क्या वाकई तनाव से बीपी बढ़ता है? जानें डॉक्टर क्या कहते हैं

High BP Kaise Control Kare: क्या यह सच है कि ज्यादा गुस्सा करने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है? आइए डॉक्टर से जानते हैं ऐसा क्यों होता है और हम हाई बीपी को कैसे कंट्रोल कर सकते हैं।

WrittenBy

Written By: Vidya Sharma | Published : January 20, 2026 6:13 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr Parth Nagda

Blood Pressure Or Stress: आपने देखा होगा कि जब कोई गुस्सा करता है तो उसे कहा जाता है 'अरे अपना बीपी हाई क्यों कर रहे हो?' ऐसा कहकर गुस्सा कर रहे व्यक्ति को चुप रहने के लिए कहा जाता है। यानी कि आपके गुस्सा करने का पहला प्रभाव ब्लड प्रेशर पर पड़ता है। अधिक जानकारी के लिए हमने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल के साइकियाट्री कंसल्टेंट डॉक्टर पार्थ नागड़ा से बात की। हमने उनसे पूछा कि 'क्या वाकई तनाव लेने से ब्लड प्रेशर हाई होता है?'

डॉक्टर सवाल का जवाब देते हुए कहते हैं कि 'हां, तनाव का रक्तचाप पर सीधा और मापने योग्य प्रभाव पड़ता है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि कोई एक बार की तनावपूर्ण घटना आपको क्रॉनिक हाई ब्लड प्रेशर नहीं देती। लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव, वह भी दो घटनाओं के बीच पर्याप्त रिकवरी के बिना, मिलकर रक्तचाप पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है।' डॉक्टर ने और भी जानकारी दी, जिसके बारे में आइए हम इस लेख में जानते हैं।

अचानक किसी घटना पर गुस्सा आना

डॉक्टर ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि 'जब हम किसी तनावकारी स्थिति का सामना करते हैं, जैसे ट्रैफिक में दुर्घटना से बच जाना या फ्लाइट, इंटरव्यू, परीक्षा, भाषण, प्रस्तुति आदि से पहले, तो हमारा शरीर 'फाइट-या-फ्लाइट' प्रतिक्रिया को सक्रिय करता है। दिमाग एड्रेनल ग्लैंड को संकेत देता है, जिससे एड्रेनालाईन और कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन रक्त प्रवाह में रिलीज होते हैं।

एड्रेनालाईन और कॉर्टिसोल रिलीज होने से क्या होता है?

डॉक्टर ने बताया कि 'एड्रेनालाईन हृदय की धड़कन तेज करता है और रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है, जिसे वासोकोनस्ट्रिक्शन कहा जाता है। जिससे रक्तचाप में अस्थायी लेकिन तेज़ बढ़ोतरी होती है। वहीं कॉर्टिसोल रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ाता है और प्रतिरक्षा तंत्र की प्रतिक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है। कम समय के लिए यह शरीर की बचाव की प्रक्रिया होती है। जब खतरा टल जाता है, तो शरीर का संतुलन वापस काम करने लगता है और दिल की धड़कन व ब्लड प्रेशर सामान्य स्तरपर आ जाते हैं।

लंबे समय तक बने रहने वाले तनाव की समस्या

डॉक्टर ने बताया कि असल खतरा क्रोनिक तनाव में है। यानी कि अगर हमारी 'फाइट-या-फ्लाइट' प्रतिक्रिया लगातार सक्रिय रहती है, तो ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ऊंचा बना रहता है। समय के साथ यह लगातार दबाव निम्न समस्याएं पैदा कर सकता है। जैसे-

1. रक्त वाहिकाओं को नुकसान- धमनियों की अंदरूनी परत को क्षति पहुंचा सकता है, जिससे वे कठोर हो जाती हैं और प्लाक जमा होने (एथेरोस्क्लेरोसिस) की संभावना बढ़ जाती है।

2. किडनी पर दबाव- लंबे समय तक कॉर्टिसोल बढ़ा रहने से किडनी अधिक सोडियम और पानी रोकती हैं, जिससे रक्त की मात्रा और रक्तचाप बढ़ता है।

3. हृदय पर अतिरिक्त बोझ- संकुचित रक्त वाहिकाओं के खिलाफ लगातार पंप करने से दिल की मांसपेशियां मोटी हो जाती हैं और उनकी कार्यक्षमता कम हो जाती है, जिससे हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।

इनडायरेक्ट जोखिम कारक

तनाव के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने का सबसे बड़ा कारण व्यवहार में होने वाले बदलाव हैं। तनाव में लोग ऐसे कोपिंग व्यवहार अपनाते हैं, जो हाई ब्लड प्रेशर के ज्ञात ट्रिगर हैं। जैसे-

  • अधिक नमक वाले 'कम्फर्ट फूड' का सेवन
  • शराब या निकोटीन का बढ़ा हुआ उपयोग
  • खराब नींद की गुणवत्ता (जो ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है)
  • शारीरिक निष्क्रियता और व्यायाम की कमी

तनाव कम करने के लिए हम क्या कर सकते हैं?

नियंत्रित सांस लेना- धीमी और गहरी सांस लेने से नर्वस सिस्टम शांत होता है और ब्लड प्रेशर कम करने में मदद मिलती है

शारीरिक गतिविधि- नियमित व्यायाम तनाव हार्मोन को कम करने और हृदय को मजबूत बनाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।

माइंडफुलनेस- ध्यान जैसी तकनीकें मस्तिष्क को खतरों को अधिक सटीक रूप से समझने में मदद करती हैं, जिससे अनावश्यक 'फाइट-या-फ्लाइट' प्रतिक्रिया कम होती है।

स्लीप हाइजीन- 7–8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद को प्राथमिकता देना हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, जो स्थिर रक्तचाप के लिए आवश्यक है।

Highlights

  • ज्यादा गुस्सा आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है।
  • गुस्सा करने से एड्रेनालाईन और कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन रक्त प्रवाह में रिलीज होते हैं।
  • धीमी और गहरी सांस लेने से नर्वस सिस्टम शांत होता है और ब्लड प्रेशर कम करने में मदद मिलती है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source