
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Shrey Srivastava
Lungs
4 जून को नोएडा-दिल्ली में भीषण आंधी-तूफान की वजह से न सिर्फ लोगों को आर्थिक रूप से काफी ज्यादा नुकसान झेलने को मिला, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी कई तरह के असर देखने को मिल रहें हैं, जिसमें सांस लेने की परेशानी भी शामिल है। आंधी-तूफान के गुजरने के बाद कई लोगों को सांस की दिक्कतों के साथ खांसी, सीने में जकड़न और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। मुख्य रूप से जिन लोगों को अस्थमा, सीओपीडी, एलर्जिक राइनाइटिस और अन्य सांस से जुड़ी परेशानी है, उन्हें आंधी-तूफान में सांस की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ऐसा क्यों होता है, इसकी जानकारी के लिए हमने शारदा हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव से बातचीत की है। आइए जानते हैं-
धूल भरी आंधी के दौरान हवा में बड़ी मात्रा में धूल, मिट्टी और प्रदूषक तत्व फैल जाते हैं। WHO के मुताबिक, PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस संबंधी और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। ये कण नाक और गले से होते हुए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं, जिससे श्वसन तंत्र में जलन और सूजन पैदा होती है।
डॉक्टर का कहन है कि आंधी के साथ पेड़-पौधों के परागकण, फफूंद और अन्य एलर्जी पैदा करने वाले तत्व भी हवा में फैल जाते हैं। जिन लोगों को पहले से एलर्जी की समस्या होती है, उनमें छींक, नाक बहना, आंखों में खुजली और सांस फूलने जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं।
डॉ. श्रेय श्रीवास्तव का कहना है कि धूल और एलर्जी पैदा करने वाले कण श्वसन नलिकाओं को संकुचित कर सकते हैं। इससे अस्थमा के मरीजों में अचानक अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार मरीज को सीने में जकड़न, घरघराहट और तेज सांस लेने जैसी समस्याओंका सामना करना पड़ सकता है।
डॉक्टर कहते हैं कि धूल भरी आंधी के बाद हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व लंबे समय तक वातावरण में बने रह सकते हैं। वाहन, फैक्ट्री और अन्य स्रोतों से निकलने वाले प्रदूषक धूल के साथ मिलकर हवा की गुणवत्ता को और खराब कर देते हैं। खराब एयर क्वालिटी सीधे तौर पर सांस संबंधी समस्याओं को बढ़ाने का काम करती है।
आंधी-तूफान के दौरान कुछ लोगों को अधिक सावधानी की जरूरत होती है, जैसे-
इन लोगों में धूल भरी आंधी के बाद सांस की परेशानी अधिक गंभीर हो सकती है।
बढ़ती आंधी-तूफान में अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं, जैसे-
Disclaimer : धूल भरी आंधी केवल मौसम का बदलाव नहीं लाती, बल्कि यह श्वसन स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल सकती है। हवा में फैले धूल के महीन कण, एलर्जी पैदा करने वाले तत्व और बढ़ता प्रदूषण सांस संबंधी समस्याओं को अचानक बढ़ा सकते हैं। इसलिए विशेष रूप से अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी गंभीर लक्षण पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।