मोबाइल करेंगे घंटों यूज, तो सूख सकता है आंखों का पानी

देर तक मोबाइल या लैपटॉप पर बिना पलक झपकाए काम करने से आंखों से बहने वाला पानी (आंसू) धीरे-धीरे सूखने लगता है।

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Written By: Anshumala | Published : July 30, 2018 6:58 PM IST

आज जिसे देखो घंटों मोबाइल, लैपटॉप, डेस्कटॉप पर अपनी आंखें गड़ाए रहता है। इससे अधिकतर लोगों में आंखों से संबंधित समस्याएं भी परेशान कर रही हैं। इसमें आंखों में जलन, पानी आना, आंखों का चौंधियाना, दर्द होना, थकान महसूस करने जैसी समस्याओं से लोग परेशान हैं। इन सभी समस्याओं के अलावा भी एक समस्या है, जो लोगों में बढ़ती ही जा रही है और वह समस्या है ड्राई आइज। मेट्रो शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरू, दिल्ली आदि में इसके पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

क्या है ड्राई आइज

आंखों का पानी जब सूखने लगता है, तो उसे ड्राई आइज कहा जाता है। दिल्ली के कई हॉस्पिटल में ड्राई आइज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ड्राई आइज की समस्या मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल के कारण होती है। जब कोई लैपटॉप और मोबाइल का इस्तेमाल हद से ज्यादा करता है या फिर एक टक उसमें नजरें गढ़ाए रहता है, तो इससे आंखों पर जोर पड़ता है। ऐसे में आंखों से बहने वाला पानी (आंसू) धीरे-धीरे सूखने लगता है। देर तक मोबाइल का इस्तेमाल करने से आंखों की रेटिना पर भी सीधा असर पड़ता है।

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दरअसल, आंखों में बनने वाला तरल पदार्थ पलक नहीं झपकने से आंखों में फैल नहीं पाता है, जिससे आंखों में सूखापन, भारीपन, सिरदर्द और घबराहट महसूस होती है।

कई बार ड्राई आइज देर तक एसी में बैठने से भी होता है। एसी में देर तक बैठकर कंप्यूटर पर बिना पलकें झपकाए काम करते रहने से आंखों की नमी कम होने लगती है और आंखों का पानी सूखने लगता है।

कितनी बार झपकाएं पलकें

विशेषज्ञों के अनुसार, इंसान को 1 मिनट में लगभग 15 बार अपनी आंखें झपकानी चाहिए। मोबाइल या लैपटॉप पर काम करते या वीडियो देखते हुए यदि आप उसी में डूब जाएंगे, तो पलकें झपकाने का समय ही नहीं मिलेगा। ऐसा करते समय हम एक मिनट में सिर्फ 5 बार ही पलकें झपकाते हैं। इससे भी आंखों का पानी धीरे-धीरे सूखने लगता है। पलक झपकाकर खोलने से आंखों में मौजूद पानी अंदर ही अंदर फैलता है। जब पलकें पर्याप्त झपकती नहीं, तो पानी आंख में फैल नहीं पाता और सूखने लगता है।

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बच्चों में भी बढ़ता खतरा

आजकल बच्चों में भी जिस तरह से मोबाइल और वीडियो गेम की आदत बढ़ती जा रही है, उससे ड्राई आइज की समस्या इनमें भी लगातार बढ़ रही है। अक्सर पेरेंट्स बच्चे को चुप करवाने या फिर उनकी जिद के आगे हार मानकर उन्हें मोबाइल दे देते हैं। बच्चा घंटों फोन में लगा रहता है। इससे उनकी आंखों को काफी नुकसान हो सकता है।

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मोबाइल व कंप्यूटर के बिना काम नहीं चलेगा, तो क्या करें ड्राई आइज से बचने के लिए-

1 कंप्यूटर, मोबाइल, टीवी या टैबलट का इस्तेमाल करें लेकिन बीच-बीच में नजर भी हटाएं। 5 से 10 सेकंड में पलक झपकाएं।

2 आंखों को रगड़ें नहीं वरना आंखों को नुकसान हो सकता है।

3 आंखों में नमी कम महसूस हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह पर लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।

4 कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, तो उसे साफ रखें और हमेशा पहनने से बचें।

5 हेल्दी डायट लें। फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, अंडा, विटामिन ए,  प्रोटीन युक्त चीजों का सेवन अधिक करें।

6 स्वीमिंग करने जाते हैं, तो चश्मा जरूर पहनें। स्विमिंग पूल का पानी आंखों में न जाने पाए, इस बात का ध्यान रखें।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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