
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr Mannan Gupta
मिसकैरेज के बाद खुद का ख्याल रखना जरूरी है। (Image credit-chatgpt)
मिसकैरेज (गर्भपात) किसी भी महिला के लिए इमोशनल रूप से काफी मुश्किल समय होता है। मिसकैरेज के बाद महिला सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी काफी कमजोर हो जाती है। मिसकैरेज बेशक मुश्किल वक्त हो, लेकिन इस दौर में भी लोग 2 बातें कहने से पीछे नहीं हटते हैं। ऐसे समय में अक्सर यह बात सुनने को मिलती है कि “मिसकैरेज के बाद महिला ज्यादा फर्टाइल हो जाती है, कुछ लोग कहते हैं कि मिसकैरेज के कुछ ही समय के बाद महिलाएं प्रेग्नेंट हो जाती हैं, क्योंकि उनकी फर्टिलिटी पहले से ज्यादा हो जाती है। लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है। आज इस आर्टिकल में हम इन्हीं तथ्यों की जांच करेंगे। इस बारे में ज्यादा जानकारी दे रहे हैं दिल्ली के एलांटिक हेल्थ केयर के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता।
इस विषय पर बात करते हुए डॉ. मनन गुप्ता ने कहा- आसान शब्दों में कहें तो ऐसा कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करे कि मिसकैरेज के बाद महिला की फर्टिलिटी (गर्भधारण करने की क्षमता) पहले से ज्यादा बढ़ जाती है। कई रिसर्च में यह देखा गया है कि मिसकैरेज के बाद कुछ महिलाओं में प्रजनन क्षमता जल्दी सामान्य हो जाती है और वह बहुत ही कम समय में दोबारा से प्रेग्नेंसी कंसीव कर लेती हैं। साथ ही, मिसकैरेज के बाद जल्द गर्भधारण करने वाली महिलाओं में सफल और हेल्दी प्रेग्नेंसी की संभावना कई गुणा ज्यादा हो जाती है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि इसलिए यह कहना ज्यादा सही होगा कि मिसकैरेज के बाद प्रेग्नेंसी कंसीव करने की क्षमता जल्दी वापस आ सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि महिला पहले से अधिक फर्टाइल हो जाती है।
मिसकैरेज महिलाओं को मानसिक रूप से तोड़ने वाला होता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर मौजूद 2022 में प्रकाशित एक स्टडी बताती है कि मिसकैरेज के तीन महीने के भीतर गर्भधारण करने वाली महिलाओं में गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं का जोखिम नहीं बढ़ा। एक बड़े अध्ययन में पाया गया कि जो महिलाएं मिसकैरेज के तीन महीने के भीतर दोबारा गर्भवती हुईं, उनमें प्रेग्नेंसी से जुड़ी परेशानियों का खतरा बिल्कुल भी नहीं बढ़ा। इसके अलावा एक स्टडी में यह भी देखा गया कि मिसकैरेज के बाद छह महीने के भीतर प्रेग्नेंसी कंसीव करने वाली महिलाओं में स्वस्थ बच्चे के जन्म की संभावना अच्छी रही है। हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि इन नतीजों का मतलब यह नहीं है कि महिला की फर्टिलिटी बढ़ गई थी। यह सिर्फ दिखाता है कि शरीर प्रेग्नेंसी कंसीव करने की संभावना को तेजी से बढ़ाता है।
मिसकैरेज के बाद कई महिलाएं जल्दी मां बनने के लिए तैयार हो जाती हैं।
इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. मनन कहते हैं कि ये बात लगभग 2 दशक यानी कि 20 साल पहले कही जाती थी। इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैंः
मिसकैरेज के बाद फर्टिलिटी बढ़ जाती है, यह पूरी तरह सच नहीं है। अभी तक ऐसा कोई रिसर्च सामने नहीं आई है जो यह साबित करे कि मिसकैरेज के बाद महिला पहले से ज्यादा फर्टाइल हो जाती है। लेकिन रिसर्च यह जरूर बताती है कि मिसकैरेज के बाद शरीर जल्दी सामान्य हो सकता है और कई महिलाओं में दोबारा प्रेग्नेंसी कंसीव करने की संभावना अच्छी रहती है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। हर महिला की स्वास्थ्य स्थिति, मेडिकल हिस्ट्री और प्रजनन क्षमता अलग-अलग हो सकती है, इसलिए मिसकैरेज के बाद आपको प्रेग्नेंसी कंसीव करनी है या नहीं, यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है।