
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 31, 2023 8:33 PM IST
Dry Eyes Problem in winters: मौसम बदलने के साथ हमारे स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ता है। इम्यून सिस्टम, स्किन और बालों पर इसका असर साफ दिखायी देता है। वहीं, आंखों पर भी मौसम में होने वाले बदलावों की वजह से काफी प्रभाव पड़ता है जिससे , इंफेक्शन, आंखों में जलन और अन्य प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। आंखों की एक ऐसी ही समस्या है ड्राई आईज, जो सर्दियों में बढ़ जाती है। सर्दियों में ठंडी-रूखी हवाओं और धूप की कमी जैसी स्थितियों के कारण आंखों में इरिटेशन और इंफेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। वहीं, सर्दियों में इस्तेमाल किए जाने वाले रूम हीटर की वजह से भी ड्राई आईज की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में जो लोग आंखों का ख्याल ठीक तरीके से नहीं रखते उन्हें ड्राई आईज की परेशानी भी होने का डर अधिक होती है। इसी तरह जब मौसम में ठंड कम होने लगती है गर्मी बढ़ने लगती है तब भी आंखों में इंफेक्शन और ड्राई आईज की समस्या बढ़ सकती है। (Dry Eyes Problem treatment and care in Hindi)
आइए जानें बदलते मौसम के साथ होने वाली ड्राई आईज की समस्या से बचने के लिए क्या करना चाहिए और इस समस्या का इलाज कैसे किया जाता है।
ठंड से शरीर को सुरक्षित रखने के लिए रूम हीटर का इस्तेमाल अधिकांश लोग करते हैं। लेकिन, हीटर से निकलने वाली गर्म और रूखी हवा की वजह से आंखों की ड्राइनेस बढ़ जाती है। इसीलिए, हीटर का इस्तेमाल करते समय इस बात का ध्यान रखें कि हीटर की गर्म हवा आपकी आंखों पर सीधे ना लगे। इसी तरह हीटर से थोड़ी दूरी पर सोएं या बैठें ताकि उसकी हवा के सम्पर्क में कम से कम आएं।
आंखों में इरिटेशन और इंफेक्शन होने के बाद बरबस ही लोगों का हाथ उनकी आंखों तक पहुंच जाता है और वे बार-बार अपनी आंखों को छूते हैं या आंखों को रगड़ते हैं। लेकिन, ऐसा करने से आंखों का इंफेक्शन बढ़ सकता है। लेकिन, इस तरह आंखों को बार-बार हाथ लगाने से बचें और अपनी आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें। इससे आपको तकलीफ से आराम मिलेगा।
ठंड के मौसम में लोगों को प्यास कम लगती है और इसकी वजह से लोग पानी भी कम पीते हैं। कम पानी पीने से इंफेक्शन्स को ठीक होने में समय लगता है। वहीं, डिहाइड्रेशन की वजह से ड्राई आइज की समस्या बढ़ सकती है।
ड्राई आईज की समस्याहोने पर आंखों को धूप, प्रदूषण और धूल-मिट्टी से बचाने की कोशिश करनी चाहिए। सर्दियों में भले ही धूप तेज नहीं होती लेकिन, ऐसे मौसम में भी सनग्लासेस लगाएं और जरूरत के अनुसार स्कार्फ और टोपी भी पहनें। ड्राइविंग करते समय, पार्क या ट्रेकिंग पर जाते समय और घर से बाहर निकलने पर सनग्लासेस या अपना चश्मा लगाकर ही जाएं।