
Also Read
कई लोगों को प्रोटीन युक्त चीजें खाने से पेट से जुड़ी समस्याएं होने लगती है और ऐसे लोग ही फिर ग्लूटेन फ्री चीजें खाने के बारे में सोचने लगते हैं। आपको बता दें कि ग्लूटेन सेंसिटिविटी कई वजहों से हो सकती है और यह सेलियक डिजीज (Celiac disease) का एक प्रमुख लक्षण भी है। अगर आप सेलियक डिजीज से पीड़ित हैं तो ग्लूटेन युक्त कुछ भी खाने से आपको तकलीफ हो सकती है। जानी मानी न्यूट्रीशनिस्ट दीपशिखा अग्रवाल यहां बता रही हैं कि अगर आप सेलियक डिजीज से पीड़ित हैं तो कब आपको अपनी जांच डॉक्टर से करवानी चाहिये।
विटामिन बी-12, फोलेट और आयरन की कमी: सेलियक डिजीज के कारण आपके आंतों के अंदुरुनी हिस्से खराब हो जाते हैं जहां विटामिन और आयरन जैसे पोषक तत्व अवशोषित होते हैं। ऐसे में आप कोई भी पौष्टिक चीज खायेंगे तो उसका फायदा आपको नहीं मिलेगा और कुछ ही दिनों बाद आपके शरीर में कई ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी होने लगेगी। इसलिए अगर आपको अपने शरीर में आयरन और फोलेट जैसे तत्वों की कमी के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत जाकर अपना चेकअप करवाएं।
आनुवांशिक कारणों की वजह से : अगर आपके परिवार में पहले से ही कोई सेलियक डिजीज से पीडित है तो इस बात की संभावना काफी बढ़ जाती है कि आपको भी यह समस्या हो जाए। इसलिए बेहतर होगा कि समय रहते आप अपना चेकअप ज़रूर करवा लें।
गैस्ट्रोइन्टेस्टनल समस्याएं : अगर आप बार बार कब्ज़, गैस बनना, पेट फूलना और डायरिया जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं तो इसे अनदेखा न करें। कई बार सेलियक डिजीज के कारण भी ऐसे समस्याएं होने लगती हैं। बेहतर होगा कि हर 3-5 महीनों के अंतराल पर अपने पेट का चेकअप ज़रूर करवाते रहें।
डाइट में बदलाव : अगर आप इस बीमारी से पीड़ित हैं तो यह ज़रूरी है कि आप अपनी डायट का विशेष ध्यान रखें। आपकी डाइट में ग्लूटेन की थोड़ी मात्रा भी आपकी तकलीफें काफी बढ़ा सकती हैं। इससे बचने के लिए ब्रेड, चपाती, पास्ता, बिस्किट जैसी ग्लूटेन युक्त चीजों का सेवन पूरी तरह बंद कर दें साथ ही चावल और आलू जैसे ग्लूटेन फ्री चीजें खाना शुरू कर दें। आज कल बाज़ार में कई चीजें ग्लूटेन फ्री लेबल के साथ बिकनी शुरू हो गयी हैं आप उनका सेवन भी कर सकते हैं।
Read this in English
अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock