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शुरुआत से ही कोरोना वायरस (Covid-19) संक्रमण के साथ धूम्रपान (सिगरेट, बीड़ी, तम्बाकू युक्त पान मसाला या गुटका) का संबंध काफी विवादास्पद रहा है। चीन और यूरोप के शुरुआती अध्ययनों से पता चलता है कि धूम्रपान करने वालों में कोरोना वायरस संक्रमण (Smoking and Covid-19) का प्रसार कम है साथ ही यह भी कहा गया है कि कोरोना के प्रभाव के खिलाफ धूम्रपान सुरक्षा प्रदान करता है। हालांकि बाद के विश्लेषण में उन अध्ययनों में गंभीर खामियां दिखाईं और फिर उसके बाद के नए अध्ययन से पता चलता है कि धूम्रपान करने वालों का वास्तव में कोरोना संक्रमण के बाद काफी बुरा प्रभाव दिखता है।
जैसा कि हम सब जानते हैं कि कोरोना वायरस मुख्य रूप से हमारे फेफड़ों (Lungs) को प्रभावित करता है और धूम्रपान भी फेफड़ों को ही नुकसान पहुंचाता है। दुनिया भर में की गई रिसर्च से पता चलता है कि धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में कोरोना वायरस संक्रमण के बाद फेफड़ों में गंभीर जटिलताएं देखने को मिल सकती हैं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी साल 2021 के शुरुआत में एक साइंटिफिक ब्रीफ जारी किया था कि धूम्रपान करने वालों को गंभीर बीमारी विकसित होने और कोरोना वायरस से मृत्यु होने का खतरा अधिक होता है।
धूम्रपान के इस नकारात्मक प्रभाव के निष्कर्षों को देखते हुए बहुत ज्यादा आश्चर्य नहीं होना चाहिए, क्योंकि धूम्रपान करने वालों को पारंपरिक रूप से संक्रमणों के लिए अधिक संवेदनशील माना जाता है खासकर फ्लू, निमोनिया और टीबी जैसे श्वसन संक्रमण।
डॉ. तिलक सुवर्णा (सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट-मुंबई) के अनुसार, तंबाकू या सिगरेट के धुए में जहरीले रसायन होते हैं, जो वायु मार्ग और फेफड़ों के लेयर को नुकसान पहुंचाते हैं। तंबाकू के धुएं में मौजूद रसायन विभिन्न प्रकार की इम्यून सेल की कोशिकाओं की गतिविधि को दबा देते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी कम हो जाती है।
धूम्रपान और कोरोना संक्रमण का एक दूसरा पहलू यह भी है कि धूम्रपान के दौरान उंगलियां और संभवत: दूषित सिगरेट होठों के संपर्क में आती हैं, इस प्रकार हाथ से वायरस मुंह में फैल सकता है। इसके अलावा चबाने वाले तंबाकू उत्पादों को आमतौर पर सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से जोड़ा जाता है, जो लाल की बूंदों के माध्यम से कोविड के संचरण या फैलाव के खतरे को भी बढ़ाते हैं।
इसके अलावा धूम्रपान करने वालों में हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर, फेफड़ों की बीमारी और डायबिटीज होने की संभावना अधिक होती है। यह सभी बीमारी कोरोना प्रभावित रोगियों में पाए जाने पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। हाल के आंकड़ों में देखा गया है कि इस प्रकार के रोग से ग्रसित कोविड संक्रमित व्यक्तियों के मृत्यु होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए महत्वपूर्ण है कि धूम्रपान करने वालों को इस बुरी लत को छोड़ देना चाहिए।
कोरोना महामारी धूम्रपान छोड़ने का एक अच्छा बहाना हो सकता है यहां मैं आपको कुछ ऐसे आसान टिप्स बता रहे हैं जिसके माध्यम से आप तंबाकू का सेवन छोड़ सकते हैं:
(Inputs: Dr. Tilak Suvarna, Senior Interventional Cardiologist, Asian Heart Institute-Mumbai.)