डायबिटीज के मरीजों में पाई जाने वाली बहुत ही सामान्‍य बीमारी है ड्राई आई सिंड्रोम, जानिए इसके लक्षण और कारण

डायबिटीज के मरीजों को बहुत ही सतर्क रहने की आवश्यकता होती है, क्योंकि इस रोग में बहुत तरह के खतरे होते हैं, डायबिटीज में Dry Eye Syndrome भी एक प्रकार का रिस्क फैक्टर है.

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Written By: Atul Modi | Updated : August 1, 2022 7:01 AM IST

डायबिटीज (Diabetes) की चुनौती लगातार बढ़ रही है क्योंकि यह सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। इसके शिकार लोग कई अन्य समस्याओं से भी पीड़ित हो जाते हैं। लंबी अवधि में शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होते हैं। डायबिटीज मरीजों में आंखों की कई बीमारियां का कारण भी बन सकती है जैसे कि कैटारेक्ट, तंत्रिका पक्षाघात और ग्लूकोमा। डायबिटीज ड्राई आई सिंड्रोम (Diabetes Dry Eye Syndrome) का भी खतरा बढ़ाती है। विशेषज्ञों की मानें तो 65 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग के डायबिटीज के मरीजों में यह समस्या अधिक पाई जाती है।

डायबिटीज ड्राई आई सिंड्रोम क्‍या है और इसके लक्षण

ड्राई आई सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जब आंसू आंखों को पर्याप्त लुब्रिकेशन नहीं दे पाते हैं। यह स्थिति इसलिए चिंताजनक होती है क्योंकि आंखें बैक्टीरिया के हमले का शिकार बन सकती और कॉर्निया भी प्रभावित हो सकती है। कई ऐसे लक्षण है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए चिंताजनक हो सकते हैं। इन लोगों को आंखों के इन लक्षणों पर नजर रखनी चाहिए।

  • आंखों में जलन
  • आंखें लाल होना व धुंधला दि‍खाई देना
  • फोटोफोबिया
  • च‍िपच‍िपाहट व पानी आना

यह बीमारी बढ़ने के साथ ही सेंसेशन एक सामान्य लक्षण है। दूसरा लक्षण आंखों में टियर फिल्म से संबंधित है। डायबिटीज के ऐसे मरीज जिनमें ड्राई आई सिंड्रोम हो सकता है।

बीमारी बढ़ने से पहले सेंसेशन एक सामान्य लक्षण है। एक और रेड अलर्ट आंखों में टियर फिल्म है। डायबिटीज से संबंधित ड्राई आई सिंड्रोम वाले मरीजों में सिंड्रोम के बढ़ने पर आंखों में टियर फि‍ल्‍म भी एक लक्षण है। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया जाए तो भविष्य में ऐसी स्थितियों से केराटोएपिटेलियोपैथी और केराटाइटिस हो सकता है।

डायबिटीज ड्राई आई सिंड्रोम के कारण 

डायबिटीज के मरीजों में ड्राई आई सिंड्रोम के कुछ प्रमुख कारण है:

  • खून में ग्‍लूकोज की अधिक मात्रा
  • इंसुलिन की कमी और सूजन
  • पेरीफेरल न्यूरोपैथी

जैसा कि पहले कहा गया है कि ट‍ियर फिल्म की शिथिलता ड्राई आई सिंड्रोम के साथ जुड़ी हुई है। यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि डायबिटीज के 10 वर्ष से अधिक के रोगियों में ड्राई आई की समस्‍या की आशंका अधिक होती है। खराब ग्लाइसेमिक नियंत्रण (HbA1c = 8%) वाले रोगियों में ड्राई आई की अधिकता होती है। इसके अलावा, टाइप 2 डायबिटीज वाले रोगियों में यह बढ़ती उम्र के साथ महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा हुआ है।

ऐसे सिंड्रोम के इलाज के लिए, स्वास्थ्य विशेषज्ञ कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स, साइक्लोस्पोरिन ए, टैक्रोलिमस और ऑटोलॉगस ब्लड सीरम आई ड्रॉप्स का विकल्प चुनते हैं। ऐसी स्थितियों में दवाओं से पहले डॉक्टर की सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

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