
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Avvaru Satya Kiran
Ear infection (Image Credit : ChatGPT)
मानसून का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लाता है, लेकिन इस दौरान कई तरह के संक्रमणों का खतरा भी बढ़ जाता है। इन्हीं में से एक है कान का इंफेक्शन (Ear Infection)। बारिश के मौसम में बच्चों से लेकर बड़ों तक, कई लोगों को कान में दर्द, खुजली, पानी आना या सुनने में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल के सीनियर ईएनटी हेड एंड नेक कंसल्टेंट एवं चीफ कॉक्लियर इम्प्लांट एंड लेटरल स्कल बेस सर्जन डॉ. अव्वरु सत्य किरण का कहना है कि मानसून में बढ़ी हुई नमी और गीलापन बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर देते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में कान के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। आइए विस्तार से समझते हैं इस बारे में-
बारिश के मौसम में वायरल संक्रमण और सर्दी-जुकाम के मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में संक्रमण यूस्टेशियन ट्यूब के जरिए मिडिल ईयर (Middle Ear) तक पहुंच सकता है। इससे कान के अंदर तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जहां बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं और संक्रमण पैदा कर सकते हैं।
Ear infection
अमेरिकन एकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस (AAFP) के अनुसार, अधिकांश मिडिल ईयर इंफेक्शन की शुरुआत वायरल अपर रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के बाद होती है, जिसमें यूस्टेशियन ट्यूब की कार्यक्षमता प्रभावित हो जाती है।
डॉ. किरण का कहना है कि मानसून के दौरान एलर्जी और नाक बंद रहने की समस्या भी बढ़ जाती है। जब यूस्टेशियन ट्यूब बंद हो जाती है, तो मिडिल ईयर में तरल पदार्थ फंस जाता है। यह बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए आदर्श वातावरण बनाता है, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
बारिश में भीगने, तैराकी करने या नहाते समय कान में पानी चले जाने से आउटर ईयर इंफेक्शन (Swimmer's Ear) होने का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक कान में नमी बनी रहने से कान की स्किन की प्राकृतिक सुरक्षा कमजोर पड़ जाती है, जिससे बैक्टीरिया आसानी से संक्रमण फैला सकते हैं। अमेरिका के सेंट्रल फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार, कान को लंबे समय तक गीला रहने देना स्विमर्स ईयर का प्रमुख कारण है और कान को सूखा रखना इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
डॉक्टर का कहना है कि बच्चों की यूस्टेशियन ट्यूब वयस्कों की तुलना में छोटी और अधिक होरिजेंटल होती है। इसलिए इंफेक्शन आसानी से मिडिल ईयर तक पहुंच जाता है। यही कारण है कि मानसून में बच्चों में कान के संक्रमण के मामले अधिक देखने को मिलते हैं।
Ear infection
अगर आप मानसून में कान के इंफेक्शन को रोकना चाहते हैं, तो कुछ बातों पर ध्यान दे सकते हैं, जैसे-
समय पर इलाज कराने से संक्रमण गंभीर होने से रोका जा सकता है और सुनने की क्षमता पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों से भी बचा जा सकता है।
Disclaimer : ध्यान रखें कि मानसून में ईयर इंफेक्शन होना काफी कॉमन है, लेकिन सही समय पर इलाज इसकी गंभीरता को कम कर सकता है। ऐसे में अगर आपको कान में इंफेक्शन के किसी भी तरह के लक्षण दिखे, तो फौरन अपने डॉक्टर की सलाह लें।