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क्या तनाव में रहने से हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है?

जो लोग लंबे समय तक तनाव में रहते हैं, उनमें हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। इन लोगों में हाई बीपी और धमनियों से जुड़ी समस्याएं देखी जा सकती हैं। इसलिए तनाव से बचना बहुत जरूरी है।

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Written By: Anju Rawat | Updated : July 15, 2026 1:31 PM IST

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Medically Verified By: Dr. (Col) Anil Dhall

Stress and Heart Diseases:  क्या आपको अक्सर ही तनाव महसूस होता है? अगर हां, तो आपको जानकर हैरानी होगी कि तनाव में रहने से सिर्फ मानसिक सेहत ही नहीं, शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। तनाव में रहने से हृदय स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। तनाव में रहने से शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है और लंबे समय तक इन हार्मोन का हाई लेवल बीपी-सूजन जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। इससे धमनियों पर भी असर पड़ सकता है। तनाव में रहने से हार्ट रेट भी बढ़ सकता है। आइए, जानते हैं कि तनाव हृदय रोगों के खतरे को कैसे बढ़ाता है?

लंबे समय तक तनाव में रहने से हृदय रोग हो सकता है?

American Heart Association के अनुसार, लंबे समय तक तनाव में रहने से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं, हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। जैसे-

  • डिप्रेशन या अवसाद की वजह से हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
  • एंग्जाइटी, लगातार चिंता या तनाव में रहने से हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • इसके अलावा, काम के दबाव से भी हृदय स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।

तनाव और हृदय रोग के बीच क्या संबंध है?

American Psychological Association के अनुसार, तनाव और हृदय रोगों के बीच में गहरा संबंध होता है। दरअसल, लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इससे हार्ट रेट बढ़ सकता है और हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत हो सकती है। इतना ही नहीं, तनाव और डिप्रेशन की वजह से हृदय की मांसपेशियों में सूजन बढ़ सकती है और रक्तवाहिकाओं पर दबाव पड़ सकता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।

क्या कहते हैं डॉक्टर?

शैल्बी इंटरनेशनल हॉस्पिटल, गुरुग्राम के डायरेक्टर एवं कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. (कर्नल) अनिल ढल (सेना मेडल) बताते हैं कि तनाव और हृदय स्वास्थ्य में गहरा संबंध होता है।

  1. तनाव में रहने से शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन रिलीज होता है, जिससे बीपी और हार्ट रेट बढ़ जाता है।
  2. तनाव में रहने से दिल की धमनियों पर भी बुरा असर पड़ता है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक तनाव रहता है, तो हाई बीपी दिल की धमनियों को अंदर से नुकसान पहुंचा सकता है।
  3. लंबे समय तक तनाव में रहने सूजन हो सकती है और खून के थक्के बन सकते हैं। इससे हृदय रोग विकसित हो सकते हैं।
  4. जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो वह अनहेल्दी डाइट लेने लगते हैं। लोग ज्यादा नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट वाला खाना खाने लगते हैं। वहीं, कुछ लोग धूम्रपान और शराब का सेवन करने लगते हैं। ये सारी खाने-पीने की चीजें हृदय स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  5. तनाव में रहने से देर रात तक नींद नहीं आती है, जो हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

डॉ. अनिल ढल बताते हैं कि तनाव सीधे तौर पर दिल को नुकसान नहीं पहुंचाता है, लेकिन इसकी वजह से होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों की वजह से दिल की सेहत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, तनाव सीधे तौर पर हृदय रोग का कारण नहीं बनता है। लेकिन, लंबे समय तक तनाव में रहने से हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।

Disclaimer: तनाव एक आम समस्या है, जिससे आजकल कई लोग जूझ रहे हैं। तनाव में रहने से मानसिक समस्याएं होती हैं, लेकिन यह हृदय रोगों के खतरे को भी बढ़ा सकता है। अगर आप लंबे समय तनाव में रहेंगे, तो इससे दिल से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। बीपी बढ़ सकता है और सूजन भी हो सकती है। अगर आपको तनाव महसूस होता है या बीपी बढ़ता है तो इस संकेत की अनदेखी न करें। इस स्थिति में डॉक्टर से जरूर मिलें और समय पर जांच और इलाज कराएं।