
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : October 12, 2025 7:46 PM IST
Medically Verified By: dr. vaishali zamre
आज की तेज-रफ्तार जिंदगी में तनाव (Stress) लोगों के जीवन का एक आम हिस्सा बन चुका है। काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, आर्थिक चुनौतियां और बदलती जीवनशैली ने मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला है। तनाव न केवल मानसिक रूप से थकान लाता है बल्कि लंबे समय तक रहने पर यह शरीर में कई बीमारियों को जन्म दे सकता है। कई बार महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है- क्या तनाव लेने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है (Kya Tanav Ke karan Breast Cancer Hota hai)?
इस लेख में हरियाणा के सोनीपत स्थित एंडोमेड्रा अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. वैशाली जामरे से विस्तार से समझेंगे कि तनाव और Breast cancer के बीच क्या संबंध है।
Breast cancer यानी स्तन कैंसर एक ऐसी स्थिति है जिसमें स्तन की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर (गांठ) का रूप ले लेती हैं। अगर समय रहते इस कैंसर का पता न चले तो यह शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन और अन्य कैंसर रिसर्च सेंटर द्वारा की गई स्टडी में ये बात सामने आई है कि तनाव का सीधा संबंध ब्रेस्ट कैंसर से नहीं है, जबकि कुछ में यह दिखा कि तनाव जोखिम को बढ़ा सकता है। National Cancer Institute की रिपोर्ट के अनुसार, तनाव अकेले कैंसर का कारण नहीं बनता, लेकिन यह इम्यून सिस्टम को कमजोर कर कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने में अप्रत्यक्ष भूमिका निभा सकता है।
इस विषय पर हमने डॉ. वैशाली जामरे से बात की है, तो उन्होंने हमें बताया कि ब्रेस्ट कैंसर का सीधे तनाव से किसी प्रकार का कोई कनेक्शन नहीं है। लेकिन कुछ तनाव और ब्रेस्ट कैंसर के बीच अप्रत्यक्ष संबंध हो सकते हैं। जिसके कारण हैं।
1. इम्यून सिस्टम की कमजोरी - लंबे समय तक तनाव रहने से इम्यून सिस्टम शरीर में कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में कमजो हो जाती हैं।
2. हार्मोनल असंतुलन - तनाव से महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर प्रभावित होता है, जिससे ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ सकती है।
3. जीवनशैली में गिरावट - तनावग्रस्त लोग अक्सर नींद न लेना, जंक फूड खाना, एक्सरसाइज न करना जैसी आदतें अपनाते हैं जो कैंसर के खतरे को बढ़ाती हैं।
4. धूम्रपान और शराब की लत - कई बार तनाव के कारण लोग इन चीजों की ओर झुक जाते हैं, जिससे कैंसर का खतरा और बढ़ जाता है।
कई बार लोग शारीरिक स्वास्थ्य पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी है। लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव शरीर में कैंसर के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर सकता है, इसलिए इसे हल्के में न लें। यदि आप लगातार तनाव, चिंता या डिप्रेशन महसूस कर रही हैं तो मनोचिकित्सक से संपर्क करना बिल्कुल सामान्य कदम है।