
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. (Col) Anil Dhall
stress and heart disease
Stress and Heart Diseases: क्या आपको अक्सर ही तनाव महसूस होता है? अगर हां, तो आपको जानकर हैरानी होगी कि तनाव में रहने से सिर्फ मानसिक सेहत ही नहीं, शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। तनाव में रहने से हृदय स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। तनाव में रहने से शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है और लंबे समय तक इन हार्मोन का हाई लेवल बीपी-सूजन जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। इससे धमनियों पर भी असर पड़ सकता है। तनाव में रहने से हार्ट रेट भी बढ़ सकता है। आइए, जानते हैं कि तनाव हृदय रोगों के खतरे को कैसे बढ़ाता है?
American Heart Association के अनुसार, लंबे समय तक तनाव में रहने से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं, हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। जैसे-
American Psychological Association के अनुसार, तनाव और हृदय रोगों के बीच में गहरा संबंध होता है। दरअसल, लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इससे हार्ट रेट बढ़ सकता है और हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत हो सकती है। इतना ही नहीं, तनाव और डिप्रेशन की वजह से हृदय की मांसपेशियों में सूजन बढ़ सकती है और रक्तवाहिकाओं पर दबाव पड़ सकता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
शैल्बी इंटरनेशनल हॉस्पिटल, गुरुग्राम के डायरेक्टर एवं कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. (कर्नल) अनिल ढल (सेना मेडल) बताते हैं कि तनाव और हृदय स्वास्थ्य में गहरा संबंध होता है।
डॉ. अनिल ढल बताते हैं कि तनाव सीधे तौर पर दिल को नुकसान नहीं पहुंचाता है, लेकिन इसकी वजह से होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों की वजह से दिल की सेहत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, तनाव सीधे तौर पर हृदय रोग का कारण नहीं बनता है। लेकिन, लंबे समय तक तनाव में रहने से हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।
Disclaimer: तनाव एक आम समस्या है, जिससे आजकल कई लोग जूझ रहे हैं। तनाव में रहने से मानसिक समस्याएं होती हैं, लेकिन यह हृदय रोगों के खतरे को भी बढ़ा सकता है। अगर आप लंबे समय तनाव में रहेंगे, तो इससे दिल से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। बीपी बढ़ सकता है और सूजन भी हो सकती है। अगर आपको तनाव महसूस होता है या बीपी बढ़ता है तो इस संकेत की अनदेखी न करें। इस स्थिति में डॉक्टर से जरूर मिलें और समय पर जांच और इलाज कराएं।