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Potty Katne Time Phone Use Kyu Na Kare: आजकल जिसे देखो उठते-बैठते, सोते जागते और खाना खाते व फ्रेश होते समय अपने हाथ में फोन लेकर घूमता है। किसी को पेट साफ करने जाता हो तो वो वहां घंटों बैठकर बस फोन ही चलाता रह जाता है। इस बारे में आपने बहुत सुना होगा कि टॉयलेट में फोन नहीं चलाना चाहिए, क्योंकि अगर आप वहां बैठे-बैठे फोन चलाते हैं तो ये बवासीर के खतरे को बढ़ा सकता है। लेकिन क्या ये सच है? यही जानने के लिए हमने धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल में जीआई ऑन्कोलॉजी सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर नीरज गोयल से बात की।
उन्होंने बताया कि ‘आधुनिक जीवनशैली में मोबाइल फोन का उपयोग हर जगह देखा जा सकता है। लोग शौचालय में भी अपने फोन का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकते। यह आदत लंबे समय तक बैठने की प्रवृत्ति को बढ़ाती है, जो बवासीर (हेमोरॉयड्स) के खतरे को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।’ इसके अलावा डॉक्टर ने पाइल्स क्या है, ये क्यों होता है और इससे जुड़ी अन्य जानकारियां दीं।
बवासीर गुदा और मलाशय की नसों में सूजन या सूजन युक्त गांठ बनने की स्थिति है। यह समस्या तब पैदा होती है जब उन नसों पर लगातार दबाव पड़ता है। आमतौर पर कब्ज, लंबे समय तक बैठना, गर्भावस्था, मोटापा और बार-बार भारी वजन उठाना इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार विश्व की लगभग 4 प्रतिशत वयस्क आबादी कभी न कभी बवासीर की समस्या से प्रभावित होती है। भारत में यह आंकड़ा और अधिक देखा जाता है, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में जहां जीवन शैली अधिक गतिहीन होती जा रही है।
चिकित्सक बताते हैं कि शौचालय पर लंबे समय तक बैठना या जोर लगाना गुदा की नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। यह दबाव रक्त प्रवाह को बाधित करता है और नसों में सूजनको बढ़ावा देता है। लगातार इस स्थिति में रहने से बवासीर की गांठें बन सकती हैं, जो दर्द, रक्तस्राव और असुविधा का कारण बनती हैं।
हाल के वर्षों में कई अध्ययनों ने संकेत दिया है कि मोबाइल फोन के कारण लोग शौचालय में सामान्य से अधिक समय बिताने लगे हैं। 2019 में यूनाइटेड किंगडम में किए गए एक सर्वे में पाया गया कि औसतन लोग शौचालय में 10 से 15 मिनट तक फोन इस्तेमाल करते हैं, जबकि सामान्य रूप से यह प्रक्रिया केवल 3 से 5 मिनट में पूरी हो सकती है। भारत में भी युवाओं और पेशेवरों के बीच यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। चिकित्सकीय दृष्टि से यह अतिरिक्त समय बवासीर के जोखिम को कई गुना बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शौचालय का उपयोग केवल मल त्याग के लिए किया जाना चाहिए। वहां मोबाइल फोन या अन्य गतिविधियों से बचना चाहिए। कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना, आहार में रेशेदार खाद्य पदार्थ शामिल करना और नियमित व्यायाम करना आवश्यक है। यदि मल त्याग के दौरान अत्यधिक कठिनाई या रक्तस्राव दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
शौचालय में समय बिताने के बजाय लोग आराम या जानकारी के लिए अन्य तरीकों को चुन सकते हैं, जैसे पढ़ने के लिए अलग समय निर्धारित करना या दिनभर में फोन देखने की आदत को नियंत्रित करना। इसके अतिरिक्त, दिनचर्या में छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना भी आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
शौचालय में मोबाइल फोन का उपयोग देखने में साधारण आदत लग सकती है, लेकिन इसके गंभीर स्वास्थ्य परिणाम सामने आ सकते हैं। लंबे समय तक बैठना और नसों पर अनावश्यक दबाव डालना बवासीर जैसी जटिल समस्या को जन्म दे सकता है। जागरूकता और स्वस्थ आदतों को अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।