तरा अधिक था। जिसे मेनोपॉज़(menopause) के चरण में वेसोमोटर सिम्प्टम्स (vasomotor symptoms) कहा जाता है।  इन सभी महिलाओं की तुलना उन महिलाओं के साथ की गयी जिन्हें 14 साल की उम्र में पहली बार पीरियड्स आए। स्टडी में पाया गया कि-

  • ऐसी महिलाएं जिन्हें बहुत जल्दी मेंस्ट्रुएशन शुरु हुए उन्हें, हॉट फ्लश और नाइट स्वेट में से कोई एक समस्या ज़रूर हुई।
  • इसी तरह अर्ली मेंस्ट्रुएशन की वजह से उम्र बढ़ने पर टाइप 2 डायबिटीज़ और कार्डियोवैस्कुलर डिज़िज़ेज का ख़तरा भी बढ़ जाता है।
  • मिडिल एज महिलाएं जिनका वज़न अधिक था, उन्हें मेनोपॉज़ के दौरान तकलीफों का खतरा उन महिलाओं की तुलना में अधिक था। जिनके पीरियड्स 14 वर्ष की उम्र में शुरु हुए थे।

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