
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 9, 2020 8:50 PM IST
Boosts immunity: Drinking neem tea can boost your body’s immunity against diseases such as common cold and fever. Studies have shown that neem tea is as effective as quinine for treatment of malaria affected cells in the body. You can also find immunity-boosting neem capsules.
Side Effects of Kadha: कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए जहां सोशल डिस्टेंसिंग जैसे तरीके अपनाए जा रहे हैं। वहीं, इम्यूनिटी बढ़ाकर शरीर को इस जानलेवा कोविड-19 इंफेक्शन का सामना करने में सक्षम बनाना भी, इस महामारी के दुष्परिणामों से बचने का एक महत्वपूर्ण उपाय है। आयुर्वेद में लिखी गयी जड़ी-बूटियों से बना काढ़ा पीना, शरीर की इम्यूनिटी यानि रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिहाज से फायदेमंद माना जाता है। भारत के आयुष मंत्रालय ने भी आयुर्वेदिक काढ़ा पीने की सलाह दी है। इसीलिए, लोग कोविड-19 से सुरक्षित रहने के लिए काढ़े का सेवन कर रहे हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि काढ़े का बहुत अधिक सेवन सेहत के लिए नुकसान दायक हो सकता है? (Side Effects of Kadha in hindi)
काढ़ा बनाने के लिए आमतौर पर काली मिर्च, सोंठ, इलायची और तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार ये आयुर्वेदिक औषधियां प्राकृतिक होने की वजह से सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं। लेकिन, किसी भी चीज़ का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह भी आयुर्वेद में दी गयी है। बार-बार काढ़ा पीने से इन सभी जड़ी-बूटियों का सेवन भी अधिक मात्रा में होता है। इससे, शरीर के प्रकृति पर असर पड़ता है। जिससे, शरीर में कफ, पित्त और वात का स्तर भी असंतुलित हो जाता है। जैसा कि, आयुर्वेद में प्रकृति दोष के आधार पर इलाज किया जाता है। इसीलिए, यह प्रकृति दोष शरीर के लिए नुकसानदायक माना जाता है।