
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : March 28, 2023 1:02 PM IST
Dust Allergy : गर्मियों काफी ज्यादा धूल उड़ती हैं, जिसकी वजह से लोगों में डस्ट एलर्जी की परेशानी काफी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में गर्मियों के दिनों में डस्ट एलर्जी से जूझ रहे लोगों को अधिक सतर्क होने की जरूरत है। कुछ लोगों को डस्ट एलर्जी होने पर वह अपनी परेशानी को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसकी वजग से यह परेशानियां काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं। फॉर्टिस के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. सव्यसाची सक्सेना का कहना है कि अगर आपके आसपास धूल, मिट्टी या फिर गंदगी अधिक है, तो डस्ट एलर्जी होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। डस्ट एलर्जी होने पर आपको काफी छींक, जुकाम और खांसी जैसे लक्षण दिखते हैं। ऐसे में आपको डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं डस्ट एलर्जी के लक्षण, कारण और बचाव के कुछ तरीके-
डॉ का कहना है कि कमजोर इम्यूनिटी वालों को डस्ट एलर्जी की शिकायतें होने की संभावना काफी ज्यादा होती है। डस्ट एलर्जी होने पर धूल-मिट्टी और प्रदूषण के संपर्क में आने के बाद आपको काफी ज्यादा छींक, ज़ुकाम और सिरदर्द जैसी परेशानी होती है।
दरअसल, धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कणों में कई तरह के माइक्रोऑर्गैनिस्म होते हैं, जिससे हर व्यक्ति को परेशानी होती है। इस तरह के कण हमें नजर नहीं आते हैं, जो मुंह, नाक और स्किन पोर्स के माध्य से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं जिसकी वजह से एलर्जी बढ़ जाती है।
डॉक्टर का कहना है कि अगर आप डस्ट एलर्जी से बचना चाहते हैं, तो घर से जब भी बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहलें। अगर आपके पास मास्क नहीं है, तो धूल या मिट्टी वाले जगहों पर नाक पर रुमाल या फिर कोई कपड़ा बांध लें।
घर में या फिर बाहर में अगर कोई चीज खुली रखी है, तो इसका सेवन न करें। दरअसल, खुली चीजों पर धूल जमा होने की संभावना अधिक होती है, जो आपके शरीर में प्रवेश करके आपको नुकसान पहुंचा सकती है।
धूल-मिट्टी के कण पानी के जरिए भी आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है। ऐसे में हमेशा साफ पानी पिएं। पीने के पानी को हमेशा ढककर रखें।
कई बार पर्दे, कालीन और बेडशीट के माध्यम से भी धूल हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं। ऐसे में इन सभी चीजों को सप्ताह में 1 बार जरूर साफ करें। ताकि इसमें मौजूद धूल के कणों को कम किया जा सके।
धूल-मिट्टी से बचाव के लिए आप इन जरूरी टिप्स को अपना सकते हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपकी परेशानी किसी वजह से काफी ज्यादा बढ़ रही है तो इस स्थिति में एक बार डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।