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डायबिटीज के मरीज सुबह नाश्ते में पिएं ये 1 चीज आपका ब्लड शुगर रहेगा हमेशा कंट्रोल, जानें कौन सी है ये 1 खास चीज

बहुत से लोग सोचते हैं कि दूध डायबिटिक रोगियों के लिए हेल्दी नहीं होता है, लेकिन यह सच नहीं है। मधुमेह रोगियों के लिए किसी भी तरह का दूध फायदेमंद होता है। दूध पोषक तत्वों और खनिजों में समृद्ध होता है, जो हमें स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर आप सुबह नाश्ते में दूध पीते हैं तो दिनभर आपका ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है और आपका शरीर स्वस्थ रहता है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : September 26, 2020 10:42 AM IST

अगर आप एक डायबिटिक पेशेंट हैं तो आपके लिए ब्लड शुगर लेवल को संतुलित बनाए रखना सबसे बड़े चुनौतीपूर्ण कार्यों में से एक है। उन्हें हमेशा अपनी डाइट के बारे में सावधान रहना चाहिए है और अक्सर किसी भी छोटी-मोटी परेशानी से बचने के लिए अपने ब्लड शुगर के स्तर की जांच करते रहनी चाहिए। लेकिन अगर हम आपसे कहें कि आपके लिए अपने ब्लड शुगर के स्तर को प्रबंधित करना आसान हो सकता है? जी हां, ऐसा संभव है और आपको बस अपने नाश्ते के भोजन में इस विशेष पेय को शामिल करना है।

एक अध्ययन के अनुसार, दूध काफी हद तक पूरे दिन आपके ग्लूकोज के स्तर को कम रखने में योगदान देता है।

दूध और ब्लड शुगर लेवल के बीच संबंध

जर्नल ऑफ डेयरी साइंस में वर्ष 2018 में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि नाश्ते में दूध का सेवन करने से पूरे दिन ब्लड शुगर कम रहता है। शोधकर्ताओं ने ब्लड शुगर के स्तर की जांच के लिए नाश्ते में उच्च प्रोटीन वाला दूध पीने और फिर दोपहर में भोजन के बाद के प्रभावों पर ये अध्ययन किया था।

उन्होंने पाया कि नाश्ते में सीरियल को पानी के बजाए दूध के साथ सेवन करने से ब्लड शुगर की मात्रा कम हो जाती है। वहीं दूसरी ओर, अगर आप सामान्य डेयरी प्रोटीन के बजाए हाई डेयरी प्रोटीन लेते हैं तो भी ब्लड ग्लूकोज कंसनट्रेशन कम हो जाती है। अगर आप खाने में हाई प्रोटीन लेते हैं तो भी आपकी भूख भी कम हो जाती है फिर चाहे आपके दिन का दूसरा भोजन लो प्रोटीन वाला ही क्यों न हो।

इस डबल स्टडी में शोधकर्ताओं की टीम ने सुबह नाश्ते में एक कटोरा उच्च कार्ब के साथ दूध में वेट प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से दिनभर ब्लड में ग्लूकोज, तृप्ति स्तर और खाने के पैटर्न पर होने वाले प्रभावों की सावधानीपूर्वक जांच की। उन्होंने देखा कि वेट प्रोटीन और कैसिइन (जो स्वाभाविक रूप से दूध में मौजूद होते हैं) प्रोटीन का पाचन गैस्ट्रिक हार्मोन रिलीज करते हैं, जो पाचन की प्रक्रिया में देरी करते हैं। इससे अपनेआप तृप्ति की भावना बढ़ती है।

कितनी मात्रा में पीना चाहिए दूध

अध्ययन से पता चला कि नाश्ते के दौरान वेट प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से दोपहर के भोजन के दौरान खाने के बीच केवल एक मामूली अंतर था। लेकिन सुबह-सुबह हाई-कार्ब्स फूड के साथ दूध पीने से लंच के बाद भी ब्लड ग्लूकोज कम हो जाता है, जिसमें हाई-प्रोटीन वाले दूध की अहम भूमिका होती है।

यह अध्ययन डायबिटीज रोगी के लिए नाश्ते के समय दूध के महत्व की पुष्टि करता है। यह कार्बोहाइड्रेट को धीमा करने में मदद करता है और पूरे दिन ब्लड शुगर के स्तर को प्रबंधित करना आसान बनाता है।

डायबिटिक के लिए दूध

बहुत से लोग सोचते हैं कि दूध डायबिटिक रोगियों के लिए हेल्दी नहीं होता है, लेकिन यह सच नहीं है। मधुमेह रोगियों के लिए किसी भी तरह का दूध फायदेमंद होता है। दूध पोषक तत्वों और खनिजों में समृद्ध होता है, जो हमें स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जो लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, उनके लिए फुल क्रीम दूध, स्किम मिल्क और अन्य दूध के विकल्प जैसे बादाम और सोया दूध को सबसे अच्छा माना जाता है। दूध में चीनी मिलाने से बचें, इसके बजाय सबसे अच्छे परिणामों के लिए शहद या गुड़ पाउडर का उपयोग करें।