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ये भले ही सुनने में थोड़ा अजीब सा लगता हो लेकिन बच्चों में ड्राई आई की समस्या खतरनाक साबित हो सकती है और ये एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की ओर इशारा करती है। अगर कोई बच्चा बार-बार ड्राई आई की परेशानी का शिकार होता है तो उसपर ध्यान देना और किसी भी तरह की गंभीर बीमारी को मेडिकल की सहायता से दूर करना जरूरी हो जाता है। अगर ड्राई आई की परेशानी को हल न किया जाए तो आपको देखने से लेकर और भी तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं बच्चों में ड्राई आई की परेशानी को हल करने के लिए क्या करें और किस वजह से ये परेशानी होती है।
बच्चों में ड्राई आई होने के कई कारण हो सकते हैं। ये घर या फिर बाहर मौजूद एलर्जिक तत्वों की वजह से भी हो सकता है। इसके अलावा आई ग्लैंड में खराबी, ऑटो इम्यून रोग, एंडोक्राइन समस्याएं, इंफ्लेमेटरी डिसऑर्डर और न्यूरोलॉजिक्ल स्थितियां भी शामिल हैं, जो ड्राई आई का कारण बन सकती हैं।
कई अध्ययन में भी ये सामने आया है कि कैसे स्क्रीन टाइम बच्चों की आंखों के साथ-साथ आम लोगों की भी आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है। बता दें कि स्मार्टफोन, टैब और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल, खासकर कोविड के दौरान बहुत आम हो गया है। यही वजह है कि इन उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी आपकी आंखों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है।
ड्राई आई आमतौर पर परेशानी की वजह है और ये बच्चों में दर्द का कारण बन सकती है। इसके लक्षणों में शामिल हैंः
1-जो बच्चे ड्राई आई का शिकार होते हैं उन्हें बार-बार आंखों को मसलना पड़ता है।
2-आंखों में सूखापन होने के साथ-साथ गर्माहट भी महसूस होती है।
3-आंखों से पानी आने लगता है।
4-बच्चों को आंखों में गंदगी या फिर धूल महसूस होती है।
5-बच्चों को अपनी आंखों में जलन या फिर चुभन जैसा महसूस होता है।
6-बच्चों को देखने में परेशानी होती है या फिर धुंधला-धुंधला जैसा महसूस होता है।
ड्राई आई की समस्या के उपचार में सबसे पहला कदम हाइड्रेटिंग आई ड्रॉप का इस्तेमाल है, जो आंखों में नमी बढ़ाने का काम करता है। ड्राई आई की वजह को पहचानकर आपका डॉक्टर सही इलाज का तरीका बता सकता है। हालांकि कुछ घरेलू उपचार की मदद से भी राहत पाई जा सकती है।