इम्यूनिटी बढ़ाता है काढ़ा, लेकिन रहे सावधान, काढ़े के अधिक सेवन से होते हैं ये नुकसान

शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए भारत के आयुष मंत्रालय ने भी आयुर्वेदिक काढ़ा पीने की सलाह दी है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि काढ़े का बहुत अधिक सेवन सेहत के लिए नुकसान दायक हो सकता है?

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 9, 2020 8:50 PM IST

Side Effects of Kadha: कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए जहां  सोशल डिस्टेंसिंग जैसे तरीके अपनाए जा रहे हैं। वहीं, इम्यूनिटी बढ़ाकर शरीर को इस जानलेवा कोविड-19 इंफेक्शन का सामना करने में सक्षम बनाना भी, इस महामारी के दुष्परिणामों से बचने का एक महत्वपूर्ण उपाय है। आयुर्वेद में लिखी गयी जड़ी-बूटियों से बना  काढ़ा पीना, शरीर की इम्यूनिटी यानि रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिहाज से फायदेमंद माना जाता है। भारत के आयुष मंत्रालय ने भी आयुर्वेदिक काढ़ा पीने की सलाह दी है। इसीलिए, लोग कोविड-19 से सुरक्षित रहने के लिए काढ़े का सेवन कर रहे हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि काढ़े का बहुत अधिक सेवन सेहत के लिए नुकसान दायक हो सकता है? (Side Effects of Kadha in hindi)

क्या हैं ज़्यादा काढ़ा पीने के साइड-इफेक्टस ?

काढ़ा बनाने के लिए आमतौर पर काली मिर्च, सोंठ, इलायची और तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार ये आयुर्वेदिक औषधियां प्राकृतिक होने की वजह से सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं। लेकिन, किसी भी चीज़ का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह भी आयुर्वेद में दी गयी है। बार-बार काढ़ा पीने से इन सभी जड़ी-बूटियों का सेवन भी अधिक मात्रा में होता है। इससे, शरीर के प्रकृति पर असर पड़ता है। जिससे, शरीर में कफ, पित्त और वात का स्तर भी असंतुलित हो जाता है। जैसा कि, आयुर्वेद में प्रकृति दोष के आधार पर इलाज किया जाता है। इसीलिए, यह प्रकृति दोष शरीर के लिए नुकसानदायक माना जाता है।

काढ़े के साइड-इफेक्ट्स  (Side Effects of Kadha)

  • नाक से खून बहना
  • माउथ अल्सर या मुंह के छाले
  • डायजेशन से जुड़ी दिक्कतें जैसे-एसिडिटी, खट्टी डकारें, पेट में भारीपन
  • पेशाब करने में जलन

इस तरह बरतें सावधानी

  • अगर, आपको काढ़ा पीने के बाद किसी तरह की परेशानियां हों तो, सबसे पहले किसी आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से इस बारे में बात करें। बेहतर होगा कि आप काढ़ा बनाने के तरीके और इसके सेवन से जुड़ी सारी जानकारी पहले से ही ले लें।
  • हमेशा विश्वसनीय दुकानों या किसी सर्टिफाइड संस्था से ही औषधियां खरीदें।
  • पित्त दोष वाले लोगों को अदरक या सोंठ, दालचीनी और काली मिर्च जैसी औषधियों का फायदा ज़्यादा होता है। इसीलिए, सीमित मात्रा में आप इसका सेवन कर सकते हैं।
  • अगर आप किसी और ऐसी चीज़ का सेवन नहीं कर रहे जिससे, आपको एलर्जी है और आप काढ़ा पीते हैं। तो, शरीर में किसी भी तरह के बदलाव दिखें तो काढ़े का सेवन कम करते जाएं।
  • अपने डॉक्टर के सम्पर्क में रहें और ताकि, किसी भी प्रकार की परेशानी दिखे तो, तुरंत उसका इलाज किया जा सके।
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